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पंजाब में फिर थम जाएंगे बसों के पहिए: एक नहीं तीन दिन तक चक्का जाम, PRTC और पनबस यूनियन की हड़ताल
Fri, 03 Jan 2025 06:43 PM IST
अंकेश ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Fri, 03 Jan 2025 06:43 PM IST
सार
पंजाब में एक बार फिर से चक्का जाम होगा। इस बार पीआरटीसी और पनबस यूनियन ने हड़ताल पर जाने की चेतावनी दे दी है। यह हड़ताल एक दिन नहीं बल्कि तीन दिन तक चलेगी। इस वजह से बसों के पहिए पूरी तरह से थम जाएंगे।
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लुधियाना बस स्टैंड।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
पंजाब में बसों के पहिए फिर से थम जाएंगे। इससे लोगों का खासी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। अगर जो कोई भी छह जनवरी (सोमवार) से अगले तीन दिन तक बसों से यात्रा करने का प्लान बना रहे हैं वो अपनी योजना को स्थगित कर दें। क्योंकि पीआरटीसी और पनबस यूनियन ने छह जनवरी से चक्का जाम करने की चेतावनी दी है। इससे पहले 30 दिसंबर को भी पंजाब में वाहनों की आवाजाही थम गई थी। पंजाब बंद के चलते सरकारी, निजी और तमाम तरह की यातायात सेवा प्रभावित हुई थी। ऐसी स्थिति एकबार फिर से बन सकती है।
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लंबे समय से सरकार से अपनी मांगों को मनवाने के लिए संघर्ष कर रहे पीआरटीसी और पनबस यूनियन ने आप सरकार से आर-पार की लड़ाई करने का मन बना लिया है। यूनियन नेता जोध सिंह ने कहा कि मुलाजिमों ने पहले रोडवेज डिपो पर हड़ताल करने का फैसला किया था, लेकिन राज्य स्तरीय यूनियन के आदेश पर अब 6 जनवरी से तीन दिन चक्का जाम करेंगे।
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मंत्रियों को दिया जा चुका है ज्ञापन
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय की सरकार से वह अपनी मांगों को मनवाने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें आश्वासन देकर वापिस भेज दिया जाता है। इस बार पूरे सूबे में ही सरकारी बस सेवा 3 दिन के लिए बंद रखी जाएगी। इस संघर्ष के लिए वह पिछले महीने से ही राज्य भर के मंत्रियों को ज्ञापन दे चुके हैं। लेकिन सरकार ने उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज किया।
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ये हैं यूनियन की मुख्य मांगें
प्रधान जोध सिंह ने कहा कि उनकी मुख्य मांगें आउटसोर्स के आधार पर कार्य कर रहे कर्मचारियों को पक्का करना, समान काम समान वेतन सिद्धांत लागू करना और ब्लैक लिस्ट किए कर्मचारियों को दोबारा ड्यूटी पर लिए जाने की मांग है।