Amritsar: ज्ञानी हरप्रीत सिंह को तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार पद से हटाया, एसजीपीसी का बड़ा फैसला
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की कार्यकारिणी ने जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के स्थान पर तख्त श्री दमदमा साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह को जिम्मेदारी सौंपी है।
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शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की कार्यकारिणी ने तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को पद से हटा दिया है। उनकी जगह तख्त श्री दमदमा साहिब के मौजूदा मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह को कार्यवाहक जत्थेदार के रूप में काम करेंगे।
कार्यकारिणी की सोमवार को हुई बैठक में तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के संबंध में गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया गया। रिपोर्ट के तथ्यों को मुख्य रखते हुए ज्ञानी हरप्रीत सिंह को तख्त साहिब की सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
एसजीपीसी सचिव प्रताप सिंह ने बताया कि यह निर्णय जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सर्वसम्मति से लिया गया है। केवल तीन सदस्यों ने असहमति दर्ज कराई, जबकि उपस्थित कार्यकारिणी कमेटी के शेष सदस्यों ने जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को बर्खास्त करने पर सहमति व्यक्त की।
जांच में जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के खिलाफ आरोप सिद्ध हो गए थे और तख्त साहिब के मान-सम्मान को ठेस पहुंची थी। प्रताप सिंह ने बताया कि कार्यकारिणी कमेटी ने जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के स्थान पर तख्त श्री दमदमा साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
ये हैं आरोप
16 दिसंबर, 2024 को एसजीपीसी अध्यक्ष के समक्ष जत्थेदार के खिलाफ श्री मुक्तसर साहिब निवासी गुरप्रीत सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी। उसकी शादी जत्थेदार की साली से हुई है। उन्होंने आरोप लगाया था कि जत्थेदार ने उनके विवाहित जीवन में हस्तक्षेप किया और उनकी पत्नी को बहकाया, जिस कारण उनका तलाक हो गया। वह एसजीपीसी के कर्मचारी थे, लेकिन उनकी नौकरी चली गई और वे अवसाद में चले गए।
सार्वजनिक मंचों से शिरोमणि अकाली दल के बारे में आपत्तिजनक बातें कहीं। इससे शिरोमणि अकाली दल की पंथक छवि खराब हुई। इससे शिअद को भारी नुकसान हुआ।