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दिल्ली व चंडीगढ़ केंद्रों से पंजाबी बुलेटिन रोकना भेदभाव : एसजीपीसी
Sat, 27 May 2023 06:22 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
Updated Sat, 27 May 2023 06:22 PM IST
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धामी बाले- सरकार फैसले पर पुनर्विचार करे
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने देश की राजधानी दिल्ली और चंडीगढ़ से संचालित होने वाले आकाशवाणी केंद्रों से पंजाबी न्यूज बुलेटिन बंद करने की कड़ी निंदा की है। धामी ने कहा कि सरकार का यह फैसला पंजाब और पंजाबी भाषा के साथ भेदभावपूर्ण है। जिसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए।
धामी ने कहा कि दिल्ली में बड़ी संख्या में पंजाबी रहते हैं, जबकि पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ होने के कारण यहां से पंजाबी भाषा के बुलेटिन को खत्म करना पंजाब और पंजाबियों के लिए बड़ा झटका है। उन्होंने कहा कि आधी सदी से भी अधिक समय से चले आ रहे पंजाबी बुलेटिन का बंद होना सरकार की पक्षपातपूर्ण सोच से निर्देशित है। जिससे पंजाबियों में निराशा पैदा होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि जरूरी है कि सरकारें क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने के प्रयास करें, लेकिन हुआ इसका उल्टा है। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है, जिस पर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए और पंजाबी बुलेटिन को पहले की तरह शुरू रखने के आदेश देने चाहिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने देश की राजधानी दिल्ली और चंडीगढ़ से संचालित होने वाले आकाशवाणी केंद्रों से पंजाबी न्यूज बुलेटिन बंद करने की कड़ी निंदा की है। धामी ने कहा कि सरकार का यह फैसला पंजाब और पंजाबी भाषा के साथ भेदभावपूर्ण है। जिसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए।
धामी ने कहा कि दिल्ली में बड़ी संख्या में पंजाबी रहते हैं, जबकि पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ होने के कारण यहां से पंजाबी भाषा के बुलेटिन को खत्म करना पंजाब और पंजाबियों के लिए बड़ा झटका है। उन्होंने कहा कि आधी सदी से भी अधिक समय से चले आ रहे पंजाबी बुलेटिन का बंद होना सरकार की पक्षपातपूर्ण सोच से निर्देशित है। जिससे पंजाबियों में निराशा पैदा होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि जरूरी है कि सरकारें क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने के प्रयास करें, लेकिन हुआ इसका उल्टा है। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है, जिस पर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए और पंजाबी बुलेटिन को पहले की तरह शुरू रखने के आदेश देने चाहिए।
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