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पत्नी को सबक सिखाने का दांव पड़ा उल्टा: बेसमेंट में जिम के खिलाफ दायर की जनहित याचिका, कोर्ट ने ठोका जुर्माना

Fri, 04 Jul 2025 08:38 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 04 Jul 2025 08:38 AM IST
सार

याची ने हाईकोर्ट में बताया कि बेसमेंट में कामर्शियल गतिविधि की शिकायत देने के बाद उस पर केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस ने हाईकोर्ट को जो जानकारी दी,  उसके बाद कोर्ट ने याची पर जुर्माना ठोक दिया।

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High Court dismissed petition imposing fine raising personal matters through PIL
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पत्नी के चाचा का बेसमेंट में मौजूद जिम बंद करवाकर सबक सिखाने की सनक में जनहित याचिका दाखिल करना पति को भारी पड़ गया। निजी मामलों को जनहित याचिका के माध्यम से उठाने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए याचिका को खारिज कर दिया।

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याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया गया कि नियमों के अनुसार बेसमेंट में कॉमर्शियल गतिविधियों की मनाही है। इसके बावजूद पंजाब में बेसमेंट में कॉमर्शियल गतिविधियां जारी हैं। इससे लोगों की जान को हमेशा खतरा बना रहता है। 
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याची ने बताया कि बेसमेंट का इस्तेमाल केवल गोदाम या पार्किंग के लिए ही किया जा सकता है। इसको लेकर शिकायत देने के बाद याची पर केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया।

पत्नी से चल रहा था विवाद

सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने बताया कि याची का पत्नी से विवाद चल रहा है। इस मामले में याची के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था। उसी के तहत याची को गिरफ्तार किया गया था। साथ ही यह भी बताया कि याची की पत्नी के चाचा का जिम बेसमेंट में चल रहा है। याची ने अपनी पत्नी को परेशान करने के उद्देश्य से यह जनहित याचिका दाखिल की है। 

इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि लोगों के आपसी विवाद के लिए जनहित याचिका का दुरुपयोग करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। अब याची को इस दुरुपयोग के लिए 25 हजार का जुर्माना भरना होगा। कोर्ट ने जुर्माने की राशि पीजीआई पुअर पेशेंट फंड में जमा करवाने का आदेश दिया है।

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