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बिक्रम मजीठिया केस: फर्जी कंपनियां बनाईं, दो खातों में घुमाए 686 करोड़; सीएम बोले-अब बचना मुश्किल
Fri, 30 Oct 2026 08:20 AM IST
Nivedita
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Fri, 30 Oct 2026 08:20 AM IST
सार
पूर्व मंत्री बिक्रमजीत सिंह मजीठिया के खिलाफ 25 जून 2025 को एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के लिए 2 मार्च 2007 से 31 मार्च 2017 तक की अवधि को आधार बनाया गया था। इस दौरान पंजाब में अकाली गठबंधन की सरकार थी और मजीठिया मंत्री थे।
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बिक्रम मजीठिया केस
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
अकाली सरकार में मंत्री रहे बिक्रमजीत सिंह मजीठिया पर दर्ज आय से अधिक संपत्ति के मामले में 10 कंपनियां पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के रडार पर हैं।
कोर्ट में पेश की गई 40 हजार पन्नों की चार्जशीट में दावा किया गया है कि इन शेल (फर्जी) कंपनियों का इस्तेमाल पूर्व मंत्री ने रुपये ठिकाने लगाने के लिए किया था। ये कंपनियां कथित रूप से पूर्व मंत्री के रिश्तेदारों से जुड़ी बताई जा रही हैं। इतना ही नहीं, दो कंपनियों के खातों में 686.15 करोड़ रुपये घुमाए गए जबकि एक कंपनी के खाते में विदेश से भी राशि जमा की गई।
विजिलेंस ने चार्जशीट में बताया कि बिक्रमजीत सिंह मजीठिया ने आय के ज्ञात स्रोतों से लगभग 40.78 करोड़ रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित की थी। यह संपत्ति उनकी आय के ज्ञात स्रोतों का 1,200.13 प्रतिशत थी। जांच का दायरा बढ़ाने के बाद अब विजिलेंस ने चार्जशीट में आय से अधिक संपत्ति का संशोधित आंकड़ा पेश किया है, जो 1,495.37 प्रतिशत अधिक होने का दावा किया गया है।
बिक्रमजीत सिंह मजीठिया की कथित अवैध संपत्ति में वृद्धि में हरप्रीत सिंह गुलाटी की भूमिका सामने आई उनके समेत मजीठिया के साले गजपत सिंह ग्रेवाल को भी आरोपी बनाया गया है। चार्जशीट में कुछ कंपनियों, फर्मों और कारोबारी संस्थाओं की कथित भूमिका भी सामने आई है।
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कोर्ट में पेश की गई 40 हजार पन्नों की चार्जशीट में दावा किया गया है कि इन शेल (फर्जी) कंपनियों का इस्तेमाल पूर्व मंत्री ने रुपये ठिकाने लगाने के लिए किया था। ये कंपनियां कथित रूप से पूर्व मंत्री के रिश्तेदारों से जुड़ी बताई जा रही हैं। इतना ही नहीं, दो कंपनियों के खातों में 686.15 करोड़ रुपये घुमाए गए जबकि एक कंपनी के खाते में विदेश से भी राशि जमा की गई।
विजिलेंस ने चार्जशीट में बताया कि बिक्रमजीत सिंह मजीठिया ने आय के ज्ञात स्रोतों से लगभग 40.78 करोड़ रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित की थी। यह संपत्ति उनकी आय के ज्ञात स्रोतों का 1,200.13 प्रतिशत थी। जांच का दायरा बढ़ाने के बाद अब विजिलेंस ने चार्जशीट में आय से अधिक संपत्ति का संशोधित आंकड़ा पेश किया है, जो 1,495.37 प्रतिशत अधिक होने का दावा किया गया है।
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बिक्रमजीत सिंह मजीठिया की कथित अवैध संपत्ति में वृद्धि में हरप्रीत सिंह गुलाटी की भूमिका सामने आई उनके समेत मजीठिया के साले गजपत सिंह ग्रेवाल को भी आरोपी बनाया गया है। चार्जशीट में कुछ कंपनियों, फर्मों और कारोबारी संस्थाओं की कथित भूमिका भी सामने आई है।
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इन कंपनियों को किया नामजद
