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शॉर्ट सर्किट से गुरुद्वारे में लगी आग: जले गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूप, पंचायत दमदमा साहिब में तलब
Fri, 05 Jun 2026 08:47 PM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Fri, 05 Jun 2026 08:47 PM IST
सार
सेवादारों ने बताया कि दो स्वरूप पूरी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए, जबकि अन्य स्वरूपों और रुमाला साहिब को आग की लपटों से निकालने के दौरान उनके हाथ भी झुलस गए।
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बठिंडा में गुरुद्वारे में लगी आग
- फोटो : संवाद
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विस्तार
बठिंडा के पास गांव जस्सी पौवाली स्थित गुरुद्वारा ढाबसर साहिब में एक अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी, जहां बिजली के बल्ब में हुए शॉर्ट सर्किट के कारण सचखंड साहिब में आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के कुछ पावन स्वरूप आग की भेंट चढ़ गए जबकि ग्रंथी सिंह और सेवादारों की मुस्तैदी के चलते कुछ स्वरूपों को सुरक्षित बचा लिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब बाबा टेक सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि मामले की पूरी जांच धर्म प्रचार कमेटी के माध्यम से करवाई जाएगी।
गुरुद्वारा साहिब के सेवादारों के मुताबिक रात करीब साढ़े आठ से नौ बजे के बीच वे पाठ कर रहे थे। इसी दौरान सचखंड साहिब की ओर से अचानक तेज रोशनी दिखाई दी। जब जांच की गई तो पता चला कि अंदर आग लग चुकी थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रंथी सिंह और सेवादार तुरंत अंदर पहुंचे और अपनी जान जोखिम में डालकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूपों को बाहर निकालने का प्रयास किया।
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सेवादारों ने बताया कि दो स्वरूप पूरी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए, जबकि अन्य स्वरूपों और रुमाला साहिब को आग की लपटों से निकालने के दौरान उनके हाथ भी झुलस गए। उन्होंने बताया कि चंदोआ साहिब भी आग की चपेट में था, जिससे हालात बेहद खतरनाक बन गए थे। जत्थेदार बाबा टेक सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार सचखंड में लगे बल्ब में शॉर्ट सर्किट होने के कारण यह आग लगी। उन्होंने ग्रंथी सिंह की बहादुरी और सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मुस्तैदी से कई स्वरूपों को बचाया जा सका।
उन्होंने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए धर्म प्रचार कमेटी को विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। इस संबंध में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और गांव की पंचायत को 14 जून को तख्त श्री दमदमा साहिब में तलब किया गया है, जहां जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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घटना की सूचना मिलते ही तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब बाबा टेक सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि मामले की पूरी जांच धर्म प्रचार कमेटी के माध्यम से करवाई जाएगी।
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गुरुद्वारा साहिब के सेवादारों के मुताबिक रात करीब साढ़े आठ से नौ बजे के बीच वे पाठ कर रहे थे। इसी दौरान सचखंड साहिब की ओर से अचानक तेज रोशनी दिखाई दी। जब जांच की गई तो पता चला कि अंदर आग लग चुकी थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रंथी सिंह और सेवादार तुरंत अंदर पहुंचे और अपनी जान जोखिम में डालकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूपों को बाहर निकालने का प्रयास किया।
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सेवादारों ने बताया कि दो स्वरूप पूरी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए, जबकि अन्य स्वरूपों और रुमाला साहिब को आग की लपटों से निकालने के दौरान उनके हाथ भी झुलस गए। उन्होंने बताया कि चंदोआ साहिब भी आग की चपेट में था, जिससे हालात बेहद खतरनाक बन गए थे। जत्थेदार बाबा टेक सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार सचखंड में लगे बल्ब में शॉर्ट सर्किट होने के कारण यह आग लगी। उन्होंने ग्रंथी सिंह की बहादुरी और सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मुस्तैदी से कई स्वरूपों को बचाया जा सका।
उन्होंने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए धर्म प्रचार कमेटी को विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। इस संबंध में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और गांव की पंचायत को 14 जून को तख्त श्री दमदमा साहिब में तलब किया गया है, जहां जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।