फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Amritsar News ›   Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee: No elections for 15 years, yet the 'mini-parliament' remains function

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी: 15 साल से कोई चुनाव नहीं, फिर भी कायम मिनी संसद; मामला कानूनी विवाद में

Wed, 09 Sep 2026 07:02 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अमृतसर
अमर उजाला नेटवर्क, अमृतसर Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 09 Sep 2026 07:02 AM IST
सार

सितंबर 2011 में हुए आम चुनाव के बाद चुना गया सदन आज भी काम कर रहा है। नियमानुसार पांच साल बाद नया सदन चुना जाना था।

विज्ञापन
Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee: No elections for 15 years, yet the 'mini-parliament' remains function
एसजीपीसी - फोटो : वीडियो ग्रैब

विस्तार

सिखों की मिनी संसद कही जाने वाली शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) में पिछले 15 साल से चुनाव नहीं हुआ है। सितंबर 2011 में हुए आम चुनाव के बाद चुना गया सदन आज भी काम कर रहा है। नियमानुसार पांच साल बाद नया सदन चुना जाना था। इस लिहाज से 2016 में चुनाव हो जाने चाहिए थे लेकिन 2026 आ गया और नया सदन नहीं चुना जा सका। 

विज्ञापन


2011 के चुनाव बाद शुरू हुआ कानूनी विवाद
एसजीपीसी के पिछले आम चुनाव सितंबर 2011 में हुए थे। चुनाव के बाद सहजधारी सिखों के मतदान अधिकार को लेकर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिकाएं दाखिल हुईं। मामला कई वर्षों तक अदालत में चला। वर्ष 2016 में संसद ने सिख गुरुद्वारा अधिनियम 1925 में संशोधन किया। इसके बाद मतदान अधिकार को लेकर स्थिति स्पष्ट हुई।
विज्ञापन


हरियाणा में अलग कमेटी से बढ़ा विवाद...
वर्ष 2014 में हरियाणा में अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनने के बाद विवाद और बढ़ गया। एसजीपीसी के अधिकार क्षेत्र और हरियाणा के सिखों के प्रतिनिधित्व को लेकर कानूनी लड़ाई शुरू हुई। बाद में चुनाव से पहले हरियाणा के सिखों के मतदान अधिकार को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर हुई और फिर अदालत की रोक लग गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


34 सीटें खाली फिरभी उपचुनाव नहीं
2011 के चुनाव के बाद करीब 33 निर्वाचित सदस्यों की मृत्यु हो चुकी है जबकि एक सदस्य ने इस्तीफा दिया। इससे करीब 34 सीटें खाली हैं। सिख गुरुद्वारा अधिनियम की धारा 53 और नियम 57 में रिक्त सीटों पर उपचुनाव का प्रावधान है लेकिन इन सीटों पर भी चुनाव नहीं हो सके।


यह है प्रावधान....
चुनाव न होने की स्थिति में सिख गुरुद्वारा अधिनियम की धारा 51 महत्वपूर्ण है। इसमें नए बोर्ड के गठन तक मौजूदा बोर्ड के काम करते रहने का प्रावधान है। इसी कानूनी व्यवस्था के तहत 2011 में चुना गया सदन अब तक काम करता आ रहा है। हालांकि सवाल यह है कि पांच साल के लिए चुना गया सदन 15 साल तक कैसे चलता रहा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed