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अमरिंदर की 'चिट्ठी' पर पंजाब कांग्रेस में बवाल
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Mon, 01 Jul 2013 03:41 PM IST
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पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की कथित चिट्ठी पर पंजाब कांग्रेस में विवाद छिड़ गया है।
पंजाब कांग्रेस प्रभारी शकील अहमद में मामले में सफाई दी है कि प्रताप सिंह बाजवा के आतंकियों से संबंध नहीं रहे हैं और कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ऐसी कोई भी चिट्ठी कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी को नहीं लिख सकते।
शकील अहमद ने कहा कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ऐसा लिख ही नहीं सकते, उन्होंने ऐसा लिखा है मैं नहीं मान सकता।
गौरतलब है कि रविवार को एक अंग्रेजी दैनिक ने खबर दी थी कि प्रताप सिंह बाजवा को पंजाब प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाए जाने से पहले तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी को एक पत्र लिखा थ।
पत्र में उन्होंने कहा था कि गुरुदासपुर के सांसद प्रताप सिंह बाजवा के आंतकियों से संबंध रहे हैं। कथित चिट्ठी में अमरिंदर ने सोनिया गांधी से अपील की थी कि बाजवा को प्रदेश कांग्रेस की जिम्मेदारी न सौंपी जाए।
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हालांकि सोनिया गांधी ने कैप्टन के पत्र के बाद भी मार्च में बाजवा को पंजाब प्रदेश की जिम्मेदारी सौंप दी थी।
शकील की सफाई
कैप्टन की कथित चिट्ठी के बारे में पंजाब कांग्रेस प्रभारी शकील अहमद कहा कि खुद अमरिंदर के मंत्रिमंडल में बाजवा 5 साल तक उनके सीनियर मंत्रियों में से एक रहे हैं। जब वह प्रदेश अध्यक्ष थे तो उन्होंने बाजवा को महासचिव तक बनाया था।
उन्होंने कहा कि पत्र के मसले पर न तो अरमिंदर सिंह ने कोई टिप्पणी की है और इसकी खबर छपने के बाद भी उनहोंने कोई जवाब नहीं दिया है।
उन्होंने कहा, अगर कैप्टन यह स्वीकारते हैं कि पत्र उन्होंने लिखा है तो वह उनसे बात करेंगे।
वहीं, प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कम से कम मुझे कोई पत्र दिखा तो दे या कैप्टन खुद कहें कि मैंने यह लिखा है तो मैं ये बात स्वीकार करूंगा। उन्होंने कहा कि राजनीति में ऐसे इल्जाम लगते रहते हैं।
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पंजाब कांग्रेस प्रभारी शकील अहमद में मामले में सफाई दी है कि प्रताप सिंह बाजवा के आतंकियों से संबंध नहीं रहे हैं और कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ऐसी कोई भी चिट्ठी कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी को नहीं लिख सकते।
शकील अहमद ने कहा कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ऐसा लिख ही नहीं सकते, उन्होंने ऐसा लिखा है मैं नहीं मान सकता।
गौरतलब है कि रविवार को एक अंग्रेजी दैनिक ने खबर दी थी कि प्रताप सिंह बाजवा को पंजाब प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाए जाने से पहले तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी को एक पत्र लिखा थ।
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पत्र में उन्होंने कहा था कि गुरुदासपुर के सांसद प्रताप सिंह बाजवा के आंतकियों से संबंध रहे हैं। कथित चिट्ठी में अमरिंदर ने सोनिया गांधी से अपील की थी कि बाजवा को प्रदेश कांग्रेस की जिम्मेदारी न सौंपी जाए।
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हालांकि सोनिया गांधी ने कैप्टन के पत्र के बाद भी मार्च में बाजवा को पंजाब प्रदेश की जिम्मेदारी सौंप दी थी।
शकील की सफाई
कैप्टन की कथित चिट्ठी के बारे में पंजाब कांग्रेस प्रभारी शकील अहमद कहा कि खुद अमरिंदर के मंत्रिमंडल में बाजवा 5 साल तक उनके सीनियर मंत्रियों में से एक रहे हैं। जब वह प्रदेश अध्यक्ष थे तो उन्होंने बाजवा को महासचिव तक बनाया था।
उन्होंने कहा कि पत्र के मसले पर न तो अरमिंदर सिंह ने कोई टिप्पणी की है और इसकी खबर छपने के बाद भी उनहोंने कोई जवाब नहीं दिया है।
उन्होंने कहा, अगर कैप्टन यह स्वीकारते हैं कि पत्र उन्होंने लिखा है तो वह उनसे बात करेंगे।
वहीं, प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कम से कम मुझे कोई पत्र दिखा तो दे या कैप्टन खुद कहें कि मैंने यह लिखा है तो मैं ये बात स्वीकार करूंगा। उन्होंने कहा कि राजनीति में ऐसे इल्जाम लगते रहते हैं।
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