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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026: कांग्रेस नेता मनीष तिवारी बोले- डिजिटल डिवाइड 21वीं सदी का सबसे बड़ा मुद्दा
Thu, 10 Sep 2026 05:50 PM IST
शाहिल शर्मा
पीटीआई, चंडीगढ़
पीटीआई, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Thu, 10 Sep 2026 05:50 PM IST
सार
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा डिजिटल डिवाइड आने वाले दशकों में मानवता के सामने सबसे बड़ा मुद्दा होगा।
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मनीष तिवारी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के संदर्भ में बयान दिया। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा यह है कि उभरती तकनीकों की दौड़ में कौन आगे रहेगा, क्योंकि ये तकनीकें आगामी भविष्य तय करेंगी।
उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, जीनोमिक्स और अन्य उभरती तकनीकों में ज्यादातर नवाचार और प्रगति ग्लोबल नॉर्थ में हो रही है, जिससे डिजिटल डिवाइड और बढ़ने का खतरा है।
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तिवारी ने कहा कि ब्रिक्स ग्लोबल साउथ, उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए उसे अपने एजेंडे में इस मुद्दे को प्राथमिकता देनी चाहिए कि कैसे सामूहिक रूप से यह सुनिश्चित किया जाए कि ये नवाचार डिजिटल डिवाइड को और न बढ़ाएं तथा ग्लोबल साउथ के हितों के खिलाफ न जाएं। उन्होंने इसे आने वाले दशकों में मानवता के सामने सबसे बड़ा मुद्दा बताया।
बता दें कि 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत की राजधानी नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को आयोजित होगा। भारत की अध्यक्षता में होने वाले इस सम्मेलन में ब्रिक्स के सदस्य देशों के नेताओं के साथ साझेदार और आमंत्रित देशों के नेता भी शामिल होंगे।
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VIDEO | Chandigarh: Asked about the upcoming BRICS Summit 2026, Congress leader Manish Tewari says, "The pivotal issue of the 21st century is who will lead the race in the emerging technologies which are going to decide the future of the remaining decades of the 21st century.… pic.twitter.com/E8tjyrygJN
— Press Trust of India (@PTI_News) September 10, 2026
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उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, जीनोमिक्स और अन्य उभरती तकनीकों में ज्यादातर नवाचार और प्रगति ग्लोबल नॉर्थ में हो रही है, जिससे डिजिटल डिवाइड और बढ़ने का खतरा है।
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तिवारी ने कहा कि ब्रिक्स ग्लोबल साउथ, उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए उसे अपने एजेंडे में इस मुद्दे को प्राथमिकता देनी चाहिए कि कैसे सामूहिक रूप से यह सुनिश्चित किया जाए कि ये नवाचार डिजिटल डिवाइड को और न बढ़ाएं तथा ग्लोबल साउथ के हितों के खिलाफ न जाएं। उन्होंने इसे आने वाले दशकों में मानवता के सामने सबसे बड़ा मुद्दा बताया।
बता दें कि 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत की राजधानी नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को आयोजित होगा। भारत की अध्यक्षता में होने वाले इस सम्मेलन में ब्रिक्स के सदस्य देशों के नेताओं के साथ साझेदार और आमंत्रित देशों के नेता भी शामिल होंगे।