पंजाब विधानसभा चुनाव: शहरों में जड़ें मजबूत करने में जुटा भाजपा संगठन, बाहरी राज्यों के नेताओं ने संभाली कमान
भाजपा 2019 में लोकसभा चुनाव तक अकाली दल के साथ थी और मालवा क्षेत्र में अकाली दल ने उसे चुनाव मैदान में उतरने से दूर ही रखा था। ऐसे हालात में भाजपा निचले स्तर पर संगठन को खड़ा नहीं कर पाई थी।
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पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी मालवा क्षेत्र में अपनी जड़ें मजबूत करने में जुट गई है। पंजाब की सियासत में पहली बार बडे़ भाई की भूमिका में आई भाजपा ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में अपने संगठन के बूथ स्तर तक प्रसार की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए बकायदा बाहरी राज्यों से आए भाजपा नेताओं ने कमान संभाल ली है और बूथ कमेटियों का गठन करके बैठकों का दौर शुरू हो गया है। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में भाजपा के प्रति नाराजगी देखी जा सकती है।
मालवा इलाके में कांग्रेस, अकाली दल और आम आदमी पार्टी का शहरों, कस्बों व गांवों में अच्छा खासा प्रभाव है। भाजपा 2019 में लोकसभा चुनाव तक अकाली दल के साथ थी और मालवा क्षेत्र में अकाली दल ने उसे चुनाव मैदान में उतरने से दूर ही रखा था। ऐसे हालात में भाजपा निचले स्तर पर संगठन को खड़ा नहीं कर पाई थी। अब 2022 चुनाव के लिए भाजपा ने हरेक बूथ पर एक प्रभारी व दस सदस्यों की कमेटी गठित करने की रणनीति तैयार की है। इसके लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में दो प्रभारी तैनात किए गए हैं। उक्त प्रभारी सार्वजनिक गतिविधियों से दूर रहते हुए बूथ स्तर की कमेटियां गठित करवा रहे हैं।
वोटों का बंटवारा होने की उम्मीद
हरेक कमेटी के सदस्यों ने बैठक करके भाजपा के पक्ष में प्रचार करने के गुर सिखाए जा रहे हैं। कमेटियां बनने के बाद भाजपा, सदस्यों का सम्मेलन बुलाने (आचार संहिता लागू से पहले) की तैयारी भी कर रही है। संगरूर में आते तीन विधानसभा क्षेत्रों (सुनाम, लहरागागा व दिड़बा) के लिए राजस्थान से आए 6 प्रभारी संगठन को मजबूत करने में जुट गए हैं। सूत्र बताते हैं कि भाजपा को पंजाब में वोटों का बड़े स्तर पर बंटवारा होने की उम्मीद है। वोट बैंक के ज्यादा से ज्यादा बंटवारे को भाजपा अपने पक्ष में जोड़कर देख रही है। कई अन्य फैक्टरों पर भी भाजपा हाईकमान की नजर है। इसके अलावा पार्टी को शहरी इलाकों में भाजपा के पक्ष में वोटों का ध्रुवीकरण होने की आस है। भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विनोद गुप्ता ने कहा कि भाजपा हरेक बूथ पर वन प्लस टेन की पॉलिसी पर काम कर रही है। पार्टी 10 जनवरी से पहले इन कमेटियों का सम्मलेन बुलाने की तैयारी में है। पार्टी अंदरखाते खुद को मजबूत करने हेतु दिन रात काम कर रही है।
किसान होंगे अब भी चुनौती
भाजपा चुनाव की तैयारी में जुट गई है और आने वाले दिनों में साम, दाम, दंड, भेद अपनाने के रंग भी दिखाई दे सकते हैं। भाजपा नेतृत्व वाले त्रिकोणीय गठबंधन को विरोधी दलों से तो दो दो हाथ करने होंगे लेकिन भाजपा गठबंधन के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती किसानों का समर्थन जुटाने की होगी।