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Punjab: वित्तमंत्री चीमा बोले- बेअदबी कानून बनाने का विधेयक कमेटी को भेजा, हफ्ते भर में चुने जाएंगे सदस्य
Wed, 16 Jul 2025 07:04 PM IST
अंकेश ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Wed, 16 Jul 2025 07:04 PM IST
सार
पंजाब के वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि इस बार विधानसभा सत्र को दो दिन बढ़ा दिया गया, जिससे महत्वपूर्ण विधेयकों पर गहराई से चर्चा हो सकी और विपक्ष को भी सार्थक योगदान देने का अवसर प्राप्त हुआ।
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वित्तमंत्री हरपाल चीमा
- फोटो : ANI
विस्तार
पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में बेअदबी पर कानून बनाने को लेकर लाए गए विधेयक को सिलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाएगा। वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार को बताया कि सिलेक्ट कमेटी में कौन लोग सदस्य होंगे, इस पर विधानसभा स्पीकर और सरकार की तरफ से राजनीतिक पार्टियों के नुमाइंदों के नाम सुझाए जाएंगे।
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सिलेक्ट कमेटी में सभी दलों के नुमाइंदों के अलावा धार्मिक संगठनों व संस्थाओं के प्रमुख और धर्म से जुड़े माहिरों को नियम व कानून बनाने के लिए कमेटी में शामिल किया जाएगा। सरकार ने विशेष सत्र में कई अहम विधेयक लाकर राज्य के मुद्दों को हल करने का अहम कदम उठाया। चाहे फिर वह राज्य के बांध पर सीआईएसएफ तैनात करने या फिर शिक्षा के नए संसाधनों के लिए प्राइवेट यूनिवर्सिटी पर लाए गए विधेयक मंजूर करने की बात हो।
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चीमा ने बताया कि इस बार विधानसभा सत्र को दो दिन बढ़ा दिया गया, जिससे महत्वपूर्ण विधेयकों पर गहराई से चर्चा हो सकी और विपक्ष को भी सार्थक योगदान देने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने विशेष रूप से धार्मिक ग्रंथों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम विधेयक 2025 का उल्लेख किया, जिसे विस्तृत चर्चा के बाद सर्वसम्मति से सिलेक्ट कमेटी को भेजा गया। यह विधेयक राज्य सरकार की सभी धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी को रोकने के लिए एक सशक्त कानून बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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वित्त मंत्री ने सत्र के दूसरे दिन जल संसाधन मंत्री बरिंदर गोयल की ओर से प्रस्तुत एक प्रस्ताव के सर्वसम्मति से पारित होने का भी उल्लेख किया जिसमें बीबीएमबी संस्थानों में सीआईएसएफ की तैनाती का विरोध किया गया था। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने 2021 में बीबीएमबी में सीआईएसएफ सुरक्षा के लिए सहमति दे दी थी और यह कदम केंद्र तथा हरियाणा की भाजपा सरकारों द्वारा कांग्रेस की मिलीभगत से पंजाब के विरुद्ध रची गई एक साजिश माना गया। वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि पिछले 70 वर्षों से पंजाब पुलिस ने सख्त सुरक्षा प्रदान की है और कभी भी सुरक्षा से समझौता नहीं किया गया।
इन मुद्दों पर भी विपक्ष ने सरकार का साथ दिया
चीमा ने कहा कि विशेष सत्र में विपक्षी दलों ने भी सरकार के अहम विधेयकों पर सहमति दी। इसमें रयात बाहरा प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, होशियारपुर विधेयक-2025 और सीजीसी यूनिवर्सिटी मोहाली विधेयक-2025 जिसका उद्देश्य राज्य के शैक्षणिक ढांचे को सुदृढ़ करना है, को भी विपक्ष द्वारा सर्वसम्मति से समर्थन प्राप्त हुआ। पंजाब दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान विधेयक 2025 में 1958 के बाद पहली बार संशोधित हुआ। पंजाब दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान अधिनियम 1958 खासकर छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत प्रदान करते हुए लंबे समय से चल रहे इंस्पेक्टर राज का अंत करेगा। इसके अलावा पंजाब राज्य विकास कर (संशोधन) विधेयक 2025 के जरिये वार्षिक एकमुश्त भुगतान चुनने वालों को 200 रुपये की छूट प्रदान करने और युद्ध नशे के विरुद्ध पर भी विपक्ष का सहयोग मिला।