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कर्नल बाठ मारपीट मामला: विभागीय जांच पूरी, चार इंस्पेक्टरों समेत छह की तीन साल की सेवा अवधि काटी गई
Wed, 30 Jul 2025 09:12 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 30 Jul 2025 09:12 PM IST
सार
पटियाला में कर्नल बाठ से मारपीट हमले में एसएसपी पटियाला वरुण शर्मा द्वारा की जा रही विभागीय जांच पूरी हो गई है।
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पंजाब पुलिस
- फोटो : X @DGPPunjabPolice
विस्तार
पटियाला में कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ और उनके बेटे के साथ मारपीट मामले में पंजाब पुलिस ने सख्त विभागीय कार्रवाई की है। पटियाला एसएसपी वरुण शर्मा के नेतृत्व में मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी पुलिसकर्मियों को निलंबित करते हुए उनके सेवाकाल में तीन साल की कटौती कर दी है।
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यह आरोपी पुलिसकर्मी पंजाब पुलिस की सेवा से तीन साल पहले सेवानिवृत्ति कर दिए जाएंगे। इनको तीन साल तक कोई विभागीय पदोन्नति और वेतन में बढ़ोतरी नहीं दी जाएगी। विभाग से उन्हें कोई अतिरिक्त वेतन या वित्तीय लाभ नहीं मिलेगा। जब तक इस मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती तब सभी आरोपी पुलिसकर्मी सस्पेंड रहेंगे। उन्हें पटियाला रेंज की पोस्टिंग से बाहर रखा जाएगा।
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सीबीआई कर रही मामले की जांच
इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सीबीआई को 16 जुलाई को मामला ट्रांसफर कर दिया था। 25 जुलाई को सीबीआई ने कर्नल बाठ मामले में अलग से दो एफआईआर दर्ज की हैं। सीबीआई ने जांच शुरू करते ही नए सिरे से एफआईआर दर्ज की है। इसमें तीन इंस्पेक्टरों समेत कुल छह लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोपियों में इंस्पेक्टर रोनी सिंह, हैरी बोपाराय, हरजिंदर सिंह, राजवीर सिंह, सुरजीत सिंह और एक अज्ञात व्यक्ति शामिल हैं। इन पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2), 351(2), 109, 310, 117(1), 117(2), 126(2) और 190 के तहत मामला दर्ज किया गया है। बता दें पटियाला में 13 व 14 मार्च की मध्यरात्रि रात को आर्मी कर्नल से मारपीट हुई थी। इस मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद मामला रक्षा मंत्रालय और आर्मी हेडक्वार्टर पहुंचा तो पुलिस ने 9 दिन बाद 22 मार्च को एफआईआर दर्ज की। विभाग ने तब 12 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया था। इसमें 5 इंस्पेक्टर भी शामिल हैं।
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एसआईटी पर हाईकोर्ट ने उठाए थे सवाल
कर्नल बाठ मामले में हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी गठित कर जांच के आदेश दिए थे। एसआईटी की जांच पर भी हाईकोर्ट ने सवाल उठाए थे। चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी जांच को हाईकोर्ट ने लापरवाही भरा और निष्क्रिय मानते हुए जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंप दिया है। अब सीबीआई इस मामले में जांच कर रही है। आरोपी पुलिसकर्मियों को समन भेजकर सीबीआई मामले में नए सिरे से उनके बयान दर्ज करेगी। कर्नल बाठ उनके बेटे के अलावा ढाबा मालिक के भी बयान दर्ज किए जाएंगे।
आरोपियों पर कार्रवाई
- तीन साल की सेवा अवधि काटी गई
- तीन साल तक कोई वेतन वृद्धि नहीं
- तीन साल तक कोई पदोन्नति नहीं
- कोई वेतन वृद्धि नहीं
- निलंबन जारी
- पटियाला से बाहर ही रहेगी पोस्टिंग