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सिंघु बार्डर पर लखबीर की मौत पर भाजपा ने किया किसानों के आंदोलन पर हमला - पंधेर
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अमृतसर। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के प्रदेश महासचिव र्स्वण सिंह पंधेर ने कहा कि कुंडली बार्डर पर लखबीर सिंह की मौत को लेकर परिवार को मुआवजा और रोजगार दिलाने की मांग पर भाजपा अध्यक्ष चंद्रमोहन ने शांति से आंदोलन कर रहे किसानों पर हमले का असफल प्रयास किया है। पंधेर ने वीरवार को यह बात अमृतसर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कही।
उन्होंने कहा कि खुद को हिंद मजदूर किसान समिति का नेता बताने वाले चंद्र मोहन 27 अक्तूबर को कुंडली बार्डर पहुंचे। चंद्रमोहन ने मृतक लखबीर के परिवार को मुआवजा और रोजगार दिलाने की मांग के साथ उत्तराखंड और यूपी के अपने करीब 200 समर्थकों के साथ किसान आंदोलन में घुसने की कोशिश की। पंधेर ने किसान नेताओं गुरबचन सिंह चब्बा, रंजीत सिंह कलेर बाला के साथ एक सुर में कहा कि वे किसी को मुआवजा मिलने के विरोधी नहीं पर आरएसएस और भाजपा की सोची समझी साजिश को कामयाब नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि पहले 20 दिसंबर 2020 को संघ और भाजपा के यह नेता केंद्रीय मंत्री नरिंदर सिंह तोमर को खेती कानूनों के समर्थन में मांग पत्र दे आए थे।
उन्होंने कहा कि चंद्र मोहन पहले भी गाजीपुर में इंद्रपुरम राम लीला ग्राउंड में खेती कानून के हक में बोले थे और इनकी आरएसएस प्रमुख नेताओं के साथ तस्वीरें मिली थी। जिससे साबित होता है कि यह संघ के प्रमुख नेताओं में से एक है । उन्होंने कहा कि लखबीर सिंह का परिवार भय से सिंघु बार्डर पर नहीं आ रहा और 10 किलोमीटर तक नहीं जा सकता, इनके पास यूपी में मदद मांगने पहुंच गया। इससे सवाल पैदा होता है कि मृतक लखबीर की पत्नी के चंद्र मोहन के साथ संबंध कैसे बने।
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उन्होंने कहा कि भाजपा अध्यक्ष चंद्र मोहन की 200 के करीब समर्थकों के साथ सिंघु बार्डर पर पहुंचने की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्वक धरना दे रहे किसानों के बीच पहुंच कर दंगा-फसाद करवाने की मंशा वाले इस नेता पर मुकदमा चलाना चाहिए। यह लखीमपुर के मुख्यारोपी अजय मिश्रा को बचाने और किसान आंदोलन को बदनाम करने की साजिश है। सीमा पर दुखद घटना की निंदा करते हुए और मृतक किसान महिलाओं के लिए दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की।
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उन्होंने कहा कि खुद को हिंद मजदूर किसान समिति का नेता बताने वाले चंद्र मोहन 27 अक्तूबर को कुंडली बार्डर पहुंचे। चंद्रमोहन ने मृतक लखबीर के परिवार को मुआवजा और रोजगार दिलाने की मांग के साथ उत्तराखंड और यूपी के अपने करीब 200 समर्थकों के साथ किसान आंदोलन में घुसने की कोशिश की। पंधेर ने किसान नेताओं गुरबचन सिंह चब्बा, रंजीत सिंह कलेर बाला के साथ एक सुर में कहा कि वे किसी को मुआवजा मिलने के विरोधी नहीं पर आरएसएस और भाजपा की सोची समझी साजिश को कामयाब नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि पहले 20 दिसंबर 2020 को संघ और भाजपा के यह नेता केंद्रीय मंत्री नरिंदर सिंह तोमर को खेती कानूनों के समर्थन में मांग पत्र दे आए थे।
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उन्होंने कहा कि चंद्र मोहन पहले भी गाजीपुर में इंद्रपुरम राम लीला ग्राउंड में खेती कानून के हक में बोले थे और इनकी आरएसएस प्रमुख नेताओं के साथ तस्वीरें मिली थी। जिससे साबित होता है कि यह संघ के प्रमुख नेताओं में से एक है । उन्होंने कहा कि लखबीर सिंह का परिवार भय से सिंघु बार्डर पर नहीं आ रहा और 10 किलोमीटर तक नहीं जा सकता, इनके पास यूपी में मदद मांगने पहुंच गया। इससे सवाल पैदा होता है कि मृतक लखबीर की पत्नी के चंद्र मोहन के साथ संबंध कैसे बने।
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उन्होंने कहा कि भाजपा अध्यक्ष चंद्र मोहन की 200 के करीब समर्थकों के साथ सिंघु बार्डर पर पहुंचने की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्वक धरना दे रहे किसानों के बीच पहुंच कर दंगा-फसाद करवाने की मंशा वाले इस नेता पर मुकदमा चलाना चाहिए। यह लखीमपुर के मुख्यारोपी अजय मिश्रा को बचाने और किसान आंदोलन को बदनाम करने की साजिश है। सीमा पर दुखद घटना की निंदा करते हुए और मृतक किसान महिलाओं के लिए दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की।