फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Chandigarh-Punjab News ›   CM of Punjab Bhagwant Mann and Haryana Nayab Saini SYL issue discussed in meeting held in Delhi

SYL विवाद पर मीटिंग:'हरियाणा हमारा दुश्मन नहीं, विवाद के नासूर...' सीएम भगवंत मान ने पानी देने के लिए रखी शर्त

Wed, 09 Jul 2025 08:18 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: अंकेश ठाकुर Updated Wed, 09 Jul 2025 08:18 PM IST
सार

पंजाब और हरियाणा के बीच पानी के बंटवारे को लेकर एसवाईएल नहर विवाद दशकों पुराना है। यह नहर सतलुज और यमुना नदियों को जोड़ने के लिए प्रस्तावित है, जिसका उद्देश्य दोनों राज्यों के बीच जल संसाधनों का समान वितरण करना है।

विज्ञापन
CM of Punjab Bhagwant Mann and Haryana Nayab Saini SYL issue discussed in meeting held in Delhi
दिल्ली में बैठक के दौरान दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर विवाद मामले को सुलझाने के लिए पंजाब और हरियाणा अब सहमति बनाने की ओर बढ़े हैं। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल के साथ बुधवार को दिल्ली में हुई पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों की बैठक में एसवाईएल के मुद्दे पर चर्चा हुई।

विज्ञापन


बैठक में मान ने कहा कि सिंधु जल संधि रद्द होने के बाद चिनाब व रावी चैनल से पंजाब को मिलने वाले 23 मिलियन एकड़ फीट (एमएएफ) पानी में से अपना हिस्सा लेकर हरियाणा, राजस्थान और मध्यप्रदेश तक पानी देने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। इस बिंदु पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी सहमति दी है।
विज्ञापन


मान ने कहा कि हरियाणा हमारा दुश्मन नहीं, भाई है। अगर सिंधु जल संधि के रद्द होने से उन्हें चिनाब, रावी और पुंछ नदियों में से रिपेरियन स्टेट के नाते 23 एमएएफ पानी मिल जाता है तो पंजाब और हरियाणा के बीच केवल 3 से 4 एमएएफ पानी का ही विवाद है। इससे एसवाईएल नहर विवाद का हल हो जाएगा। अगर पुरानी बातों पर ही ध्यान देते रहेंगे तो इस समस्या का हल नहीं निकल पाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


सीएम मान ने कहा कि एसवाईएल नहर विवाद पंजाब के लिए नासूर बन चुका है। हम हमेशा के लिए इसे खत्म करना चाहते हैं। उन्होंने बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से इस मसले का जल्द हल निकालने का आग्रह किया। मान ने कहा कि अब अगली बैठक दिल्ली में 5 अगस्त को होगी। 13 अगस्त को सुप्रीमकोर्ट में इस मामले में सुनवाई है। उम्मीद है कि 5 अगस्त की बैठक में उनके सुझाव को अमल में लाकर इस विवाद का निपटारा करने में केंद्र सहयोग करेगा।


बीबीएमबी की शिकायत
एसवाईएल नहर विवाद पर बैठक के बाद सीएम मान ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) की शिकायत की है। उन्होंने मंत्री से बताया कि किस प्रकार बीबीएमबी पंजाब के हितों का हनन कर रहा है। पंजाब के अधिकार क्षेत्र को खत्म करने के आदेश जारी किए जा रहे हैं। वह पंजाब के हितों के लिए किसी भी सूरत में समझौता नहीं करेंगे। 2022 तक सत्ता में आने तक राज्य में केवल 22 प्रतिशत तक नहरी पानी का उपयोग किया जा रहा था जो 61 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed