India Pak Tension: फिरोजपुर में ड्रोन हमला; घायलों से आज मिलेंगे सीएम मान, मुफ्त हो रहा इलाज
फिरोजपुर के गांव खाई फेमिकी में पाकिस्तानी ड्रोन हमले की चपेट में एक घर आया था। घर पर एक साथ दो ड्रोन हमले हुए थे। हमले में एक ही परिवार के तीन लोग गंभीर घायल हुए थे, जिनमें एक महिला भी है।
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रविवार दोपहर को मुख्यमंत्री भगवंत मान घायलों से मिलेंगे। घायलों का इलाज का खर्च फरिश्ते योजना के तहत पंजाब सरकार की तरफ से किया जा रहा है। सीएम मान ने एलान किया है कि युद्ध या आतंकी हमलों में घायल हर नागरिक की देखभाल सरकार करेगी। घायलों को सर्वोत्तम इलाज मिलेगा और सरकार मानवता और जिम्मेदारी के साथ प्रदेश के हर नागरिक के साथ खड़ी है।
सीजफायर का उल्लंघन : अमृतसर, गुरदासपुर समेत कई जिलों में फिर ब्लैकआउट
भारत-पाकिस्तान के बीच युद्धविराम होने के तीन घंटे के बाद ही पाकिस्तान ने फिर हमला कर दिया। सीमा पार से फायरिंग, ड्रोन और मिसाइल दागे गए। आपात स्थिति को देखते हुए रात 8.40 बजे फिर से पठानकोट, बटाला, गुरदासपुर, संगरूर,होशियारपुर, फाजिल्का, बरनाला, बठिंडा, अमृतसर व अन्य कई जिलों व शहरों में ब्लैकआउट किया गया। सीएम भगवंत सिंह मान ने शनिवार शाम पंजाब राजभवन में सीजफायर के बावजूद कहा कि जब तक सेना या रक्षा मंत्रालय की ओर से लिखित में कोई आदेश नहीं आ जाते वह अलर्ट मोड में रहेंगे। सीएम ने कहा कि जरूरत के अनुसार ब्लैकआउट, मॉक ड्रिल और सिविल डिफेंस की गतिविधियों को सुचारु रूप से संचालित किया जाएगा।
सीजफायर के फैसले के बाद सीमावर्ती इलाके सहित राज्य के अन्य जिलों गुरदासपुर, फाजिल्का, अमृतसर, जालंधर, होशियारपुर, लुधियाना, बठिंडा, संगरूर और पटियाला में शाम 7 बजे से स्थिति सामान्य होने लग गई थी, यहां तक कि राज्य के हर जिला के डीसी ने अपने स्तर पर ब्लैकआउट की पाबंदियां हटाने के आदेश जारी कर दिए थे। लेकिन जैसे ही सीजफायर का उल्लंघन किया गया, डीसी ने आदेश जारी कर ब्लैकआउट की पाबंदियां लागू करते हुए दुकानें, शॉपिंग काॅम्पलेक्स, पब्लिक प्लेस खाली करने और अन्य जरूरी कदम उठाने शुरू किए।
सीएम मान ने डीजीपी यादव से की बात
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रात 9 बजे डीजीपी गौरव यादव से फोन पर बात की। कहा कि सरहदी इलाकों में पुलिस की तैनाती पूरी मुस्तैदी के साथ सुनिश्चित की जाए। सीएम ने मुख्य सचिव केएपी सिन्हा और डीजीपी गौरव यादव से यह भी कहा कि काई भी आईएएस, पीसीएस या पुलिस अधिकारी या कर्मचारी कोई भी अपना स्टेशन नहीं छोड़ेगा। जब तक पंजाब सरकार इस संदर्भ में डिटेल ऑर्डर जारी नहीं करती।