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पठानकोट से ग्राउंड रिपोर्ट: युद्ध से उबरे ही थे कि बाढ़ ने घेर लिया, घरों में छह फीट तक पानी; कब लाैट पाएंगे
Sat, 30 Aug 2025 11:27 AM IST
निवेदिता वर्मा
सूरज प्रकाश, संवाद, पठानकोट (पंजाब)
सूरज प्रकाश, संवाद, पठानकोट (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 30 Aug 2025 11:27 AM IST
सार
पंजाब में सेना, सरकार और जिम्मेदार प्रशासन हर जरूरतमंद की मदद कर रहा है लेकिन बाढ़ की विभीषिका इतनी ज्यादा है कि अभी भी हर जगह से मदद की गुहार लगा रही है। अमर उजाला अपने नेटवर्क के माध्यम से पंजाब के बाढ़ग्रस्त इलाके में जाकर उनको परेशानी समझ रहा है ताकि उनकी आवाज जिम्मेदारों तक और जल्दी पहुंचे जिससे उनको मदद मिल सके।
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- फोटो : संवाद
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विस्तार
भारत-पाकिस्तान के बीच पनपे युद्ध जैसे हालात के बाद बॉर्डर इलाके के लोगों की जिंदगी सामान्य होने लगी थीं। जो लोग उसे दौरान अपने गांव और घरों को छोड़कर दूर शहरों में चले गए थे, वह सब वापस आ गए थे। जिंदगी को नए ढर्रे पर चलाने की कोशिश में सब कुछ दुरुस्त होने लगा था कि बाढ़ में एक बार फिर सबको बर्बाद कर दिया।
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पंजाब के सैकड़ों गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। हजारों हजार लोग या तो बाढ़ में फंस गए या फिर बेघर हो गए। लाखों एकड़ में फसलें बर्बाद हो गईं। बच्चों की पढ़ाई ठप हो गई। खेती किसानी बंद हो गई। जो थोड़े बहुत गांव के लोग धंधा पानी करते थे वो भी चौपट हो गया।
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