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शिअद दोफाड़: सिख विद्वान व प्रचारक हैं ज्ञानी हरप्रीत सिंह, शिअद की बढ़ेंगी मुश्किलें

Mon, 11 Aug 2025 09:27 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 11 Aug 2025 09:27 PM IST
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SAD splits: Giani Harpreet Singh is a Sikh scholar and preacher, SAD's problems will increase
संवाद न्यूज एजेंसी
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अमृतसर। शिरोमणि अकाली दल के एक ग्रुप के अध्यक्ष चुने गए श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह एक प्रसिद्ध सिख विद्वान व प्रमुख सिख प्रचारक हैं। ज्ञानी हरप्रीत सिंह अक्तूबर 2018 से जून 2023 तक श्री अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार रह चुके हैं। एसजीपीसी ने 10 फरवरी 2025 को उनकी तख्त दमदमा साहिब से जत्थेदार की सेवाएं समाप्त कर दी थीं। इसके बाद ही उनका शिअद के साथ टकराव बढ़ा था। अब उनके अध्यक्ष बनने से शिअद की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

ज्ञानी हरप्रीत सिंह अपनी बेबाक टिप्पणियों के लिए सुर्खियों में रहे हैं। ज्ञानी हरप्रीत सिंह का जन्म मई 1972 में हुआ था। उनके पास पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला से धार्मिक अध्ययन में स्नातकोत्तर की डिग्री है। श्री गुरु ग्रंथ साहिब की शिक्षाओं के तुलनात्मक अध्ययन पर उन्होंने पीएचडी भी की है। उन्होंने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की संस्था गुरुकाशी गुरमत संस्था तलवंडी साबो से धार्मिक और गुरमत शिक्षा प्राप्त की जो तीन साल का कोर्स था। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कुरान शरीफ का पंजाबी में अनुवाद भी किया है। ज्ञानी हरप्रीत सिंह 1997 में एक प्रचारक के रूप में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी में शामिल हुए थे। 2 साल तक धर्म प्रचार कमेटी के तहत सेवा करने के बाद उन्हें 1999 में शिरोमणि गुरु द्वारा प्रबंधक कमेटी की कार्यकारिणी ने श्री दरबार साहिब, श्री मुक्तसर साहिब के मुख्य ग्रंथी के रूप में नियुक्त किया। 21 अप्रैल, 2017 को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की कार्यकारिणी ने उन्हें सिखों के पांचवें तख्त श्री दमदमा साहिब तलवंडी साबो का जत्थेदार नियुक्त किया गया था। इसके बाद, 22 अक्टूबर 2018 को एक बार फिर कार्यकारिणी ने ज्ञानी हरप्रीत सिंह को श्री अकाल तख्त साहिब का कार्यवाहक जत्थेदार नियुक्त किया। श्री अकाल तख्त में अपने कार्यकाल के दौरान ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने सिख मुद्दों की खुलकर वकालत की। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से भारत में सीएए और एनआरसी कानूनों को लागू करने के खिलाफ संघर्ष का पुरजोर समर्थन किया। आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा और अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा के विवाह समारोह में शामिल होने के बाद भी ज्ञानी हरप्रीत सिंह विवाद में आए थे।
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