{"_id":"57b887c94f1c1b29156ecb43","slug":"wheat-waste-wheat-waste-in-pangrain-godown-tarn-taran-amritsar","type":"story","status":"publish","title_hn":"पनग्रेन के गोदाम में सड़ रहा हजारों बोरी गेहूं ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पनग्रेन के गोदाम में सड़ रहा हजारों बोरी गेहूं
ब्यूरो, अमर उजाला/अमृतसर
Updated Sat, 20 Aug 2016 10:09 PM IST
विज्ञापन
तरनतारन के गांव कदगिल के नजदीक बने पनग्रेन के गोदामों में पिछले 5 वर्षों से पड़ी खराब गेहूं की बोरियां।
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांव कदगिल से थोड़ी दूरी पर बने पनग्रेन गोदाम में गेहूं की हजारों बोरियां सड़ रही है। इस खराब गेहूं से उठ रही बदबू से आसपास के लोग परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में जलभराव होने से बीमारियां फैलने का खतरा रहता है। वह यह समस्या पिछले पांच वर्ष से झेल रहे हैं।
यह गेहूं अब पशुओं के खाने के लायक भी नहीं है। गोदाम सडक़ के नजदीक होने के कारण गेहूं की बदबू से राहगीर भी परेशान होते हैं। बारिश के दिनों में गेहूं के भीगने से इसकी बदबू और बढ़ जाती है। गोदाम में बारिश के दौरान कई दिनों तक जलभराव रहता है। इससे गेहूं से और भी बदबूू उठने लगती है। इससे बीमारियों के फैलने का खदशा बना रहता है।
गांव मल्लीया, कदगिल के निवासियों ने विभाग को कई बार इस स्थिति से अवगत करवाया गया है। इसके बाद कोई ठोस कदम नही उठाया जा रहा है।
इस संबंधी जब विभाग के एएफएसओ नवदीप सिंह से फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि यह गेहूं वर्ष 2011 में एफसीआई वालों ने नहीं उठाया था। तब से ही यह गेहूं यहां पड़ा है। उन्होंने बताया टेंडरों के माध्यम से इस गेहूं की नीलामी जल्द की जाएगी। नीलामी होने के बाद लोगों को इस समस्या से निजात मिल सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह गेहूं अब पशुओं के खाने के लायक भी नहीं है। गोदाम सडक़ के नजदीक होने के कारण गेहूं की बदबू से राहगीर भी परेशान होते हैं। बारिश के दिनों में गेहूं के भीगने से इसकी बदबू और बढ़ जाती है। गोदाम में बारिश के दौरान कई दिनों तक जलभराव रहता है। इससे गेहूं से और भी बदबूू उठने लगती है। इससे बीमारियों के फैलने का खदशा बना रहता है।
विज्ञापन
गांव मल्लीया, कदगिल के निवासियों ने विभाग को कई बार इस स्थिति से अवगत करवाया गया है। इसके बाद कोई ठोस कदम नही उठाया जा रहा है।
इस संबंधी जब विभाग के एएफएसओ नवदीप सिंह से फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि यह गेहूं वर्ष 2011 में एफसीआई वालों ने नहीं उठाया था। तब से ही यह गेहूं यहां पड़ा है। उन्होंने बताया टेंडरों के माध्यम से इस गेहूं की नीलामी जल्द की जाएगी। नीलामी होने के बाद लोगों को इस समस्या से निजात मिल सकेगी।
विज्ञापन