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कथित वीडियो विवाद: सीएम मान के इस्तीफे पर अड़ी एसजीपीसी, इस दिन होगा पंथक सम्मेलन
Sun, 28 Jun 2026 09:39 AM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Sun, 28 Jun 2026 09:39 AM IST
सार
बैठक में संगत से अपील की गई कि मुख्यमंत्री को सामाजिक स्तर पर समर्थन न दिया जाए। साथ ही पंजाबभर में सरकार की नीतियों के विरोध और श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों के प्रति जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
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सीएम मान के इस्तीफे पर अड़ी एसजीपीसी
- फोटो : संवाद
विस्तार
मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) अपने रुख पर कायम है। शनिवार को तेजा सिंह समुंदरी हॉल में अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई पंथक एकत्रता में श्री अकाल तख्त साहिब के फैसले का समर्थन करते हुए 5 जुलाई को गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब दीवान हाल में पंथक सम्मेलन बुलाने का फैसला लिया गया। सम्मेलन में विभिन्न सिख जत्थेबंदियों, धार्मिक संस्थाओं और संगत को आमंत्रित किया जाएगा।
पंजाब के डीजीपी से मिलेगा शिष्टमंडल
बैठक में कहा गया कि गुरु साहिबानों और ज्ञानी जरनैल सिंह भिंडरांवाले की तस्वीर से जुड़े विवाद के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान नैतिक रूप से पद पर बने रहने का अधिकार खो चुके हैं। एसजीपीसी ने आरोप लगाया कि मामले में तथ्यों को छिपाने और झूठे साक्ष्य पेश करने का प्रयास किया गया। इस मामले में कानूनी कार्रवाई के लिए एसजीपीसी का शिष्टमंडल पंजाब के डीजीपी से मिलकर मामला दर्ज करने की मांग करेगा।
बैठक में संगत से अपील की गई कि मुख्यमंत्री को सामाजिक स्तर पर समर्थन न दिया जाए। साथ ही पंजाबभर में सरकार की नीतियों के विरोध और श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों के प्रति जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। प्रचारक जत्थे गांव-गांव और शहर-शहर जाकर संगत को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देंगे।
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पंजाब के डीजीपी से मिलेगा शिष्टमंडल
बैठक में कहा गया कि गुरु साहिबानों और ज्ञानी जरनैल सिंह भिंडरांवाले की तस्वीर से जुड़े विवाद के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान नैतिक रूप से पद पर बने रहने का अधिकार खो चुके हैं। एसजीपीसी ने आरोप लगाया कि मामले में तथ्यों को छिपाने और झूठे साक्ष्य पेश करने का प्रयास किया गया। इस मामले में कानूनी कार्रवाई के लिए एसजीपीसी का शिष्टमंडल पंजाब के डीजीपी से मिलकर मामला दर्ज करने की मांग करेगा।
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बैठक में संगत से अपील की गई कि मुख्यमंत्री को सामाजिक स्तर पर समर्थन न दिया जाए। साथ ही पंजाबभर में सरकार की नीतियों के विरोध और श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों के प्रति जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। प्रचारक जत्थे गांव-गांव और शहर-शहर जाकर संगत को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देंगे।
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कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि श्री अकाल तख्त सिख पंथ की सर्वोच्च संस्था है और उसके आदेशों का पालन प्रत्येक सिख का कर्तव्य है। सिख संस्थाओं की स्वायत्तता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक में महाराष्ट्र सरकार की ओर से तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब से जुड़े 1956 के अधिनियम में संशोधन की प्रक्रिया का भी विरोध किया गया। प्रस्ताव में कहा गया कि सिख तख्तों और धार्मिक संस्थाओं के प्रबंधन में किसी भी प्रकार का सरकारी हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा।
महाराजा रणजीत सिंह ने भी निभाई थी अकाल तख्त की मर्यादा
एसजीपीसी के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नण ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े वीडियो विवाद की सच्चाई श्री अकाल तख्त साहिब की परंपरा के अनुसार सामने आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि महाराजा रणजीत सिंह सहित विभिन्न शासकों ने भी श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा का पालन किया। यदि कोई स्वयं को सही साबित करना चाहता है तो उसे निष्पक्ष और पारदर्शी जांच से नहीं घबराना चाहिए। आने वाले दिनों में विधायकों और मंत्रियों के साथ भी बैठकें कर इस पंथक विषय पर चर्चा की जाएगी।
बैठक में महाराष्ट्र सरकार की ओर से तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब से जुड़े 1956 के अधिनियम में संशोधन की प्रक्रिया का भी विरोध किया गया। प्रस्ताव में कहा गया कि सिख तख्तों और धार्मिक संस्थाओं के प्रबंधन में किसी भी प्रकार का सरकारी हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा।
महाराजा रणजीत सिंह ने भी निभाई थी अकाल तख्त की मर्यादा
एसजीपीसी के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नण ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े वीडियो विवाद की सच्चाई श्री अकाल तख्त साहिब की परंपरा के अनुसार सामने आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि महाराजा रणजीत सिंह सहित विभिन्न शासकों ने भी श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा का पालन किया। यदि कोई स्वयं को सही साबित करना चाहता है तो उसे निष्पक्ष और पारदर्शी जांच से नहीं घबराना चाहिए। आने वाले दिनों में विधायकों और मंत्रियों के साथ भी बैठकें कर इस पंथक विषय पर चर्चा की जाएगी।