Punjab By Election: ऐसा है चारों सीटों का समीकरण, हॉट सीट बनी गिद्दड़बाहा, सांसदों की साख दांव पर
Punjab By Election 2024: पंजाब की चार विधानसभा सीटें बरनाला, चब्बेवाल, डेरा बाबा नानक और गिद्दड़बाहा में बुधवार को मतदान होगा। आयोग की तरफ से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। चारों सीटों पर प्रत्याशियों के बीच मुकाबला रोचक बना हुआ है।
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पंजाब की चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए बुधवार को मतदान होगा। मतदान के बाद दिग्गजों की किस्मत ईवीएम में कैद हो जाएगी। बरनाला, चब्बेवाल, डेरा बाबा नानक और गिद्दड़बाहा में होने वाले उप चुनाव में चार सांसदों की साख दांव पर है। इसके अलावा पूर्व डिप्टी सीएम व विधायक भी इस चुनाव में किस्मत आजमा रहे हैं, जिसके चलते सभी सीटों पर कांटे का मुकाबला है।
प्रदेश की तीनों प्रमुख पार्टियों के लिए चुनाव अहम रहने वाला है। सत्तापक्ष जहां इस चुनाव में अपना दबदबा कायम रखने के लिए उतरी है, वहीं कांग्रेस सत्ता में वापसी की राह तलाश रही है। इसी तरह भाजपा चुनाव के जरिये पंजाब में अपने पैर जमाने का प्रयास कर रही है। इस बार शिरोमणि अकाली दल (शिअद) चुनाव से गायब है। इसलिए चुनाव में शिअद का वोट बैंक निर्णायक साबित हो सकता है। तीनों दल शिअद के वोट बैंक को भुनाने का प्रयास कर रहे हैं।
सबसे हॉट सीट गिद्दड़बाहा, त्रिकोणीय बना मुकाबला
इस चुनाव में सबसे हॉट सीट गिद्दड़बाहा बनी हुई है। यहां पंजाब कांग्रेस के प्रधान एवं सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की पत्नी अमृता वड़िंग का मुकाबला भाजपा प्रत्याशी पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत बादल से है। इसी तरह सुखबीर बादल के खास रहे आप के प्रत्याशी हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लों भी कड़ी टक्कर दे रहे हैं। इस सीट पर भाजपा से केंद्रीय राज्यमंत्री बिट्टू, कांग्रेस से राजा वड़िंग और आप से सीएम भगवंत मान ने खुद मोर्चा संभाल रखा था।
बरनाला में सांसद की साख का सवाल, बागियों ने बढ़ाई चिंता
इसी तरह बरनाला से सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर के लिए यह चुनाव साख का सवाल बना हुआ है। क्योंकि आप से यहां उनके करीबी हरिंदर सिंह मैदान में हैं। लेकिन टिकट न मिलने से नाराज आप नेता गुरदीप बाठ निर्दलीय तौर पर चुनाव मैदान में उतर गए हैं। कांग्रेस से कुलदीप सिंह ढिल्लों और भाजपा से पूर्व कांग्रेसी केवल सिंह ढिल्लों चुनाव लड़ रहे हैं। केवल ढिल्लों यहां से दो बार विधायक रह चुके हैं, जिसके चलते इस सीट पर भी मुकाबला रोचक हो गया है।
चब्बेवाल में पिता-पुत्र की साख व ठंडल का सियासी भविष्य दांव पर
इसी तरह चब्बेवाल में आप ने सांसद डॉ. राजकुमार चब्बेवाल के बेटे ईशांक चुनाव लड़ रहे हैं, जिसके चलते उनके लिए यह चुनाव साख का सवाल बना हुआ है। इसी तरह भाजपा से सोहन सिंह ठंडल चुनाव मैदान में हैं। यह चुनाव ठंडल का सियासी भविष्य भी तय करेगा। वर्ष 2012 में वह चुनाव जीते थे, लेकिन उसके बाद लगातार दो बार हार चुके हैं। इस चुनाव में उनके पास वापसी करने का एक मौका है। कांग्रेस ने एडवोकेट रंजीत कुमार टिकट दी है, जो चुनाव में बड़ा उलटफेर करने के साथ ही दूसरे दलों के समीकरण बिगाड़ सकते हैं।
कांग्रेस के गढ़ में उलटफेर करने की चुनौती
डेरा बाबा नानक को कांग्रेस का गढ़ कहा जाता है। पिछले तीन चुनावों से कांग्रेस की टिकट पर सुखजिंदर सिंह रंधावा यहां से चुनाव जीतते रहे हैं। इस बार उनकी पत्नी जतिंदर कौर किस्मत आजमा रही हैं। भाजपा से यहां अकाली नेता निर्मल सिंह काहलों क बेटे रविकरण काहलों और आप से गुरदीप रंधावा चुनाव लड़ रहे हैं और ये दोनों पिछला चुनाव इसी सीट से हार गए थे। इस तरह भाजपा व आप दोनों के लिए ही इस सीट पर जीत का परचम लहराने की बड़ी चुनौती है।