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जलियांवाला बाग में शहीदों की निशानियों के साथ हुई छेड़छाड़

Tue, 14 Sep 2021 09:56 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Tue, 14 Sep 2021 09:56 PM IST
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Signs of martyrs tampered with in Jallianwala Bagh
अमृतसर। फ्रीडम फाइटर्स, जालंधर की देशभक्त यादगार संस्था और अमृतसर के किसान सांझा मोर्चा मंगलवार को जलियांवाला बाग में किए गए नवीनीकरण के खिलाफ रोष मार्च निकाला। इन संस्थाओं के सदस्यों ने भरावां दा ढाबा से लेकर जलियांवाला बाग तक रोष मार्च निकाला और बाग के नवीनीकरण को लेकर शहीदों की निशानियों के साथ छेड़छाड़ किए जाने के आरोप लगाए। इससे पूर्व सोमवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रो. लक्ष्मीकांता चावला ने भी जलियांवाला बाग के नवीनीकरण का विरोध करते हुए इस पर खर्च किए गए 20 करोड़ रुपये का हिसाब देने की बात कही थी।
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संस्था के सदस्यों कमल पोदार, सुनील कपूर, इंद्रजीत सिंह, राजेश कपूर, कर्णजीत सिंह और बलजीत सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने नवीनीकरण के नाम पर शहीदों की निशानियों के साथ छेड़छाड़ कर शहीदों का अपमान किया है। पहले जलियांवाला बाग में शहीदों की निशानियों को देख कर सैलानी उस काल में पहुंच जाते थे, जब अंग्रेज शासक जनरल डायर ने जलियांवाला बाग में बैसाखी पर्व पर इकट्ठा हुए बेकसूर लोगों को गोलियां चलवाई थी। शहीदों के परिवारों ने भी जलियांवाला बाग में किए गए बदलाव पर एतराज व्यक्त किया है।
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उन्होंने कहा कि आज का जलियांवाला बाग एक पिकनिक स्पॉट की तरह दिखता है, जिसमें प्रवेश करते ही गली में नाचते बुत दिखाई देते हैं और लाइट एंड साउंड शो सैलानियों का मनोरंजन करता है। उक्त सभी संस्थाओं के सदस्यों ने जलियांवाला बाग को पुराना रूप दिए जाने की मांग की और कहा कि जब तक उन लोगों की मांग पूरी नहीं होती, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। जलियांवाला बाग फ्रीडम फाइटर्स एसोसिएशन े जलियांवाला बाग को लेकर 11 मांगें सरकार के समक्ष रखी, लेकिन इन पर विचार ही नहीं किया गया।
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फ्रीडम फाइटर्स एसोसिएशन की यह हैं मांगे -
- जलियांवाला बाग की गली, जहां से जनरल डायर सेना के साथ दाखिल हुआ, से बुत हटाए जाएं।
- शहीदी कुएं को पुराना रूप दिया जाए।
- अमर ज्योति को पुरानी जगह पर लगाया जाए।
- जलियांवाला बाग में मारे गए लोगों को शहीदों का दर्जा दिया जाए।
- जिस जगह से जनरल डायर ने गोलियां चलाने का आदेश दिया, वहां दोबारा छोटी बुर्जी बनाई जाए।
- जलियांवाला बाग में एक आर्काइव वॉल बना कर उस पर शहीदों की तस्वीरें लगाई जाएं।
- जलियांवाला बाग में मारे गए लोगों के पारिवारिक सदस्यों को ताम्र पत्र दिए जाएं।
- लाइट एंड साउंड शो बंद किया जाए।
- जलियांवाला बाग की देखरेख के लिए बनाई गई कमेटी में शहीदों के परिवारों के सदस्यों को शामिल किया जाए।
- जलियांवाला बाग में सर्व धर्म पूजा स्थल का निर्माण करवाया जाए, जो सभी को एकता का संदेश देगा।
- पहले की तरह जलियांवाला बाग में खाने-पीने की चीजें ले जाने पर पाबंदी लगाई जाए।
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