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Amritsar: हर साल 25 गुरसिख युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करेगी SGPC, चंडीगढ़ के संस्थान से समझौता
Sun, 05 Mar 2023 12:53 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sun, 05 Mar 2023 12:53 PM IST
सार
एसजीपीसी के कार्यकारिणी की बैठक के बाद धामी ने कहा कि कार्यकारिणी कमेटी ने मेरिट के आधार पर 25 गुरसिख बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाने के खिल खर्च वाहन करने को मंजूरी दे दी है। यह प्रक्रिया एक अप्रैल से शुरू की जाएगी और हर साल जारी रहेगी।
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एसजीपीसी की बैठक
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी हर साल 25 गुरसिख युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करेगी। एसजीपीसी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि एसजीपीसी द्वारा आईएएस, आईपीएस और पीसीएस की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गुरसिख युवा छात्रों को तैयारी करवाने के लिए चंडीगढ़ में एक अकादमी खोली गई है। इसने चंडीगढ़ में एक संस्थान के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके तहत हर साल इन परीक्षाओं की तैयारी के लिए 25 गुरसिख बच्चों का खर्चा शिरोमणि कमेटी द्वारा वहन किया जाएगा।
एसजीपीसी के कार्यकारिणी की बैठक के बाद धामी ने कहा कि कार्यकारिणी कमेटी ने मेरिट के आधार पर 25 गुरसिख बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाने के खिल खर्च वाहन करने को मंजूरी दे दी है। यह प्रक्रिया एक अप्रैल से शुरू की जाएगी और हर साल जारी रहेगी। इस बार 25 बच्चों के अलावा 10 और बच्चों की तैयारी का खर्च संयुक्त सिंह सभा फाउंडेशन के नेता भाई राम सिंह द्वारा वहन करने की भी सहमति दी गई है। जिसके अनुसार इस वर्ष अब 35 गुरसिख बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।
धामी ने कहा कि कार्यकारिणी कमेटी ने सिख मामलों में सरकारों द्वारा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप में हस्तक्षेप को भी गंभीरता से लिया है। सरकार के मंत्री सिख मामलों को गलत रंग दे रहे हैं। हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने श्री गुरु नानक देव जी के पवित्र स्थान गुरुद्वारा गुरु डांगमार सिक्किम के इतिहास को खारिज कर सिख भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। इस गुरुद्वारा साहिब का सीधा संबंध श्री गुरु नानक देव जी से है और गुरु साहिब 1515-16 के दौरान तीसरी यात्रा के दौरान यहां पहुंचे थे। इसका केस शिरोमणि कमेटी सिक्किम हाई कोर्ट में लड़ रही है, लेकिन इस संबंध में केंद्रीय मंत्री ने एकतरफा बयान देकर अपने सांविधानिक पद के नियमों का उल्लंघन किया है।
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बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष बलदेव सिंह कैमपुर, कनिष्ठ उपाध्यक्ष अवतार सिंह, महासचिव भाई गुरचरण सिंह ग्रेवाल, जरनैल सिंह करतारपुर, सुरजीत सिंह तुगलवाल, बावा सिंह गुमानपुरा, बीबी गुरिंदर कौर भोलूवाला, गुरनाम सिंह जसल, परमजीत सिंह खालसा, शेर सिंह मांडवाला, बाबा गुरप्रीत सिंह रंधावा, मलकीत सिंह, शिरोमणि कमेटी के सचिव प्रताप सिंह, ओएसडी सतबीर सिंह धामी, सचिव परमजीत सिंह सरोआ, सुखमिंदर सिंह, कुलविंदर सिंह रामदास, गुरिंदर सिंह मथरेवाल और सिमरजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
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एसजीपीसी के कार्यकारिणी की बैठक के बाद धामी ने कहा कि कार्यकारिणी कमेटी ने मेरिट के आधार पर 25 गुरसिख बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाने के खिल खर्च वाहन करने को मंजूरी दे दी है। यह प्रक्रिया एक अप्रैल से शुरू की जाएगी और हर साल जारी रहेगी। इस बार 25 बच्चों के अलावा 10 और बच्चों की तैयारी का खर्च संयुक्त सिंह सभा फाउंडेशन के नेता भाई राम सिंह द्वारा वहन करने की भी सहमति दी गई है। जिसके अनुसार इस वर्ष अब 35 गुरसिख बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।
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धामी ने कहा कि कार्यकारिणी कमेटी ने सिख मामलों में सरकारों द्वारा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप में हस्तक्षेप को भी गंभीरता से लिया है। सरकार के मंत्री सिख मामलों को गलत रंग दे रहे हैं। हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने श्री गुरु नानक देव जी के पवित्र स्थान गुरुद्वारा गुरु डांगमार सिक्किम के इतिहास को खारिज कर सिख भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। इस गुरुद्वारा साहिब का सीधा संबंध श्री गुरु नानक देव जी से है और गुरु साहिब 1515-16 के दौरान तीसरी यात्रा के दौरान यहां पहुंचे थे। इसका केस शिरोमणि कमेटी सिक्किम हाई कोर्ट में लड़ रही है, लेकिन इस संबंध में केंद्रीय मंत्री ने एकतरफा बयान देकर अपने सांविधानिक पद के नियमों का उल्लंघन किया है।
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बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष बलदेव सिंह कैमपुर, कनिष्ठ उपाध्यक्ष अवतार सिंह, महासचिव भाई गुरचरण सिंह ग्रेवाल, जरनैल सिंह करतारपुर, सुरजीत सिंह तुगलवाल, बावा सिंह गुमानपुरा, बीबी गुरिंदर कौर भोलूवाला, गुरनाम सिंह जसल, परमजीत सिंह खालसा, शेर सिंह मांडवाला, बाबा गुरप्रीत सिंह रंधावा, मलकीत सिंह, शिरोमणि कमेटी के सचिव प्रताप सिंह, ओएसडी सतबीर सिंह धामी, सचिव परमजीत सिंह सरोआ, सुखमिंदर सिंह, कुलविंदर सिंह रामदास, गुरिंदर सिंह मथरेवाल और सिमरजीत सिंह आदि मौजूद रहे।