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पंजाब में गेहूं खरीद शुरू: सरकार फिर तैयार नहीं... इतने लाख मीट्रिक टन खुले में होगा स्टोर; किसान परेशान

Tue, 01 Apr 2025 11:18 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 01 Apr 2025 11:18 AM IST
सार

राज्य में इस समय कुल 174 लाख मीट्रिक टन भंडारण की क्षमता है, लेकिन करीब 60 प्रतिशत जगह पहले से ही फुल है।

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Government purchase of wheat begins in Punjab wheat in open
गेहूं की सरकारी खरीद शुरू - फोटो : संवाद

विस्तार

पंजाब में मंगलवार को गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो गई है। स्टोरेज संकट के चलते पंजाब सरकार को 50 लाख मीट्रिक टन गेहूं को खुले में स्टोर करना होगा। इसके लिए 30 स्थानों पर अस्थायी व्यवस्था की जा रही है। 

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इसके अलावा 35 लाख मीट्रिक टन गेहूं की स्टोरेज के लिए सरकार राइस मिलरों से जगह लेने की तैयारी कर रही है। इसी तरह राज्य ने केंद्र सरकार से भी अपील की है कि 20 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उठान सीधे खेत से किया जाए, ताकि राज्य में आगे स्टोरेज की समस्या पैदा न हो।
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सरकार का अनुमान है कि रबी सीजन के तहत 124 लाख मीट्रिक टन गेहूं मंडियों में आएगा। गई स्थानों पर गेहूं में नमी अब भी बनी हुई है, जिसके चलते अगले कुछ दिनों में फिलहाल धीमी गति से ही मंडियों में गेहूं की आमद होगी। राज्य में साढ़े सात लाख मीट्रिक टन गेहूं के लिए कवर्ड एरिया प्लिंथ तैयार किए जा रहे हैं। 

तरनतारन में सरकार 40 हजार मीट्रिक टन की स्टोरेज की व्यवस्था कर रही है। राज्य की चार एजेंसियों के पास पहले से कवर्ड एरिया प्लिंथ की व्यवस्था है, जहां 50 लाख मीट्रिक टन गेहूं स्टोर किया जाएगा। इसके अलावा राज्य में 18 लाख मीट्रिक टन की क्षमता के गोदाम भी हैं।


इस सब के बावजूद स्टोरेज की किल्लत होने वाली है, क्योंकि खरीफ सीजन का धान अब भी गोदामों में पड़ा है, जिसका उठान नहीं हो पाया है। राज्य में इस समय कुल 174 लाख मीट्रिक टन भंडारण की क्षमता है, लेकिन करीब 60 प्रतिशत जगह पहले से ही फुल है। मिलिंग के बाद खरीफ सीजन का 110 लाख मीट्रिक टन चावल आने का अनुमान है। चावल को खराब होने से बचाने के लिए गोदामों में ही स्टोर करने की तैयारी की जा रही है। यही कारण है कि गेहूं को खुले में ही स्टोर किया जाएगा। फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) स्टोरेज की कमी को पूरा करने के लिए 14 से 15 लाख टन चावल व गेहूं का उठान रोज करने का दावा कर रहा है।

धान सीजन में भी करना पड़ा था स्टोरेज संकट का सामना

खरीफ सीजन के दौरान भी किसानों को स्टोरेज संकट का सामना करना पड़ा था। इस दौरान मिलरों ने धान का उठान बंद कर दिया था, जिसके चलते मंडियों में गेहूं के ढेर लग गए थे। इस कारण किसानों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। पंजाब सरकार ने मिलरों की केंद्र सरकार के साथ बैठकें करवाई थीं और स्टोरेज क्षमता के समाधान का आश्वासन दिया था, जिसके बाद ही मिलरों ने धान का उठान शुरू किया था। अभी तक स्टोरेज की समस्या हल नहीं हुई है, क्योंकि फिलहाल पिछले सीजन की धान की ही उठान प्रक्रिया चल रही है। सरकार इतने अंतराल में स्टोरेज की अतिरिक्त व्यवस्था नहीं कर पाई।

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