फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Amritsar News ›   Martyr's last rites performed with military honors

सैन्य सन्मान से किया शहीद का अंतिम संस्कार

Sun, 12 Dec 2021 11:03 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Sun, 12 Dec 2021 11:03 PM IST
विज्ञापन
Martyr's last rites performed with military honors
तरनतारन। तमिलनाडु के कुन्नूर में हेलिकॉप्टर हादसे में जान गंवाने वाले नायक गुरसेवक सिंह का रविवार को अंतिम संस्कार किया गया। आर्मी की यूनिफॉर्म पहने 4 साल के गुरफतेह ने जब अपने शहीद पिता की अर्थी को आखिरी सैल्यूट किया तो वहां मौजूद सभी लोगों का कलेजा फट पड़ा। पूरा इलाका भारत माता की जय, गुरसेवक सिंह अमर रहें के नारों से गूंज उठा।
विज्ञापन

गुरफतेह को यह यूनिफॉर्म शहीद पिता ने डेढ़ महीने पहले दिलाई थी। उस समय वे छुट्टी पर आए थे। यही उनका बेटे के लिए आखिरी तोहफा था और यही आखिरी मौका भी था, जब बेटे ने पिता को देखा था। उसके बाद पिता अब आए, वो भी तिरंगे में लिपट कर।
विज्ञापन

तमिलनाडु में हेलिकॉप्टर हादसे में जान गवाने वाले भारतीय सेना के नायक गुरसेवक सिंह का पार्थिव शरीर लेकर रविवार को सेना की टुकड़ी गांव दोदे सोढ़िया पहुंची। जिसे देखते ही ग्रामीणों ने भारत माता की जय, गुरसेवक सिंह अमर रहे के नारे लगाए गए। दोपहर साढ़े 12 बजे के आसपास गुरसेवक सिंह का शव दोदे गांव पहुंचा। वहां पहुंचते ही लोगों ने आर्मी के ट्रक को घेर लिया और शहीद को सलाम करने लगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

गुरसेवक सिंह के घर के मेनगेट पर पिता काबल सिंह अपने बेटे का इंतजार कर रहे थे। पार्थिव शरीर को आर्मी के ट्रक से उतारकर घर में रखा गया तो पत्नी जसप्रीत कौर ने पति के आखिरी दर्शन करने की इच्छा जताई मगर आर्मी अफसरों ने प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए इसकी अनुमति न देने की मजबूरी बताई। इसके बाद शहीद के शव को सम्मान सहित गांव के श्मशान घाट तक ले जाया गया।
इस मौके खेमकरण के विधायक सुखपाल सिंह भुल्लर, डीसी कुलवंत सिंह, पूर्व विधायक विरसा सिंह वल्टोहा, आप के स्वर्ण सिंह धुन्न, गुरसेवक सिंह औलख के अलावा सेना के अधिकारियों ने फूल मालाओं से गुरसेवक सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। श्मशान घाट में आर्मी ने सलामी देते हुए अंतिम क्रियाओं को पूरा करवाया। शहीद गुरसेवक सिंह का गांव के ही श्मशान घाट में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बेटे गुरफतेह ने शहीद पिता को मुखाग्नि दी। इससे पहले शहीद की शवयात्रा निकाली गई। बुजुर्ग पिता काबल सिंह अपनी बहू, बेटों और बेटियों को ढांढस बंधाते नजर आए। उन्होंने शहीद बेटे को हाथ जोड़कर आखिरी नमन भी किया। तीन मासूम बच्चे भी अपने पिता को पुकारते आंसू बहा रहे थे। इस मौके काबल सिंह अपने बेटे के पार्थिव शरीर वाले ताबूत पर लेटकर आवाजें लगाते कह रहे थे कि ‘सेवका तूं बोलदा क्यों नहीं। आह वेख लो लोको मेरा पुत्र आपने देश दे लेखे लग गया।’

सरपंच गुरबाज सिंह ने पंचायत की और से सैनिक नायक गुरसेवक सिंह के पार्थिव शरीर पर चादर चढ़ाई। डीसी कुलवंत सिंह ने कहा कि देश भर को बुरी तरह से झंझोड़ने वाले हादसे को पूरी जिंदगी भुलाया नहीं जा सकता। गुरसेवक सिंह के पार्थिव शरीर को लेकर पहुंची सेना की टुकड़ी ने बताया कि जनरल बिपिन रावत के पीएसओ गुरसेवक सिंह बहुत बहादुर और खुश तबीयत वाले योद्धा थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed