फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Chandigarh-Punjab News ›   girls hostel built in every district five working women hostels are being constructed in Punjab

बजट 2026: हर जिले में बनेगा गर्ल हॉस्टल, पंजाब में बन रहे पांच, CM मान बोले- उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा बजट

Sun, 01 Feb 2026 04:40 PM IST
अंकेश ठाकुर राजिंद्र शर्मा, चंडीगढ़
राजिंद्र शर्मा, चंडीगढ़ Published by: अंकेश ठाकुर Updated Sun, 01 Feb 2026 04:40 PM IST
सार

पंजाब सरकार प्रदेश में मोहाली, जालंधर और अमृतसर में लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से 5 कामकाजी महिला हॉस्टल बनाने पर काम कर रही है, जिनका निर्माण दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

विज्ञापन
girls hostel built in every district five working women hostels are being constructed in Punjab
लोकसभा में बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण - फोटो : ANI

विस्तार

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट पेश किया, जिसमें घर से दूर शिक्षा प्राप्त कर रही छात्राओं के लिए बड़ा एलान किया गया है। उन्होंने घोषणा की है कि उच्च शिक्षा के विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित से जुड़े संस्थानों में लंबे समय तक अध्ययन और प्रयोगशाला कार्य लड़कियों के लिए कुछ चुनौतियां पैदा करते हैं। पूंजी सहायता के माध्यम से प्रत्येक जिले में 1 लड़कियों का हॉस्टल स्थापित किया जाएगा। पंजाब को इससे काफी फायदा होगा क्योंकि प्रदेश में बड़ी संख्या में लड़कियां घर से दूर विज्ञान, प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही हैं। इससे पहले पंजाब सरकार प्रदेश में मोहाली, जालंधर और अमृतसर में लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से 5 कामकाजी महिला हॉस्टल बनाने पर काम कर रही है, जिनका निर्माण दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। यह कदम उन हजारों महिलाओं के लिए वरदान साबित होगा जो बेहतर करियर की तलाश में अपने घरों से दूर शहरों में काम करती है।

विज्ञापन


नए हॉस्टलों में आधुनिक सुविधाओं का खास ख्याल रखा जाएगा। इनमें 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, वाई-फाई, जिम, लाइब्रेरी, कॉमन रूम और मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध होंगी। हर हॉस्टल में 150 से 200 महिलाओं के रहने की व्यवस्था होगी जिससे करीब 800 से 1000 महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
विज्ञापन


पंजाबियों से सौतेला व्यवहार- मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा केंद्र सरकार का बजट एक बार फिर पंजाब की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। इस बजट में ना किसानों के लिए एमएसपी पर कोई ठोस घोषणा की गई और ना ही युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों या उद्योग एवं टैक्स में किसी तरह की राहत दी गई। पंजाब की आर्थिक मजबूती के लिए इस बजट में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। हर बार की तरह इस बार भी पंजाब और पंजाबियों के साथ सौतेला व्यवहार किया गया। पंजाब के लोग मेहनती और उत्साही हैं। हम सब मिलकर पंजाब को दोबारा मजबूती से अपने पैरों पर खड़ा करके ही रहेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन




जिलों अस्पतालों में आपातकालीन और ट्रामा केयर सेंटर सेवाएं होगी मजबूत 
इसके साथ ही बजट में जिला अस्पतालों में आपातकालीन और ट्रामा केयर सेंटर स्थापित करके इन क्षमताओं को 50% तक मजबूत मजबूत करने और बढ़ाने का फैसला लिया गया है। प्रदेश में 21 जिला अस्पताल है जिससे इन सभी अस्पतालों में आपातकालीन सेवाओं में विस्तार किया जाएगा। साथ ही सब डिविजनल अस्पतालों को भी स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अपग्रेड किया जा रहा है। 

कैंसर की दवाओं के रेट होंगे कम 
केंद्र ने बजट में कैंसर पीड़ितों को विशेष रूप से राहत प्रदान करने के लिए 17 दवाओं पर मूल कस्टम शुल्क से छूट देने का फैसला लिया है। पंजाब में मालवा बेल्ट कैंसर से बुरी तरह से प्रभावित है। इससे कैंसर मरीजों पर इलाज का बड़ा बोझ कम होगा क्योंकि कैंसर का इलाज काफी महंगा है।

पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि पंजाब देश के अन्न भंडार को भरता है, फिर भी केंद्रीय बजट हमारे किसानों को खाली हाथ छोड़ देता है। गेहूं और चावल के अलावा एमएसपी के लिए कोई रोडमैप नहीं, कोई डायवर्सिफिकेशन पैकेज नहीं, और बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए कोई पैसा नहीं। केंद्र सरकार ने एक बार फिर अन्नदाताओं से मुंह मोड़ लिया है।

