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अपनी नवजात बेटी ननद को देने से इंकार करने पर एसडीएम पति ने घर से निकाला, मारा पीटा

Mon, 22 Jun 2020 11:25 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, अमृतसर
अमर उजाला, अमृतसर Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Mon, 22 Jun 2020 11:25 AM IST
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lady refused to give her girl child to sister-in-law, sdm husband tortured her
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
सीमावर्ती कस्बा बाबा बकाला में तैनात एक एसडीएम दीपक के खिलाफ उनकी पत्नी उर्वशी ने दहेज मांगने, मारपीट करने व घर से निकालने के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। मीडिया से बातचीत करते हुए उर्वशी ने कहा की एसडीएम पति ने अपनी बेटी को भी अपनाने से इंकार कर दिया है, जो गांवों में बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ के बड़े-बड़े भाषण देता है।
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उर्वशी के अनुसार उसका पति, सास सुदेश कुमारी व जेठ चेरी भाटिया ने उसकी तीसरी डिलीवरी के दौरान दबाव डालना शुरू कर दिया था। उसे कहा कि वह तीसरी डिलीवरी से होने वाला बच्चा ननद ज्योति भाटिया को गोद दे दे। उसने ससुरालियों की इस बात को स्वीकार करने से इंकार कर दिया। इसके बाद से ही पति व अन्य सदस्यों ने उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। उनके पास तीन बच्चे हैं और तीनों मां के पास हैं।
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उर्वशी के अनुसार नवंबर 2011 में उसकी शादी दीपक कुमार के साथ हुई थी। शादी के बाद उसने पीसीएस की तैयारी करनी शुरू कर दी। चार वर्ष तक पीसीएस की परीक्षा देते रहे। अंतिम अवसर पर उन्होंने अपनी परीक्षा वर्ष 2016 में पास की। जब वह परीक्षा की तैयारी कर रहे थे, तो वह ससुराल में ही रहती थी। इस दौरान सास सुदेश कुमारी व जेठ चेरी भाटिया उसे बहुत परेशान करते।
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इनके बहकावे में आकर पति उनको मानसिक रूप से प्रताड़ित करता। दहेज की मांग कर उन्हें पीटा जाता। जबकि उनके माता-पिता ने अपनी हैसियत के अनुसार दहेज दिया। एक उत्तर में उन्होंने बताया कि पीसीएस की परीक्षा पास करने के बाद ही दीपक व उनके परिवार का रवैया उसके प्रति बदल गया। इससे पहले उसके जीवन की गाड़ी ठीक चल रही थी।

शादी के जेवरात ननद के पास, फोटो भी दिखाए
उर्वशी ने आरोप लगाया की उसकी शादी के जेवरात उनकी ननद ज्योति के पास है। सबूत के तौर पर उर्वशी ने फोटो भी मीडिया को दिखाए। ससुराल ने दहेज की गाड़ी व आभूषण बेचे डाले। दीपक ने उसके पिता से कई बार नकद राशि की मांग की जो उन्होंने पूरी की।

उर्वशी का आरोप है कि उसका एसडीएम पति डीएसपी मुकेश की मदद से उसे मानसिक रूप से परेशान कर रहा है। रात को उसके घर डीएसपी को भेजता और बाथरूम में बंद कर दिया जाता। यही नहीं बच्चों को उससे छीनने का प्रयास किया गया। उन्होंने बताया की एसडीएम पति के विरुद्ध प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व डीजीपी को पत्र लिखे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

अदालत में चल रहा है मामला: दीपक
एसडीएम दीपक कुमार के अनुसार उनका पत्नी के साथ विवाद चल रहा है। मामला अदालत में है। वह अपनी बेटी को अपनाने के लिए तैयार हैं। उन्हें दो वर्ष हो गए पत्नी से अलग रहते हुए। पत्नी ने परिवार को मानसिक तौर पर परेशान कर रखा है। उन्होंने कोर्ट में लिख कर दिया था वह पत्नी के साथ रहना चाहते हैं, लेकिन वह अपना स्वभाव बदले।

पत्नी ने भी कोर्ट में लिखकर दिया था कि वह आगे से कोई गलती नहीं करेगी। लेकिन उसके रवैये में कोई फर्क नहीं आया। घर में क्लेश रहने लगा, तब अदालत में तलाक का केस लगाया। वह अपने बच्चों को घर लाना चाहता हैं। पत्नी के आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।
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