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फिरोजपुर में बाढ़: युद्ध में साथ देने वाले सीमावर्ती ग्रामीणों की मदद को आगे आई BSF, ऐसे कर रही सहायता
Fri, 29 Aug 2025 10:38 AM IST
निवेदिता वर्मा
अनिल कुमार, संवाद, फिरोजपुर (पंजाब)
अनिल कुमार, संवाद, फिरोजपुर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 29 Aug 2025 10:38 AM IST
सार
बीएसएफ बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों के खान-पान की सामग्री लेकर पहुंच रहे हैं। जो ग्रामीण बीमार है और पानी में फंसे हैं उन्हें मोटरबोट के जरिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से निकाल कर अस्पताल में दाखिल करवा रहे हैं।
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ग्रामीणों को आवाज लगाते बीएसएफ जवान
- फोटो : संवाद
विस्तार
आपरेशन सिंदूर के दौरान भारत-पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध में सीमावर्ती ग्रामीणों ने बीएसएफ का बहुत साथ दिया था। ये बात पूरा देश जानता है। अब बाढ़ प्रभावित सीमावर्ती गांवों में बीएसएफ ग्रामीणों की मदद करती दिखाई दे रही है।
बीएसएफ जवान बाढ़ प्रभावित गांवों में घुस कर ग्रामीणों की मदद के लिए ऊंची आवाज लगाकर पुकार रहे हैं और उनकी आवाज सुनकर मोटरबोट लेकर उन तक पहुंच रहे हैं। ये है सरहद पर बीएसएफ और ग्रामीणों में एक-दूसरे के प्रति प्यार।
पंजाब के सीमावर्ती गांव सतलुज दरिया में आई बाढ़ की चपेट में हैं। कई गांवों में आठ से दस फुट पानी भरा हुआ है। ज्यादातर ग्रामीण सुरक्षित जगहों पर पहुंच गए हैं। कई ग्रामीण अपने मकानों की छतों पर घरेलू सामान लेकर बैठे हैं। हुसैनीवाला बॉर्डर से सटा टापू कालू वाला डूब चुका है। पीछे से डैम से पानी और छोड़ा जा रहा है।
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बीएसएफ के जवान टापू कालू वाला पहुंच ग्रामीणों को ऊंची आवाज लगाकर पुकार रहे हैं ताकि किसी ग्रामीण की टापू के किसी कोने से आवाज आए तो वहां मोटरबोट लेकर पहुंच रहे हैं। बीएसएफ जवान कहते हैं कि युद्ध में सीमावर्ती ग्रामीणों ने कंधे से कंधा लगाकर साथ दिया था, अब बाढ़ में फंसे ग्रामीणों की मदद करने का मौका है।
बीएसएफ बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों के खान-पान की सामग्री लेकर पहुंच रहे हैं। जो ग्रामीण बीमार है और पानी में फंसे हैं उन्हें मोटरबोट के जरिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से निकाल कर अस्पताल में दाखिल करवा रहे हैं। यही नहीं अपनी मोटरबोट में सेहत विभाग की टीमों को बैठाकर बाढ़ प्रभावित गांवों में लोगों के इलाज वास्ते पहुंच रहे हैं। बाढ़ प्रभावित गांव से बीमार बुजुर्ग महिला मनजीत कौर को लेकर आए हैं।
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बीएसएफ जवान बाढ़ प्रभावित गांवों में घुस कर ग्रामीणों की मदद के लिए ऊंची आवाज लगाकर पुकार रहे हैं और उनकी आवाज सुनकर मोटरबोट लेकर उन तक पहुंच रहे हैं। ये है सरहद पर बीएसएफ और ग्रामीणों में एक-दूसरे के प्रति प्यार।
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पंजाब के सीमावर्ती गांव सतलुज दरिया में आई बाढ़ की चपेट में हैं। कई गांवों में आठ से दस फुट पानी भरा हुआ है। ज्यादातर ग्रामीण सुरक्षित जगहों पर पहुंच गए हैं। कई ग्रामीण अपने मकानों की छतों पर घरेलू सामान लेकर बैठे हैं। हुसैनीवाला बॉर्डर से सटा टापू कालू वाला डूब चुका है। पीछे से डैम से पानी और छोड़ा जा रहा है।
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बीएसएफ के जवान टापू कालू वाला पहुंच ग्रामीणों को ऊंची आवाज लगाकर पुकार रहे हैं ताकि किसी ग्रामीण की टापू के किसी कोने से आवाज आए तो वहां मोटरबोट लेकर पहुंच रहे हैं। बीएसएफ जवान कहते हैं कि युद्ध में सीमावर्ती ग्रामीणों ने कंधे से कंधा लगाकर साथ दिया था, अब बाढ़ में फंसे ग्रामीणों की मदद करने का मौका है।
बीएसएफ बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों के खान-पान की सामग्री लेकर पहुंच रहे हैं। जो ग्रामीण बीमार है और पानी में फंसे हैं उन्हें मोटरबोट के जरिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से निकाल कर अस्पताल में दाखिल करवा रहे हैं। यही नहीं अपनी मोटरबोट में सेहत विभाग की टीमों को बैठाकर बाढ़ प्रभावित गांवों में लोगों के इलाज वास्ते पहुंच रहे हैं। बाढ़ प्रभावित गांव से बीमार बुजुर्ग महिला मनजीत कौर को लेकर आए हैं।