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बटाला में हड़ताल पर रहे रोडवेज, पनबस वर्कर, नारेबाजी
ब्यूरो, अमर उजाला/अमृतसर
Updated Sat, 02 Apr 2016 10:03 PM IST
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बटाला में प्रदर्शन करके रोष जताते रोडवेज कर्मचारी।
- फोटो : amarujala
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पंजाब रोडवेज, पनबस वर्कर्स यूनियन के सदस्य शनिवार को दूसरे दिन हड़ताल पर रहे। पनबस वर्करों ने यह हड़ताल बटाला के रोडवेज डिपो में की। वर्करों ने डिपो प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
यूनियन ने चेतावनी दी कि सोमवार तक मांगें नहीं मानी गईं तो रोडवेज के अन्य 18 डिपो में भी हड़ताल की जाएगी।
प्रदर्शन की अगुवाई यूनियन के प्रादेश जनरल सचिव बलजीत सिंह गिल्ल ने की। इस दौरान गिल्ल ने कहा कि डिपों मैनेजमेंट के खिलाफ दो दिन हड़ताल पर रहने के बावजूद भी उनकी मांगों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया है।
उन्होंने कहा कि वेतन में कटौती की जा रही हैं और रूट पर जाने वाली बसों के किलोमीटर कम लिखे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूनियन की मांग है कि पनबस का एक वर्कर रिकार्ड कीपर रखा जाए, ताकि सभी कुछ पारदर्शिता से हो सके।
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डिपो के चेयरमैन रजिंदर सिंह गोराया ने बताया कि शनिवार को बटाला डिपों की मांगे न माने जाने की वजह से पांच अन्य रोडवेज डिपो बंद किए गए हैं और सोमवार तक उनकी मांगों को न माना गया तो 18 अन्य रोडवेज डिपो बंद कर दिया जाएगा। इस की जिम्मेदारी सारी मैनेजमेंट और सरकार की होगी।
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यूनियन ने चेतावनी दी कि सोमवार तक मांगें नहीं मानी गईं तो रोडवेज के अन्य 18 डिपो में भी हड़ताल की जाएगी।
प्रदर्शन की अगुवाई यूनियन के प्रादेश जनरल सचिव बलजीत सिंह गिल्ल ने की। इस दौरान गिल्ल ने कहा कि डिपों मैनेजमेंट के खिलाफ दो दिन हड़ताल पर रहने के बावजूद भी उनकी मांगों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया है।
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उन्होंने कहा कि वेतन में कटौती की जा रही हैं और रूट पर जाने वाली बसों के किलोमीटर कम लिखे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूनियन की मांग है कि पनबस का एक वर्कर रिकार्ड कीपर रखा जाए, ताकि सभी कुछ पारदर्शिता से हो सके।
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डिपो के चेयरमैन रजिंदर सिंह गोराया ने बताया कि शनिवार को बटाला डिपों की मांगे न माने जाने की वजह से पांच अन्य रोडवेज डिपो बंद किए गए हैं और सोमवार तक उनकी मांगों को न माना गया तो 18 अन्य रोडवेज डिपो बंद कर दिया जाएगा। इस की जिम्मेदारी सारी मैनेजमेंट और सरकार की होगी।