जांच के दौरान एकत्र किए गए साक्ष्यों के आधार पर सराया इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, पेरेग्रीन सराया ऑर्गेनिक्स प्राइवेट लिमिटेड, एसडी बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड, ए टू जेड ट्रांसपोर्ट/पटियाला एक्सप्रेस, एडी एंटरप्राइजेज, हरप्रीत गुलाटी एचयूएफ (यूनाइटेड वाइन्स), आकाश एंटरप्राइजेज, जिसके एकल स्वामी हरप्रीत सिंह गुलाटी हैं, यूडब्ल्यू एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड, एडी एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड और आकाश स्पिरिट प्राइवेट लिमिटेड को नामजद किया गया है। सराया एविएशन लिमिटेड में बेनामी निवेश भी पकड़ा गया है।
इनके खातों में जमा हुई राशि
सराया इंडस्ट्रीज लिमिटेड के बैंक खातों में 2007 से 2009 तक 170.39 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जमा हुई। इसी कंपनी में विदेशी संस्थाओं से 176.56 करोड़ रुपये का अनुचित लाभ प्राप्त हुआ। इसके बाद इसी कंपनी में वर्ष 2012 से 2014 तक 127.90 करोड़ रुपये जमा हुए। इसी कंपनी की अचल संपत्तियों में 194.62 करोड़ रुपये की अस्पष्ट वृद्धि हुई। सिंडिकैटम समूह से नवांशहर पावर प्राइवेट लिमिटेड को 16.68 करोड़ रुपये का असामान्य लाभ प्राप्त हुआ।
अदालत और बाहर बयानों में फर्क क्यों : मजीठिया
बिक्रमजीत सिंह मजीठिया ने कहा कि सरकार के वकील की अदालत में दी जा रही दलीलों और बाहर आप नेताओं द्वारा किए जा रहे प्रचार में अंतर है। आय से अधिक संपत्ति के मामले को नशा तस्करी से जोड़कर पेश करना गलत है। किसी रकम या कंपनी का नाम सामने आने भर से अपराध साबित नहीं होता।
मजीठिया का अब बचना मुश्किल है : मान
मजीठिया का बच निकलना अब मुश्किल होगा। पंजाब को नशे से जोड़कर बदनाम करने वालों को अपने कर्मों का हिसाब देना होगा। मान ने अकाली नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब की भाषा और जमीनी हकीकत से कटे नेता जनता का प्रभावी प्रतिनिधित्व नहीं कर सकते।
जांच के दौरान एकत्र किए गए साक्ष्यों के आधार पर सराया इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, पेरेग्रीन सराया ऑर्गेनिक्स प्राइवेट लिमिटेड, एसडी बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड, ए टू जेड ट्रांसपोर्ट/पटियाला एक्सप्रेस, एडी एंटरप्राइजेज, हरप्रीत गुलाटी एचयूएफ (यूनाइटेड वाइन्स), आकाश एंटरप्राइजेज, जिसके एकल स्वामी हरप्रीत सिंह गुलाटी हैं, यूडब्ल्यू एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड, एडी एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड और आकाश स्पिरिट प्राइवेट लिमिटेड को नामजद किया गया है। सराया एविएशन लिमिटेड में बेनामी निवेश भी पकड़ा गया है।
इनके खातों में जमा हुई राशि
सराया इंडस्ट्रीज लिमिटेड के बैंक खातों में 2007 से 2009 तक 170.39 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जमा हुई। इसी कंपनी में विदेशी संस्थाओं से 176.56 करोड़ रुपये का अनुचित लाभ प्राप्त हुआ। इसके बाद इसी कंपनी में वर्ष 2012 से 2014 तक 127.90 करोड़ रुपये जमा हुए। इसी कंपनी की अचल संपत्तियों में 194.62 करोड़ रुपये की अस्पष्ट वृद्धि हुई। सिंडिकैटम समूह से नवांशहर पावर प्राइवेट लिमिटेड को 16.68 करोड़ रुपये का असामान्य लाभ प्राप्त हुआ।
अदालत और बाहर बयानों में फर्क क्यों : मजीठिया
बिक्रमजीत सिंह मजीठिया ने कहा कि सरकार के वकील की अदालत में दी जा रही दलीलों और बाहर आप नेताओं द्वारा किए जा रहे प्रचार में अंतर है। आय से अधिक संपत्ति के मामले को नशा तस्करी से जोड़कर पेश करना गलत है। किसी रकम या कंपनी का नाम सामने आने भर से अपराध साबित नहीं होता।
मजीठिया का अब बचना मुश्किल है : मान
मजीठिया का बच निकलना अब मुश्किल होगा। पंजाब को नशे से जोड़कर बदनाम करने वालों को अपने कर्मों का हिसाब देना होगा। मान ने अकाली नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब की भाषा और जमीनी हकीकत से कटे नेता जनता का प्रभावी प्रतिनिधित्व नहीं कर सकते।