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पंजाब में गिर रहा भूजल स्तर: रेड जोन में पहुंचे 118 ब्लॉक, केंद्रीय भूजल बोर्ड की वार्षिक रिपोर्ट में खुलासा
Fri, 03 Jan 2025 04:31 PM IST
निवेदिता वर्मा
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 03 Jan 2025 04:31 PM IST
सार
पंजाब के लिए अच्छी बात यह है कि वर्ष 2023 के मुकाबले भूजल निष्कर्षण में कमी आई है। वर्ष 2023 में 163.76 प्रतिशत से कम होकर 2024 में भूजल निष्कर्षण 156.87 प्रतिशत हो गया है। इसी तरह ग्राउंड वाटर रिचार्ज में भी सुधार हुआ है।
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भूजल स्तर में आई भारी गिरावट
- फोटो : iStock
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विस्तार
पंजाब में लगातार गिर रहे भूजल से गंभीर हालात पैदा हो गए हैं। भूजल संकट ने केंद्र के साथ ही सूबा सरकार की भी चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश के 118 ब्लॉक रेड जोन में पहुंच गए हैं और सूबा अभी भी भूजल निष्कर्षण में टॉप पर बना हुआ है।
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हालांकि वर्ष 2023 के मुकाबले प्रदेश में कुछ सुधार जरूर हुआ है, लेकिन स्थिति अब भी भयावह बनी हुई है। सरकार के प्रयासों से बलाचौर, फिरोजपुर, गुरु हर सहाय, मक्खू व श्री हरगोबिंदपुर में अच्छे परिणाम मिले हैं, जिसे राज्य सरकार की तरफ से अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा। केंद्रीय भूजल बोर्ड की वार्षिक रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।
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रिपोर्ट के अनुसार बोर्ड की तरफ से कुल 153 यूनिट्स में स्टडी की गई है, जिसमें 3 शहरी क्षेत्र भी शामिल थे। 115 यूनिट्स यानि 112 ब्लॉक व तीनों शहरी क्षेत्र अभी भी रेड जोन में बने हुए हैं, जो 75.16 प्रतिशत है। 4 ब्लॉक में हालात क्रिटिकल है, जबकि 12 ब्लॉक सेमी क्रिटिकल श्रेणी में है। सिर्फ 22 ब्लॉक ही सेफ जोन में पाए गए हैं। अगर कुल क्षेत्र की बात की जाए तो 50175.27 स्क्वायर किलोमीटर एरिया में से 35,786.32 स्क्वायर मीटर भूजल दोहन से बुरी तरह से प्रभावित है, जोकि 71.32 प्रतिशत है। जबकि सिर्फ 13 स्क्वायर किलोमीटर क्षेत्र ही सेफ है, जो 17.87 प्रतिशत है।
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भूजल निष्कर्षण 2023 के मुकाबले हुआ कम
पंजाब के लिए अच्छी बात यह है कि वर्ष 2023 के मुकाबले भूजल निष्कर्षण में कमी आई है। वर्ष 2023 में 163.76 प्रतिशत से कम होकर 2024 में भूजल निष्कर्षण 156.87 प्रतिशत हो गया है। इसी तरह ग्राउंड वाटर रिचार्ज में भी सुधार हुआ है। वर्ष 2023 में 18.84 से बढ़कर इस साल ग्राउंड वाटर रिचार्ज 19.19 बिलियन क्यूबिक मीटर हो गया है। अगर पूरे देश भर ऑवरऑल भूजल निष्कर्षण की बात की जाए तो यह 60.47 प्रतिशत है। कृषि में सबसे अधिक भूजल का उपयोग हो रहा है, जो वाषिक 87 प्रतिशत है। इसी तरह घरेलू उपयोग 11 प्रतिशत और इंडस्ट्रियल उपयोग सिर्फ 2 प्रतिशत है।इसी तरह तीन जिलों के पांच यूनिट्स में भी अच्छे परिणाम सामने आए हैं। यहां पर भूजल निष्कर्षण कम हुआ और काफी ज्यादा सुधार देखने को मिले हैं। इनमें एसबीएस नगर, फिरोजपुर और गुरदासपुर जिले के यूनिट्स शामिल हैं।
इन यूनिट्स में हुआ सुधार
जिला यूनिट भूजल निष्कर्षण 2023 (प्रतिशत में) भूजल निष्कर्षण 2024एसबीएस नगर बलाचौर 90.40 88.18
फिरोजपुर फिरोजपुर 113.98 97.33
फिरोजपुर गुरु हर सहाय 89.75 67.74
फिरोजपुर मक्खू 78.20 58.34
गुरदासपुर श्री हरगोबिंदपुर 100.70 97.17