Punjab: हाईकोर्ट से भारत भूषण आशु को बड़ी राहत, टेंडर घोटाले में मिली बेल, सभी FIR भी होंगी रद्द
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने टेंडर अनियमितता घोटाले में पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु को जमानत दे दी है।
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टेंडर घोटाले में फंसे पंजाब के पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए भ्रष्टाचार मामले में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने का आदेश दिया है। साथ ही ईडी से जुड़े मामले में भी उन्हें जमानत दे दी है।
याचिका दाखिल करते हुए आशु ने हाईकोर्ट को बताया था कि एक ही मामले को लेकर 16 अगस्त, 2022 और फिर बाद में 22 सितंबर, 2022 को विजिलेंस ने दो एफआईआर दर्ज की थी। ऐसा करना कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में हुए करोड़ों के ट्रांसपोर्टेशन टेंडर घोटाले में विजिलेंस ने उनके खिलाफ ये मामले दर्ज किए थे। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। बाद में निचली अदालत से जमानत याचिका खारिज होने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली थी।
हाईकोर्ट ने आशु को जमानत दे दी थी। आशु पर दो हजार करोड़ रुपये के टेडरों में घोटाला करने का आरोप है। ठेकेदार यूनियन के आरोप के बाद राज्य विजिलेंस ने जांच एसएसपी स्तर के अधिकारी को सौंपी थी। याची ने इस मामले में लगे आरोपों को खारिज कर दिया था और कहा था कि पूर्व मंत्रियों को साजिश के तहत भ्रष्टाचार के झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है।
वहीं उनको जमानत मिलने से समर्थक काफी खुश हैं। आशु के घर पर जश्न का माहौल रहा। लोग नाचे और लड्डू बांटे गए। सभी लोग वार्ड 60 से कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व मंत्री आशु की पत्नी ममता आशु से मिलकर उनका मुंह मीठा करवाते रहे। ममता ने कहा कि सत्य की जीत हुई है। सत्य कुछ समय के लिए परेशान जरूर होता है लेकिन हारता कभी नहीं। बताया जा रहा है कि अभी पूर्व मंत्री आशु को जेल से बाहर आने में समय लग सकता है। अगले एक या दो दिन में पूर्व मंत्री जेल से बाहर होंगे।