पाकिस्तान की नापाक करतूत: दहशतगर्दों के लिए भेज रहा आर्मी के कारतूस, गवर्नमेंट यूज ऑनली लिखीं बंदूकें भी मिली
भारत में आतंकी हमले करवाने वाले पाकिस्तानी की करतूतें जग जाहिर हैं। आतंकियों का पनाहगार पाकिस्तान भारत में अपने हथियार भी भेज रहा है।
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भारत में दहशतगर्दों के लिए अब बॉर्डर पार से पाकिस्तानी आर्मी के कारतूस भेजे जा रहे हैं। ये कारतूस पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्टरी से निर्मित हैं। इतना ही नहीं कुछ ऐसी पिस्तौलें भी भेजी गई हैं जिनका पाकिस्तान में केवल ऑफिशियल इस्तेमाल ही हो सकता है। ये कारतूस और बंदूकें पिछले दिनों भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने अमृतसर और तरनतारन बॉर्डर से पकड़ी थीं।
यह इस बात का बड़ा सबूत है कि पाकिस्तान आर्मी और आईएसआई क्रॉस बॉर्डर वेपन सिंडिकेट को पूरा सहयोग करते हुए दहशत का सामान सीमा पार से भारत भेज रहे हैं। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत स्थित वाह शहर एक बड़ा सैन्य क्षेत्र है। यहीं पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्टरी (पीओएफ) भी मौजूद है। जहां पाकिस्तान आर्मी के लिए हथियार और गोला-बारूद का उत्पादन होता है।
भारत पहुंची कारतूसों की खेप भी इस फैक्टरी में तैयार हुई थी। इन पर बाकायदा पीओएफ का मार्का भी लगाया गया है। जो पिस्तौलों बरामद हुई हैं उन पर गवर्नमेंट यूज ऑनली लिखा है। ये पाकिस्तानी असलहा और कारतूस भारत कैसे पहुंचे गए यह बड़ी चिंता का विषय है। इसके अलावा तुर्किये मेड बंदूकें भी बॉर्डर पार से पहुंच रही हैं।
सुरक्षा एजेंसियों ने दहशत का यह सामान अमृतसर के नेस्ता और तरनतारन के नाैशेरा ढल्ला गांव के पास से बरामद किया था। करीब 53 कारतूसों को एक बोतल में छिपाकर यहां रखा गया था जबकि हथियार ड्रोन के माध्यम से खेतों में गिराए गए थे। ये सभी कारतूस 9 एमएम के हैं। इसके अलावा अटारी बॉर्डर के पास भी 9 एमएम के 34 राउंड बरामद किए थे। यह सूचना पंजाब पुलिस से भी साझी की गई है।
भारत कैसे पहुंचे पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्टरी में तैयार हथियार
बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के एक अधिकारी ने बताया कि इसमें कोई दोराय नहीं है कि भारत में दहशतगर्दी को बढ़ावा देने में पाकिस्तानी आर्मी खुला समर्थन देती है। उक्त दो घटनाएं तो इसका बड़ा उदाहरण हैं। जो कारतूस और हथियार पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्टरी में तैयार हो रहे हैं वे भारत में कैसे पहुंचे। पाकिस्तान में बैठे कुछ आतंकी यहां अपने नशा तस्कर व गैंगस्टर गुर्गों तक इन हथियारों को पहुंचाते हैं। उनके अनुसार पंजाब पुलिस, बीएसएफ व अन्य सुरक्षा एजेंसियां लगातार इस पर निगरानी रखे हुए हैं।