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दीनानगर आतंकी हमला: SSP की बचाने वाले इंस्पेक्टर बलबीर बनेंगे DSP, हाईकोर्ट का आदेश, सरकार ने रोकी थी प्रमोशन
Mon, 11 Aug 2025 08:39 PM IST
अंकेश ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Mon, 11 Aug 2025 08:39 PM IST
सार
वर्ष 2015 में पंजाब के गुरदासपुर के दीनागर आंतकी हमले में घायल हुए इंस्पेक्टर बलबीर सिंह डीएसपी बनाया जाएगा। हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को यह आदेश दिया है। इंस्पेक्टर बलबीर सिंह ने आतंकी हमले में एसएसपी की जान बचाई थी।
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high court
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को आदेश दिया है कि 2015 के दीनानगर आतंकी हमले में घायल हुए पंजाब पुलिस के विशेष संचालन प्रकोष्ठ के इंस्पेक्टर बलबीर सिंह को डीएसपी पद पर पदोन्नत किया जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि उन्हें यह पदोन्नति बिना किसी वित्तीय लाभ के दी जाएगी।
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अदालत ने अपने आदेश में कहा कि 27 जुलाई, 2015 को गुरदासपुर के दीनानगर पुलिस स्टेशन पर हुए आतंकी हमले में बलबीर सिंह ने एसएसपी की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई थी और आतंकियों की एके-47 से चली गोलियों से गंभीर रूप से घायल हुए थे। उन्हें अमृतसर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उनकी सर्जरी हुई। इस घटना के बाद राज्य सरकार ने घायल पुलिसकर्मियों को अगली रैंक पर पदोन्नत करने और शहीदों के परिजनों को नौकरी देने की घोषणा की थी।
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बलबीर सिंह ने 1992 में एएसआई के रूप में सेवा शुरू की और 2011 में इंस्पेक्टर बने। उनको स्वतंत्रता दिवस पर मेडल, डीजीपी पराक्रम पदक और 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई थी लेकिन राज्य सरकार ने उन्हें डीएसपी पद पर पदोन्नति देने से यह कहते हुए मना कर दिया कि उन्हें पहले ही राष्ट्रपति पुलिस पदक मिल चुका है। इस कारण वे पदोन्नति के पात्र नहीं हैं।
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फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
सरकार के इस फैसले पर बलबीर सिंह ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने दलील दी कि सरकार ने एक अन्य इंस्पेक्टर बिक्रमजीत सिंह बराड़ को डीएसपी पद पर पदोन्नत किया जिन्हें भी राष्ट्रपति पुलिस पदक मिला था। बराड़ ने 25 जनवरी 2018 को कुख्यात गैंगस्टर विक्की गौंडर का एनकाउंटर किया था और उन्हें मंत्रिमंडल के निर्णय के आधार पर पदोन्नति दी गई थी।
विशेष परिस्थितियों में नियमों में ढील देने का अधिकार
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि यदि बराड़ जैसे समान स्थिति वाले अधिकारी को पदोन्नति दी जा सकती है तो बलबीर सिंह को वंचित रखना अनुचित है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि 1959 के नियमों के अनुसार सरकार के पास विशेष परिस्थितियों में नियमों में ढील देने का अधिकार है और इस मामले में मंत्रिमंडल का पूर्व निर्णय बलबीर सिंह पर भी लागू होता है। अंततः हाईकोर्ट ने बलबीर सिंह की याचिका स्वीकार करते हुए पंजाब सरकार को आदेश दिया कि उन्हें इंस्पेक्टर से डीएसपी पद पर पदोन्नत किया जाए।
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