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Phagwara: बेटे ने छाती पर लिखवा रखा था मां-बाप का नाम, पिता ने मार दिया चाकू; पांच लाख का था विवाद
Mon, 13 Oct 2025 11:40 AM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, फगवाड़ा (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, फगवाड़ा (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 13 Oct 2025 11:40 AM IST
सार
गांव खलवाड़ा का रमनदीप कतर से लाैटा था। उसका कहनाा है कि उसने कतर से अपने पिता को पांच लाख रुपये भेजे थे लेकिन पिता ने उनका हिसाब नहीं दिया। वहीं उसके पिता भूपिंदर ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
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जानकारी देता पीड़ित
- फोटो : संवाद
विस्तार
फगवाड़ा के गांव खलवाड़ा में एक व्यक्ति ने अपने ही बेटे पर चाकू से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया।
सिविल अस्पताल में इलाज करवा रहे रमनदीप सिंह निवासी गांव खलवाड़ा थाना सदर फगवाड़ा ने बताया कि वह एक वर्ष पहले कतर से वापस लौटा था। तब से वह अपने पिता भूपिंदर पाल से उन पांच लाख रुपये का हिसाब मांग रहा था जो उसने कतर से भेजे थे। लेकिन उसके पिता हर बार बहाना बना देते थे।
उसने आरोप लगाया कि रविवार को भी इसी बात पर बहस हो रही थी तो गुस्से में उसके पिता ने उस पर दुकान में रखे चाकू से हमला कर घायल कर दिया। रमनदीप ने बताया कि उसने वहां से भाग कर अपनी जान बचाई तथा मोटरसाइकिल खुद ही चला कर सिविल अस्पताल पहुंचा जहां डाक्टरों ने उसे टांके लगाए।
दूसरी तरफ रमनदीप के पिता भूपिंदर ने बताया कि रमनदीप के सारे आरोप झूठे हैं और उसने कतर में केवल दो महीने काम किया था और काम छोड़ कर वापस आ गया था। उसने कोई रुपये नहीं भेजे। बल्कि उसे विदेश भेजने तथा वहां पर लाइसेंस बनाने के लिए उसने ही पैसे खर्च किए थे। भूपिंदर ने आरोप लगाया कि अब दोबारा विदेश जाने के लिए रमनदीप दस लाख रुपये की मांग कर रहा था। इसी वाद विवाद में रमनदीप ने भूपिंदर की फास्ट फूड की दुकान में रखा मीट काटने वाला चाकू उठा लिया और उन्हें मारने लगा। अपने बचाव में जब उनके बीच हाथापाई हुई तो चाकू रमनदीप को लग गया। भूपिंदर ने आरोप लगाया कि रमनदीप ने इस दौरान उनकी दुकान व घर में काफी तोड़फोड़ भी की।
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सिविल अस्पताल में इलाज करवा रहे रमनदीप सिंह निवासी गांव खलवाड़ा थाना सदर फगवाड़ा ने बताया कि वह एक वर्ष पहले कतर से वापस लौटा था। तब से वह अपने पिता भूपिंदर पाल से उन पांच लाख रुपये का हिसाब मांग रहा था जो उसने कतर से भेजे थे। लेकिन उसके पिता हर बार बहाना बना देते थे।
उसने आरोप लगाया कि रविवार को भी इसी बात पर बहस हो रही थी तो गुस्से में उसके पिता ने उस पर दुकान में रखे चाकू से हमला कर घायल कर दिया। रमनदीप ने बताया कि उसने वहां से भाग कर अपनी जान बचाई तथा मोटरसाइकिल खुद ही चला कर सिविल अस्पताल पहुंचा जहां डाक्टरों ने उसे टांके लगाए।
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दूसरी तरफ रमनदीप के पिता भूपिंदर ने बताया कि रमनदीप के सारे आरोप झूठे हैं और उसने कतर में केवल दो महीने काम किया था और काम छोड़ कर वापस आ गया था। उसने कोई रुपये नहीं भेजे। बल्कि उसे विदेश भेजने तथा वहां पर लाइसेंस बनाने के लिए उसने ही पैसे खर्च किए थे। भूपिंदर ने आरोप लगाया कि अब दोबारा विदेश जाने के लिए रमनदीप दस लाख रुपये की मांग कर रहा था। इसी वाद विवाद में रमनदीप ने भूपिंदर की फास्ट फूड की दुकान में रखा मीट काटने वाला चाकू उठा लिया और उन्हें मारने लगा। अपने बचाव में जब उनके बीच हाथापाई हुई तो चाकू रमनदीप को लग गया। भूपिंदर ने आरोप लगाया कि रमनदीप ने इस दौरान उनकी दुकान व घर में काफी तोड़फोड़ भी की।
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