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कपूरथला भाजपा प्रधान की फर्म को आबकारी विभाग का नोटिस
ब्यूरो, अमर उजाला/अमृतसर
Updated Mon, 22 Aug 2016 10:02 PM IST
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आबकारी व कर विभाग ने जिला भाजपा प्रधान कपूरथला की पीके एंड कंपनी फर्म को वैट डिफाल्टर घोषित करते हुए नोटिस जारी किया है। इसमें 30 दिन के अंदर 95.49 लाख रुपये जमा करवाने के आदेश दिए हैं।
एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग ने जिला भाजपा प्रधान शाम सुंदर अग्रवाल की फर्म पीके एंड कंपनी के 2007-08 के लंबित वैट जमा करवाने के मामले में पांच अगस्त 2016 को नोटिस जारी किया है। इसके लिए फर्म को 30 दिन का समय दिया गया है।
इस नोटिस में फर्म के मालिक को कथित तौर पर रद्द डीलरों और उन डीलरों, जिन्होंने या तो रिटर्न निल भरा है या फिर न के बराबर अदा किया है, से परचेज दिखाकर गलत ढंग से इनकम टैक्स क्लेम (आईटीसी) का लाभ लेने की कोशिश का आरोपी बताया गया।
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असिस्टेंट एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर (एईटीसी) परमजीत सिंह ने बताया कि पीके एंड कंपनी का यह रिमांड केस है, जिसे पीके कंपनी की अपील के बाद ट्रिब्यूनल की ओर से दोबारा असेसमेंट के लिए भेजा गया था। इसकी जांच ईटीओ सेल्स टैक्स कपूरथला बलजीत कौर ने एक माह में की है।
इसमें यह भी पाया गया कि फर्म मालिक ने टैक्स के दस्तावेजों से भी छेड़छाड़ की। विभाग के कंप्यूटर में फीड डाटा और कर अदा करने वाले व्यक्ति की ओर से वैट-20 में दिए गए वार्षिक टैक्स के विवरण में दर्ज डाटा से अलग पाया गया। जिन 19 फर्मों से लेन-देन दिखाया गया, उनमें से कुछ के वैट नंबर तो पहले ही रद्द हो चुके हैं और शेष ने रिटर्न दाखिल नहीं किया या फिर नाममात्र का रिटर्न भरा।
उन्होंने बताया कि पीके एंड कंपनी के मालिक का इसके अलावा दो करोड़ से अधिक का टैक्स भी पेंडिंग चल रहा है। वित्तीय वर्ष 2006-07 का 56.21 लाख, 2008-09 का 49 लाख, 2010-11 का 54.8 लाख और 2012-13 का 56.6 लाख रुपये का टैक्स बकाया है।
जिला भाजपा प्रधान शाम सुंदर अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने जिन फर्मों से परचेज की है, उन्होंने टैक्स अदा नहीं किया होगा। इससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के इशारे पर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। वह इस मामले में डीईटीसी जालंधर के पास अपील करके चुनौती देंगे।
पीके एंड कंपनी पहले भी रही है चर्चा में
जिला भाजपा प्रधान शाम सुंदर अग्रवाल की फर्म पीके एंड कंपनी पहले भी चर्चा में रही है। जब पंजाब में मास्टर मोहन लाल परिवहन मंत्री थे तो उस समय उनके मंत्री वाले लेटर हेड पर पीके एंड कंपनी के ट्रकों को कहीं भी न रोकने के बारे में लिखा हुआ था, जो इनके ट्रक ड्राइवरों के पास थे। जो कहीं भी नाके पर रोके जाने पर वह लेटर पैड दिखा देते थे। यह मामला भी मीडिया में खूब उछला था।
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एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग ने जिला भाजपा प्रधान शाम सुंदर अग्रवाल की फर्म पीके एंड कंपनी के 2007-08 के लंबित वैट जमा करवाने के मामले में पांच अगस्त 2016 को नोटिस जारी किया है। इसके लिए फर्म को 30 दिन का समय दिया गया है।
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इस नोटिस में फर्म के मालिक को कथित तौर पर रद्द डीलरों और उन डीलरों, जिन्होंने या तो रिटर्न निल भरा है या फिर न के बराबर अदा किया है, से परचेज दिखाकर गलत ढंग से इनकम टैक्स क्लेम (आईटीसी) का लाभ लेने की कोशिश का आरोपी बताया गया।
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असिस्टेंट एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर (एईटीसी) परमजीत सिंह ने बताया कि पीके एंड कंपनी का यह रिमांड केस है, जिसे पीके कंपनी की अपील के बाद ट्रिब्यूनल की ओर से दोबारा असेसमेंट के लिए भेजा गया था। इसकी जांच ईटीओ सेल्स टैक्स कपूरथला बलजीत कौर ने एक माह में की है।
इसमें यह भी पाया गया कि फर्म मालिक ने टैक्स के दस्तावेजों से भी छेड़छाड़ की। विभाग के कंप्यूटर में फीड डाटा और कर अदा करने वाले व्यक्ति की ओर से वैट-20 में दिए गए वार्षिक टैक्स के विवरण में दर्ज डाटा से अलग पाया गया। जिन 19 फर्मों से लेन-देन दिखाया गया, उनमें से कुछ के वैट नंबर तो पहले ही रद्द हो चुके हैं और शेष ने रिटर्न दाखिल नहीं किया या फिर नाममात्र का रिटर्न भरा।
उन्होंने बताया कि पीके एंड कंपनी के मालिक का इसके अलावा दो करोड़ से अधिक का टैक्स भी पेंडिंग चल रहा है। वित्तीय वर्ष 2006-07 का 56.21 लाख, 2008-09 का 49 लाख, 2010-11 का 54.8 लाख और 2012-13 का 56.6 लाख रुपये का टैक्स बकाया है।
जिला भाजपा प्रधान शाम सुंदर अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने जिन फर्मों से परचेज की है, उन्होंने टैक्स अदा नहीं किया होगा। इससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के इशारे पर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। वह इस मामले में डीईटीसी जालंधर के पास अपील करके चुनौती देंगे।
पीके एंड कंपनी पहले भी रही है चर्चा में
जिला भाजपा प्रधान शाम सुंदर अग्रवाल की फर्म पीके एंड कंपनी पहले भी चर्चा में रही है। जब पंजाब में मास्टर मोहन लाल परिवहन मंत्री थे तो उस समय उनके मंत्री वाले लेटर हेड पर पीके एंड कंपनी के ट्रकों को कहीं भी न रोकने के बारे में लिखा हुआ था, जो इनके ट्रक ड्राइवरों के पास थे। जो कहीं भी नाके पर रोके जाने पर वह लेटर पैड दिखा देते थे। यह मामला भी मीडिया में खूब उछला था।