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Amritsar News: अजायबघर में डाॅक्टर मनमोहन सिंह की तस्वीर लगाने पर पंथक विवाद
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-तस्वीर लगाने का एसजीपीसी का फैसला वापस लेने के लिए संगठन उठाने लगे आवाज
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की कार्यकारिणी ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री डाॅ. मनमोहन सिंह की तस्वीर केंद्रीय सिख अजायबघर में लगाने का प्रस्ताव पारित किया है। एसजीपीसी की कार्यकारिणी का तर्क है कि डाॅ. मनमोहन सिंह एक प्रसिद्ध अर्थशास्त्री व सिख प्रधानमंत्री थे। उन्होंने सिख और पगड़ी को दुनिया भर में एक अलग पहचान दी है। एक सिख होने के नाते डाॅ. मनमोहन सिंह ने पंजाब के विकास के लिए भी अपने समय के दौरान अहम भूमिका निभाई है।
दूसरी ओर गर्म विचारधारा वाले सिख संगठनों ने डाॅ. मनमोहन सिंह की तस्वीर केंद्रीय सिख अजायबघर में लगाने के पास किए एसजीपीसी के प्रस्ताव का विरोध करना शुरू कर दिया है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर भी जोरदार प्रचार हो रहा है। दल खालसा के नेता परमजीत सिंह मंड कहते है कि डाॅ. मनमोहन सिंह ने सिखी को दुनिया भर में पहचान दी है, लेकिन वह देश के प्रधानमंत्री होने हुए कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधित्व करते थे। कांग्रेस पार्टी हमेशा ही सिख और पंजाब विरोधी नीतियों पर चलती रही है। सिख पंथ के अंदर कांग्रेस को हमेशा ही सिखों की दुश्मन पार्टी के तौर पर जाना जाता है। इसलिए डाॅ. मनमोहन सिंह तस्वीर लगाने का फैसला एसजीपीसी को वापस लेने चाहिए।
अकाली दल अमृतसर के नेता एचएच संधू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने ही सिखों के केंद्रीय धार्मिक स्थान पर 1984 में हमला करवाया था। इसलिए केंद्रीय सिख अजायबघर में किसी भी कीमत पर कांग्रेस के प्रतिनिधि प्रधानमंत्री डाॅ. मनमोहन सिंह तस्वीर नहीं लगनी चाहिए। अगर एसजीपीसी तस्वीर लगाती है तो सिख पंथ इसका विरोध करेगा।
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अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की कार्यकारिणी ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री डाॅ. मनमोहन सिंह की तस्वीर केंद्रीय सिख अजायबघर में लगाने का प्रस्ताव पारित किया है। एसजीपीसी की कार्यकारिणी का तर्क है कि डाॅ. मनमोहन सिंह एक प्रसिद्ध अर्थशास्त्री व सिख प्रधानमंत्री थे। उन्होंने सिख और पगड़ी को दुनिया भर में एक अलग पहचान दी है। एक सिख होने के नाते डाॅ. मनमोहन सिंह ने पंजाब के विकास के लिए भी अपने समय के दौरान अहम भूमिका निभाई है।
दूसरी ओर गर्म विचारधारा वाले सिख संगठनों ने डाॅ. मनमोहन सिंह की तस्वीर केंद्रीय सिख अजायबघर में लगाने के पास किए एसजीपीसी के प्रस्ताव का विरोध करना शुरू कर दिया है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर भी जोरदार प्रचार हो रहा है। दल खालसा के नेता परमजीत सिंह मंड कहते है कि डाॅ. मनमोहन सिंह ने सिखी को दुनिया भर में पहचान दी है, लेकिन वह देश के प्रधानमंत्री होने हुए कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधित्व करते थे। कांग्रेस पार्टी हमेशा ही सिख और पंजाब विरोधी नीतियों पर चलती रही है। सिख पंथ के अंदर कांग्रेस को हमेशा ही सिखों की दुश्मन पार्टी के तौर पर जाना जाता है। इसलिए डाॅ. मनमोहन सिंह तस्वीर लगाने का फैसला एसजीपीसी को वापस लेने चाहिए।
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अकाली दल अमृतसर के नेता एचएच संधू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने ही सिखों के केंद्रीय धार्मिक स्थान पर 1984 में हमला करवाया था। इसलिए केंद्रीय सिख अजायबघर में किसी भी कीमत पर कांग्रेस के प्रतिनिधि प्रधानमंत्री डाॅ. मनमोहन सिंह तस्वीर नहीं लगनी चाहिए। अगर एसजीपीसी तस्वीर लगाती है तो सिख पंथ इसका विरोध करेगा।
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