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कुर्सी से गिरे सुखबीर: पैर फ्रैक्चर, तनखहिया मामले में अपील पत्र लेकर अकाल तख्त पहुंचे थे बादल, चढ़ा प्लास्टर
Wed, 13 Nov 2024 07:26 PM IST
अंकेश ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Wed, 13 Nov 2024 07:26 PM IST
सार
अकाल तख्त साहिब द्वारा तनखैया घोषित शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल बुधवार को ने जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह को आवेदन लिखकर जल्द सजा पर फैसला लेने की अपील के लिए पहुंचे थे। यहां वह कुर्सी से गिर गए और हादसे का शिकार हो गए।
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सुखबीर बादल के पैर पर चढ़ा प्लास्टर।
- फोटो : संवाद
विस्तार
तनखाहिया घोषित किए गए शिरोमणि अकाली दल (शिअद) बादल के अध्यक्ष सुखबीर बादल बुधवार अकाल तख्त साहिब पहुंचे थे। यहां वह हादसे के शिकार हो गए। वह उस समय चोटग्रस्त हो गए जब वह अकाल तख्त सचिवालय में जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह की गैर-मौजूदगी में उन्हें अपना पत्र देने पहुंचे थे। बादल की धार्मिक सजा पर फैसला आना अभी बाकी है।
दोपहर करीब 1:30 बजे पत्र सौंपने के बाद सुखबीर कुर्सी से उठने ही लगे थे कि वजन ज्यादा होने के चलते कुर्सी टूट गई और वह गिर गए। सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें उठाया और गाड़ी तक पहुंचाया। दर्द ज्यादा होने के कारण उनका सुरक्षा काफिला वल्ला स्थित श्री गुरु रामदास अस्पताल पहुंचा। जहां डॉक्टरों ने सुखबीर बादल के दाएं पैर में फ्रैक्चर होने के कारण पैर को प्लास्टर लगाया है।
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जल्द फैसला लेने की अपील
इससे पहले सुखबीर बादल ने अकाल तख्त साहिब और हरिमंदिर साहिब में माथा टेकने के बाद अकाल तख्त सचिवालय में जत्थेदार रघबीर सिंह की गैर मौजूदगी में सचिवालय के कर्मचारियों को अपील पत्र सौंपा। पत्र में सुखबीर ने उनके (तनखहिया) मामले को लेकर जत्थेदार रघबीर सिंह से जल्द से जल्द कोई फैसला लेने की अपील की है।
पार्टी के कामकाज पर पड़ रहा असर
पत्र में सुखबीर बादल ने कहा कि उनके तनखाहिया घोषित होने के चलते पार्टी के कामकाज पर भी असर पड़ रहा है। सिंह साहिबानों के आदेशों के अनुसार वह पार्टी की गतिविधियों में भी भाग नहीं ले रहे हैं। सिख पंथ व पंजाब को इस समय गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन वह आदेशों के अनुसार पंजाब के लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं की कोई भी सहायता करने में असमर्थ हैं। इसलिए उनके मामले को लेकर जल्द ही कोई फैसला लिया जाए। वह दास के तौर पर सिंह साहिबानों का हर आदेश का पालन करने को तैयार हैं।
सजा पर फैसला बाकी
उल्लेखनीय है कि 30 अगस्त को जत्थेदार रघबीर सिंह द्वारा तनखाहिया घोषित किए गए सुखबीर बादल इससे पहले 31 अगस्त को भी श्री अकाल तख्त साहिब उपस्थिति होकर केस का जल्द निपटाने करने की गुहार जत्थेदार रघबीर सिंह से लगा चुके हैं। जबकि अलग-अलग अकाली नेताओं और एसजीपीसी के पदाधिकारियों के माध्यम से भी सुखबीर बादल सिंह साहिब तक पहुंच करके अपने तनखाहिया मामले में जल्द धार्मिक सजा सुनाए जाने की अपील कर चुके हैं।
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दोपहर करीब 1:30 बजे पत्र सौंपने के बाद सुखबीर कुर्सी से उठने ही लगे थे कि वजन ज्यादा होने के चलते कुर्सी टूट गई और वह गिर गए। सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें उठाया और गाड़ी तक पहुंचाया। दर्द ज्यादा होने के कारण उनका सुरक्षा काफिला वल्ला स्थित श्री गुरु रामदास अस्पताल पहुंचा। जहां डॉक्टरों ने सुखबीर बादल के दाएं पैर में फ्रैक्चर होने के कारण पैर को प्लास्टर लगाया है।
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जल्द फैसला लेने की अपील
इससे पहले सुखबीर बादल ने अकाल तख्त साहिब और हरिमंदिर साहिब में माथा टेकने के बाद अकाल तख्त सचिवालय में जत्थेदार रघबीर सिंह की गैर मौजूदगी में सचिवालय के कर्मचारियों को अपील पत्र सौंपा। पत्र में सुखबीर ने उनके (तनखहिया) मामले को लेकर जत्थेदार रघबीर सिंह से जल्द से जल्द कोई फैसला लेने की अपील की है।
पार्टी के कामकाज पर पड़ रहा असर
पत्र में सुखबीर बादल ने कहा कि उनके तनखाहिया घोषित होने के चलते पार्टी के कामकाज पर भी असर पड़ रहा है। सिंह साहिबानों के आदेशों के अनुसार वह पार्टी की गतिविधियों में भी भाग नहीं ले रहे हैं। सिख पंथ व पंजाब को इस समय गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन वह आदेशों के अनुसार पंजाब के लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं की कोई भी सहायता करने में असमर्थ हैं। इसलिए उनके मामले को लेकर जल्द ही कोई फैसला लिया जाए। वह दास के तौर पर सिंह साहिबानों का हर आदेश का पालन करने को तैयार हैं।
सजा पर फैसला बाकी
उल्लेखनीय है कि 30 अगस्त को जत्थेदार रघबीर सिंह द्वारा तनखाहिया घोषित किए गए सुखबीर बादल इससे पहले 31 अगस्त को भी श्री अकाल तख्त साहिब उपस्थिति होकर केस का जल्द निपटाने करने की गुहार जत्थेदार रघबीर सिंह से लगा चुके हैं। जबकि अलग-अलग अकाली नेताओं और एसजीपीसी के पदाधिकारियों के माध्यम से भी सुखबीर बादल सिंह साहिब तक पहुंच करके अपने तनखाहिया मामले में जल्द धार्मिक सजा सुनाए जाने की अपील कर चुके हैं।