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कर्ज में डूबे पंजाब के अन्नदाता: 54 प्रतिशत किसान परिवारों ने लिया है लोन, मासिक आय 12,597 रुपये

Tue, 31 Dec 2024 12:18 PM IST
अंकेश ठाकुर राजिंद्र शर्मा, चंडीगढ़
राजिंद्र शर्मा, चंडीगढ़ Published by: अंकेश ठाकुर Updated Tue, 31 Dec 2024 12:18 PM IST
सार

पंजाब का किसान कर्ज के तले दबा हुआ है। सूबे के 54 किसान परिवारों ने ऋण ले रखा है। यह खुलासा एक रिपोर्ट में हुआ है, जिसे हाल ही में लोकसभा में पेश किया गया है। 

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Average loan of 2.03 lakh on 54 percent farmer families in Punjab
शंभू बॉर्डर पर किसान आंदोलन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब में फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी को लेकर किसान आंदोलन लगातार जारी है। इसी बीच किसानों की आर्थिक स्थिति को लेकर संसद में ताजा रिपोर्ट पेश की गई है। इसमें किसानों की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताई गई है। रिपोर्ट पर गौर करें तो पंजाब के 54.4 प्रतिशत किसान परिवारों पर औसत 2.03 लाख रुपये का कर्ज है। हालांकि इसमें यह नहीं बताया गया है कि यह कर्ज कृषि लोन है या कोई और। 
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पंजाब उन टॉप 10 राज्यों में शामिल है, जहां किसानों पर कर्ज प्रतिशत सबसे अधिक है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने यह सर्वे किया था, जिसकी रिपोर्ट किसानों की आर्थिक स्थिति के सवाल के जवाब में अब लोकसभा में पेश की गई थी। कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी की तरफ से पेश रिपोर्ट में बताया गया कि मंत्रालय की तरफ से पिछले कुछ सालों में यह सर्वे कराया गया था। इसके अनुसार फसल उत्पादन से पंजाब में किसानों की औसत मासिक आय 12,597 रुपये है। अगर कुल आय की बात की जाए तो वह 26,701 है। इसमें फसल उत्पादन, वेतन-भत्ते, भूमि को लीज आउट करने, पशु पालन और गैर कृषि व्यवसाय शामिल है।
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किसानों की आय बढ़ाने का किया जा रहा प्रयास
रिपोर्ट में बताया गया कि किसानों की आय बढ़ाने व उनको आर्थिक प्रोत्साहन देने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से कई परियोजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसमें पीएम किसान, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, कृषि क्षेत्र के लिए संस्थागत ऋण, देश में जैविक खेती को बढ़ावा देना, सूक्ष्म सिंचाई निधि, कृषि अवसंरचना कोष व केंद्रीय क्षेत्र योजना नमो ड्रोन दीदी शामिल है। इन योजनाओं से फायदा भी हुआ है और सर्वे के बाद किसानों आय में काफी हद तक बढ़ोतरी हुई है।
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स्टैंडिंग कमेटी ने की है एमएसपी की लीगल गारंटी की सिफारिश
कृषि, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण की संसदीय स्थायी समिति ने 17 दिसंबर को संसद में समिति की रिपोर्ट पेश किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की लीगल गारंटी देने की सिफारिश की थी। 17 दिसंबर को रिपोर्ट में पेश करते हुए के समिति के चेयरमैन चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा था कि समिति ने कृषि, पशुपालन, डेयरी फार्मिंग और मत्स्य पालन का बजट बढ़ाने की सिफारिश की है। इसी तरह कर्ज माफी के लिए ऋण माफी योजना लाने, प्रधानमंत्री किसान स्कीम में किसानों को दी जाने वाले राशि को 6 हजार से बढ़ाकर 12 हजार करने की भी सिफारिश की थी।


किसानों की इस समय आय बढ़ाने की जरुरत है। पहले तो सभी फसलों पर न्युनतम समर्थन मूल्य दिया जाना चाहिए। साथ ही प्रधानमंत्री किसान स्कीम में किसानों को दी जाने वाले राशि को बढ़ाया जाना चाहिए। -देविंदर शर्मा, कृषि और व्यापार नीति विश्लेषक।
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