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सब गोलमाल है...: बिना सड़कों पर दौड़े ही 30 लाख का डीजल पी गई बठिंडा सिविल अस्पताल की एंबुलेंस, जांच शुरू
Sat, 28 Jun 2025 03:23 PM IST
अंकेश ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब)
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Sat, 28 Jun 2025 03:23 PM IST
सार
-सिविल अस्पताल की बंद पड़ी गाड़ियों और एंबुलेंस में डाला गया 30 लाख का ईंधन
-सरकार की हिदायत के बाद विजिलेंस ने शुरू की जांच
-सिविल अस्पताल प्रबंधकों से मामले में रिकाॅर्ड किया तलब
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जर्जर हालत में एंबुलेंस
- फोटो : Amar ujala (फाइल)
विस्तार
पंजाब के बठिंडा सिविल अस्पताल में सरकारी वाहनों में ईंधन (पेट्रोल डीजल) को लेकर लाखों रुपये का गोलमाल हुआ है। हैरानी की बात यह है कि सरकारी कंडम वाहनों में 30 लाख रुपये का ईंधन डाला गया है और इसके बिल भी पास कर दिए गए। यह वाहन न तो चले और न ही इनका इस्तेमाल हुआ। फिर भी वाहनों पर 30 लाख का ईंधन डाल दिया गया।
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वाहनों में तेल डालने के दौरान किए 30 लाख रुपये से अधिक के घपले की जांच विजिलेंस विभाग ने शुरू कर दी है। इसमें सिविल अस्पताल में तैनात रहे एक मेडिकल अधिकारी पर बंद बड़ी सरकारी गाड़ियों व एबुलेंसों में तेल के बिलों में हेरफेर कर विभाग को लाखों रुपये की चपत लगाने के आरोप लगे हैं।
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इस संबंध में मामला पहले भी डीसी बठिंडा के ध्यान में लाया गया था। इसमें प्रशासकीय आदेश के बाद जांच के आदेश दिए थे लेकिन जांच में अधिकारी को बचाने व रिकॉर्ड में हेरफेर करने जैसे आरोप के बाद सरकार ने इसकी जांच विजिलेंस के हवाले कर दी है। विजिलेंस विभाग ने इस संबंध में सीनियर मेडिकल अफसर सिविल अस्पताल को पत्र लिखकर रिकॉर्ड पेश करने के लिए कहा है।
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6 मई 2025 को विजिलेंस विभाग ने एक पत्र लिखा था। इसमें सिविल अस्पताल के एक तत्कालीन वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी बठिंडा के खिलाफ मिली शिकायत के संबंध में रिकॉर्ड तलब किया गया। कहा कि सिविल अस्पताल बठिंडा में चलने वाले सरकारी व निजी वाहनों और एंबुलेंसों का ईंधन की आपूर्ति सरकारी खाते से की जाती है। मामले में आरोप है कि मिलीभगत से सिविल अस्पताल बठिंडा में मौजूद कंडम वाहनों व एंबुलेंस में तेल डालने के बिल पास कर पैसों का गबन किया गया। इस बाबत विजिलेंस ने वाहनों का रिकॉर्ड देने के लिए कहा है।
सिविल अस्पताल बठिंडा ने बिलों की जानकारी मांगी
सिविल अस्पताल बठिंडा ने 1 जून 2024 से 15 मई 2025 तक सरकारी/निजी वाहनों, एंबुलेंस और जेनरेटर में आपूर्ति किए गए तेल (डीजल/पेट्रोल) के बिलों की जानकारी मांगी है। यह सभी बिल संबंधित वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी द्वारा पारित किए गए हैं। इसी तरह सिविल अस्पताल बठिंडा में रिसेप्शन डेस्क पर एकत्रित मरीजों की रसीदों का रिकॉर्ड और रिकॉर्ड रखने के लिए कौन सा अधिकारी/कर्मचारी जिम्मेदार है उसकी जानकारी भी देने के लिए कहा है। विजिलेंस इस बात की पुष्टि करेगी कि अस्पताल में इस दौरान कितने मरीज पहुंचे व कितने मरीजों को एबुलेंस की जरूरत पड़ी थी। इस संबंध में हरतेज सिंह ने लिखित शिकायत की है कि यह एक बहुत ही गंभीर मामला है जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार, सरकारी धन के गबन और पंजाब सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के उल्लंघन से जुड़ा है।