वित्त मंत्री ने एक बार भी बजट भाषण में पंजाब का जिक्र नहीं किया
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह वड़िग ने कहा -मोदी सरकार के करीब 12 वर्षों में पंजाब को कभी भी उसका हक नहीं मिला और इस बार भी ऐसा ही हुआ। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में पंजाब का एक बार भी जिक्र नहीं किया। प्रधानमंत्री आज संत गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती मनाने के लिए पंजाब आए हैं, लेकिन इस मौके को मनाने के लिए कोई बजट आवंटन नहीं किया गया है। भाजपा सरकार कम से कम इतना तो कर सकती थी कि वे हमें गुरु रविदास जी के नाम पर एक इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी दे देते।

केंद्रीय बजट देश को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प की सिद्धि का मील का पत्थर- सुनील जाखड़

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा है कि केंद्रीय बजट गरीबों, मजदूरों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और पिछड़े वर्गों पर केंद्रित है, जो 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प की सिद्धि का मील का पत्थर साबित होगा।

बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सुनील जाखड़ ने कहा कि यह बजट “सबका साथ, सबका विकास” की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की नीति से प्रेरित है। इसमें केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने समाज के हर वर्ग का ध्यान रखते हुए यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया है कि इससे रोजगार के नए अवसर पैदा हों और देश में बुनियादी ढांचे का विकास हो। देश में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बड़े बजट का प्रस्ताव इस बात का प्रमाण है कि भारत सरकार देश को विकसित राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ा रही है।

उन्होंने कहा कि इस बजट में जहां महिलाओं के लिए “शी मार्ट” योजना लाई जा रही है, वहीं कामकाजी महिलाओं और छात्राओं के लिए प्रत्येक जिले में छात्रावास खोलने की योजना की घोषणा भी की गई है, जो महिला सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स इंडस्ट्री और एमएसएमई के लिए भारत सरकार द्वारा नए बजट में किए गए घोषणाओं से पंजाब के उद्योग को बड़े स्तर पर लाभ होगा। सहकारी संघवाद की नीति के तहत 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार राज्यों को विकास के लिए 1.4 लाख करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई है, जिससे पूरे देश में सर्वांगीण विकास होगा।

केंद्रीय बजट ने पंजाब के किसानों को नजरअंदाज किया
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा केंद्रीय बजट ने एक बार फिर पंजाब के किसानों को नजरअंदाज किया है। एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड में कोई बढ़ोतरी नहीं, मंडी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए कोई सपोर्ट नहीं - राज्यों को अपने हाल पर छोड़ दिया गया है। ज़्यादा कीमत वाली फसलों का ज़िक्र किया गया है, लेकिन सिर्फ नारियल, काजू, चंदन और मेवे। उत्तर भारतीय किसानों के लिए कुछ नहीं।

शिरोमणि अकाली दल के उपाध्यक्ष डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा केंद्रीय बजट एक गहरी केंद्रीकरण वाली सोच और पंजाब की लगातार उपेक्षा को दिखाता है। एमएसपी के लिए कोई कानूनी या वित्तीय रोडमैप नहीं, खेती की बढ़ती लागत से कोई राहत नहीं, और कोई कर्ज पुनर्गठन नहीं - इसके बावजूद कि पंजाब के किसान राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।

पंजाब को बचाने के लिए कोई विशेष पैकेज नहीं दिया गया है, जो भारी कर्ज में डूबा हुआ है और वित्तीय आपातकाल की स्थिति में पहुंच गया है। संघवाद कमजोर हो रहा है क्योंकि राजस्व में राज्यों का हिस्सा स्थिर बना हुआ है, जबकि केंद्र प्रायोजित योजनाएँ राज्यों की प्राथमिकताओं और स्वायत्तता को कमजोर करती हैं। दलितों के कल्याण पर चुप्पी भी उतनी ही चिंताजनक है भूमिहीन दलित खेतिहर मजदूरों के लिए कोई लक्षित उपाय नहीं, पंजाब में शिक्षा, कौशल विकास या सामाजिक गतिशीलता के लिए कोई विशेष आवंटन नहीं, जहाँ दलितों की आबादी काफी ज़्यादा है।

आम आदमी को कोई वास्तविक टैक्स राहत नहीं मिलती, महंगाई का दबाव जारी है, और युवाओं की बेरोजगारी पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। पंजाब भारत को खाना खिलाता है, उसकी सीमाओं की रक्षा करता है लेकिन यह बजट न तो राज्यों के साथ और न ही समाज के हाशिये पर पड़े वर्गों के साथ न्याय करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed