{"_id":"64cfd3bfbe337a432108e1a6","slug":"takht-shri-hazur-sahib-board-manager-non-sikh-not-accepted-dhami-amritsar-news-c-59-1-asr1001-1444-2023-08-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"तख्त श्री हजूर साहिब बोर्ड का मैनेजर गैर सिख स्वीकार नहीं : धामी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तख्त श्री हजूर साहिब बोर्ड का मैनेजर गैर सिख स्वीकार नहीं : धामी
Sun, 06 Aug 2023 10:39 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
Updated Sun, 06 Aug 2023 10:39 PM IST
विज्ञापन
- एसजीपीसी अध्यक्ष ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को ईमेल भेजकर आपत्ति जताई
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने तख्त श्री हजूर साहिब नांदेड़ बोर्ड के प्रबंधक के रूप में गैर-सिख की नियुक्ति पर आपत्ति जताई है। इस फैसले को वापस लेने की मांग की है। एसजीपीसी अध्यक्ष ने महाराष्ट्र सरकार के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को ईमेल भेजकर अपना विरोध दर्ज कराया है।
एडवोकेट धामी ने कहा कि एक गैर-सिख अधिकारी को गुरुद्वारा बोर्ड, तख्त सचखंड श्री हजूर अबचल नगर, नांदेड़ का प्रशासक नियुक्त करना सिख भावनाओं और नैतिकता के अनुरूप नहीं है। महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ सिख समुदाय में भारी विरोध हो रहा है।
धामी ने कहा कि सिख समुदाय में तख्त साहिबों की भूमिका सिख नैतिकता के कार्यान्वयन के लिए नेतृत्व करना और समय-समय पर निर्देश देना है, इसलिए किसी भी गैर-सिख व्यक्ति को तख्त साहिब के प्रबंधन बोर्ड के प्रशासक के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता है। एक गैर सिख व्यक्ति गुरुद्वारा साहिबों का प्रबंधन सिख भावनाओं के अनुरूप कैसे चला सकता है। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से कहा कि यह सिख विरोधी फैसला है, जिसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
विज्ञापन
धामी ने गुरुद्वारा बोर्ड, तख्त सचखंड श्री हजूर अबचलनगर साहिब नांदेड़ के चुनाव कराने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि तख्त श्री हजूर साहिब बोर्ड का कार्यकाल मार्च 2022 में पूरा हो गया है। यह चुनाव पिछले एक साल से लंबित है। सिख समुदाय का प्रतिनिधि धार्मिक संगठन होने के नाते एसजीपीसी पहले भी कई बार इसकी मांग कर चुकी है। धामी ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार को सिखों के मामले में मनमाने फैसले नहीं लेने चाहिए और चुनाव तक तख्त साहिब के बोर्ड का मैनेजर किसी पूर्ण गुरसिख व्यक्ति को नियुक्त करना चाहिए।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने तख्त श्री हजूर साहिब नांदेड़ बोर्ड के प्रबंधक के रूप में गैर-सिख की नियुक्ति पर आपत्ति जताई है। इस फैसले को वापस लेने की मांग की है। एसजीपीसी अध्यक्ष ने महाराष्ट्र सरकार के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को ईमेल भेजकर अपना विरोध दर्ज कराया है।
एडवोकेट धामी ने कहा कि एक गैर-सिख अधिकारी को गुरुद्वारा बोर्ड, तख्त सचखंड श्री हजूर अबचल नगर, नांदेड़ का प्रशासक नियुक्त करना सिख भावनाओं और नैतिकता के अनुरूप नहीं है। महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ सिख समुदाय में भारी विरोध हो रहा है।
विज्ञापन
धामी ने कहा कि सिख समुदाय में तख्त साहिबों की भूमिका सिख नैतिकता के कार्यान्वयन के लिए नेतृत्व करना और समय-समय पर निर्देश देना है, इसलिए किसी भी गैर-सिख व्यक्ति को तख्त साहिब के प्रबंधन बोर्ड के प्रशासक के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता है। एक गैर सिख व्यक्ति गुरुद्वारा साहिबों का प्रबंधन सिख भावनाओं के अनुरूप कैसे चला सकता है। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से कहा कि यह सिख विरोधी फैसला है, जिसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
विज्ञापन
धामी ने गुरुद्वारा बोर्ड, तख्त सचखंड श्री हजूर अबचलनगर साहिब नांदेड़ के चुनाव कराने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि तख्त श्री हजूर साहिब बोर्ड का कार्यकाल मार्च 2022 में पूरा हो गया है। यह चुनाव पिछले एक साल से लंबित है। सिख समुदाय का प्रतिनिधि धार्मिक संगठन होने के नाते एसजीपीसी पहले भी कई बार इसकी मांग कर चुकी है। धामी ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार को सिखों के मामले में मनमाने फैसले नहीं लेने चाहिए और चुनाव तक तख्त साहिब के बोर्ड का मैनेजर किसी पूर्ण गुरसिख व्यक्ति को नियुक्त करना चाहिए।