फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Chandigarh-Punjab News ›   Allegations of illegal mining under guise canal construction investigation into multi-crore scam in Pathankot

Pathankot: रजवाहे की आड़ में अवैध खनन का आरोप, डडवाल में करोड़ों के घोटाले की जांच शुरू

Mon, 19 Jan 2026 08:09 PM IST
अंकेश ठाकुर सूरज प्रकाश, पठानकोट
सूरज प्रकाश, पठानकोट Published by: अंकेश ठाकुर Updated Mon, 19 Jan 2026 08:09 PM IST
सार

डडवाल निवासी नत्था सिंह और सुखदेव सिंह ने बताया कि नंबर-3 रजवाहे के लिए इरिगेशन विभाग के पास खड्ड में खुदाई की कोई अनुमति नहीं थी। इसके बावजूद पुलिया के पास से करीब 25 फीट गहराई तक माइनिंग मटीरियल निकाला गया।

विज्ञापन
Allegations of illegal mining under guise canal construction investigation into multi-crore scam in Pathankot
पठानकोट के डडवाल गांव में खड्ड और रजवाहे के पुल लिए की गई खुदाई। - फोटो : संवाद

विस्तार

पठानकोट में सिंचाई विभाग की ओर से किसानों को पानी उपलब्ध कराने के लिए बनाए जा रहे रजवाहों के निर्माण में बड़े पैमाने पर अवैध खनन के आरोप सामने आए हैं। डडवाल क्षेत्र में जैनी से कानपुर जाने वाले नंबर-3 रजवाहे के निर्माण के दौरान की गई खुदाई को लेकर स्थानीय लोगों ने ठेकेदार और प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि रजवाहे की आड़ में करोड़ों रुपये का कच्चा माइनिंग मटीरियल निकालकर क्रशर मालिकों को बेचा गया।
विज्ञापन


आरोपों की सूचना मिलते ही माइनिंग विभाग और पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन विभागीय कार्रवाई से पहले ही ऑपरेटर भारी मशीनरी और टिप्पर छोड़कर फरार हो गए। सोमवार को विजिलेंस विभाग की टीम ने भी नंबर-2 और नंबर-3 रजवाहे की जांच की।
विज्ञापन


खड्ड में बिना अनुमति खुदाई का आरोप
डडवाल निवासी नत्था सिंह और सुखदेव सिंह ने बताया कि नंबर-3 रजवाहे के लिए इरिगेशन विभाग के पास खड्ड में खुदाई की कोई अनुमति नहीं थी। इसके बावजूद पुलिया के पास से करीब 25 फीट गहराई तक माइनिंग मटीरियल निकाला गया। साथ ही खड्ड को 6 से 7 फीट तक और करीब 200 मीटर लंबाई में चौड़ा कर दिया गया। उन्होंने बताया कि रविवार को जैसे ही माइनिंग विभाग और पुलिस को बुलाया गया, टिप्पर चालक लोड किया गया मटीरियल वहीं पलटकर फरार हो गया, जबकि पोकलेन मशीन को भी खड्ड से बाहर निकाल लिया गया। स्थानीय लोगों ने खुदाई और टिप्परों की आवाजाही की वीडियो भी बना रखी है।
विज्ञापन
विज्ञापन




18 करोड़ की परियोजना पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर एक रजवाहे में इस स्तर पर अनियमितताएं सामने आ रही हैं तो अन्य रजवाहों की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से पांच रजवाहों का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें अलग-अलग चरणों में कई ठेकेदार बदले गए हैं। इनमें माधोपुर से कानपुर, पुल नंबर-4 क्षेत्र, जैनी से कानपुर (2.93 करोड़), राजपुरा से रानीपुर और जंदरई से मनवाल तक के रजवाहे शामिल हैं।


विभाग आमने-सामने
माइनिंग विभाग के एसडीओ गुरमुख ने बताया कि गांव डडवाल में अवैध खनन के संकेत मिले हैं। इरिगेशन विभाग को खुदाई से संबंधित अनुमति के दस्तावेज पेश करने के लिए बुलाया गया है। यदि जांच में अनियमितता पाई गई तो संबंधित विभाग और ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विजिलेंस विभाग ने भी दो रजवाहों की मौके पर जांच कर तथ्य जुटाए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed