पंजाब में बदला ट्रेंड: सिलाई-कढ़ाई के पारंपरिक कोर्स छोड़ा, अब डीजल मैकेनिक और इलेक्ट्रिशियन बन रहीं बेटियां
तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग 137 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में वर्ष 2025-26 शैक्षणिक सत्र से एक हजार सीटों के साथ डीजल मैकेनिक व इलेक्ट्रिशियन से संबंधित नए कोर्स शुरू करने जा रहा है। पंजाब सरकार ने इसे हरी झंडी दे दी है।
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पंजाब की बेटियां अब सिर्फ सिलाई तकनीक व ड्रेस मेकिंग जैसे कोर्स तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे लड़कों की तरह अब इंजीनियरिंग ट्रेड के कोर्सों में दिलचस्पी दिखा रही हैं और बड़ी कंपनियों में डीजल मैकेनिक व इलेक्ट्रिशियन बन रही हैं। मल्टी नेशनल कंपनियां भी इन ट्रेड में नौकरी के लिए लड़कियों को प्राथमिकता दे रही हैं।
यही कारण है कि तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग 137 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में वर्ष 2025-26 शैक्षणिक सत्र से एक हजार सीटों के साथ डीजल मैकेनिक व इलेक्ट्रिशियन से संबंधित नए कोर्स शुरू करने जा रहा है। पंजाब सरकार ने इसे हरी झंडी दे दी है।
लैंगिक समानता व महिला सशक्तीकरण के लिए अहम
इससे पहले वर्ष 2024-25 शैक्षणिक सत्र में विभाग ने मोहाली और कपूरथला आईटीआई में ये कोर्स शुरू किए थे, जिसके लिए विभाग को काफी अच्छा रिस्पांस मिला था। इन दोनों आईटीआई में डीजल मैकेनिक और इलेक्ट्रिशियन कोर्स की 100 प्रतिशत सीटें फुल रही थीं। इसके बाद ही विभाग ने अपने सभी आईटीआई में इन कोर्स को शुरू करने का फैसला लिया था। विभाग के अनुसार लैंगिक समानता व महिला सशक्तीकरण के लिए भी यह अहम है।
इससे पहले विभाग लड़कों के लिए ही इस तरह के कोर्स चलाता था। विभाग ने आईटीसी लिमिटेड के सहयोग से कपूरथला में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यह कोर्स शुरू किया था, जबकि मोहाली आईटीआई में स्वराज लिमिटेड के सहयोग से यह कोर्स शुरू किया गया। विभाग डाइकिन एयर कंडीशनिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड, आईटीसी लिमिटेड, सीमेंस फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और टाटा स्टील फाउंडेशन के साथ भी काम कर रहा है, ताकि इंजीनियरिंग ट्रेड में नए कोर्स शुरू किए जा सकें। इससे आईटीआई में कंपनियों की जरूरत मुताबिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान किया जा सकेगा। साथ ही विद्यार्थियों को बेहतर ट्रेनिंग मिल सकेगी। उनकी इंटर्नशिप और प्लेसमेंट में भी कंपनियों की मदद मिल सकेगी।