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श्री गुरु ग्रंथ साहिब का पहला प्रकाश पर्व आज: देश-विदेश से लाए गए फूलों से महका श्री हरमंदिर साहिब
Sat, 16 Sep 2023 11:57 AM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 16 Sep 2023 11:57 AM IST
सार
श्री हरमंदिर साहिब के अंदर जाने वाले चारों गेट के अलावा परिक्रमा में हर तरफ फूलों की सजावट की गई है। 50 किस्म के विदेशी और देसी फूलों की गई सजावट हर श्रद्धालु का मन मोह रही है। इन फूलों की खासियत यह है कि ये एक सप्ताह तक मुरझाते नहीं हैं।
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फूलों से सजा श्री हरमंदिर साहिब
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पहले प्रकाश पर्व का 419वां दिवस आज है। इस अवसर पर श्री हरमंदिर साहिब परिसर को फूलों से सजाया गया है। प्रकाश पर्व पर देश-विदेश से लाए गए फूलों से पूरा परिसर महक गया।
प्रथम प्रकाश पर्व को मुख्य रख श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य भवन से लेकर दर्शनी ड्योढ़ी तक फूलों की सजावट की गई है। दर्शनी ड्योढ़ी से मुख्य भवन के दाएं व बाएं तरफ फूलों की झालरों के बीच सफेद और भूरे रंगों के फूलों के साथ सिख धर्म के प्रतीक खंडा, चक्कर, तलवार और एक ओंकार के निशान बनाए गए हैं।
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श्री हरमंदिर साहिब के अंदर जाने वाले चारों गेट के अलावा परिक्रमा में हर तरफ फूलों की सजावट की गई है। 50 किस्म के विदेशी और देसी फूलों की गई सजावट हर श्रद्धालु का मन मोह रही है। गुरु घर के प्रेमी भाई सविंदर सिंह पालकी साहब की सेवा कर रहे हैं। मुंबई के कारोबारी केके शर्मा की ओर से हर वर्ष की तरह इस बार भी प्रकाश पर्व पर श्री हरमंदिर साहिब परिसर को फूलों से सजाने की जिम्मेदारी व सेवा की गई है।
देश के अलग-अलग स्थानों से आए 250 करीगर दिन रात श्री हरमंदिर साहब को फूलों से सजाने में जुटे हुए थे। इन फूलों की खासियत यह है कि ये एक सप्ताह तक मुरझाते नहीं हैं। कारीगर राम मनोहर ने बताया है कि यह फूल विशेष गाड़ी में लाए जाते हैं जिस कारण इनकी ताजगी बरकरार रहती है।
श्री हरमंदिर साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, बाबा अटल राय साहिब व परिसर स्थित अन्य इमारतों पर भी फूलों की भव्य सजावट की गई है। श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने आए श्रद्धालुओं जसबीर सिंह, अमरजीत सिंह, गुरप्रतार सिंह, हरप्रीत और जसविंदर कौर ने कहा कि फूलों की सजावट ने उनका मन मोह लिया।
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प्रथम प्रकाश पर्व को मुख्य रख श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य भवन से लेकर दर्शनी ड्योढ़ी तक फूलों की सजावट की गई है। दर्शनी ड्योढ़ी से मुख्य भवन के दाएं व बाएं तरफ फूलों की झालरों के बीच सफेद और भूरे रंगों के फूलों के साथ सिख धर्म के प्रतीक खंडा, चक्कर, तलवार और एक ओंकार के निशान बनाए गए हैं।
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श्री हरमंदिर साहिब के अंदर जाने वाले चारों गेट के अलावा परिक्रमा में हर तरफ फूलों की सजावट की गई है। 50 किस्म के विदेशी और देसी फूलों की गई सजावट हर श्रद्धालु का मन मोह रही है। गुरु घर के प्रेमी भाई सविंदर सिंह पालकी साहब की सेवा कर रहे हैं। मुंबई के कारोबारी केके शर्मा की ओर से हर वर्ष की तरह इस बार भी प्रकाश पर्व पर श्री हरमंदिर साहिब परिसर को फूलों से सजाने की जिम्मेदारी व सेवा की गई है।
देश के अलग-अलग स्थानों से आए 250 करीगर दिन रात श्री हरमंदिर साहब को फूलों से सजाने में जुटे हुए थे। इन फूलों की खासियत यह है कि ये एक सप्ताह तक मुरझाते नहीं हैं। कारीगर राम मनोहर ने बताया है कि यह फूल विशेष गाड़ी में लाए जाते हैं जिस कारण इनकी ताजगी बरकरार रहती है।
श्री हरमंदिर साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, बाबा अटल राय साहिब व परिसर स्थित अन्य इमारतों पर भी फूलों की भव्य सजावट की गई है। श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने आए श्रद्धालुओं जसबीर सिंह, अमरजीत सिंह, गुरप्रतार सिंह, हरप्रीत और जसविंदर कौर ने कहा कि फूलों की सजावट ने उनका मन मोह लिया।