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‘संगत को जवाब देने 7 नवंबर को श्री दरबार साहिब के बाहर पहुंचें लौंगोवाल’
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श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार व पंथक अकाली लहर के मुखिया भाई रंजीत सिंह ने एसजीपीसी अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल को पत्र लिखा है। इस पत्र में लौंगोवाल से कहा है कि वह 7 नवंबर को सुबह 11 बजे सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर सिख संगत व देश-विदेश के मीडिया के समक्ष पेश हों। श्री गुरु ग्रंथ साहिब के लापता 328 पावन स्वरूपों, ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान लापता हुए हस्तलिखित धार्मिक ग्रंथों, एतिहासिक दस्तावेजों व बहुमूल्य खजाने के बारे में लौंगोवाल संगत के कटघरे में खड़े होकर जवाब दें।
भाई रंजीत सिंह ने पत्र में लौंगोवाल को लिखा है कि सिख कौम के बेहतर भविष्य व हित के लिए उनका संगत के समक्ष हाजिर होकर ज्वलंत मुद्दों पर जवाब देना जरूरी है। एसजीपीसी अध्यक्ष व संगत के बीच सीधे संवाद के लिए वह सचखंड के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर जरूर पहुंचेंगे, ऐसी उन्हें उम्मीद है।
भाई रंजीत सिंह ने पत्र में लौंगोवाल पर तंज कसते हुए कहा कि आपके प्रबंधन के दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूपों का घोर अपमान हुआ है। एसजीपीसी के आग्रह पर जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने लापता पवन स्वरूपों के मामले की जांच करर्वाई। जत्थेदार द्वारा करवाई गई जांच में आरोपी पाए गए एसजीपीसी अधिकारियों व कर्मचारियों को राजनीतिक कारणों से बचाने की साजिश रची जा रही है। लौंगोवाल के इस रवैये ने श्री अकाल तख्त साहिब के सम्मान को ठेस पहुंचाई है। इन मुद्दों पर एसजीपीसी के अध्यक्ष होने के नाते संगत को उन्हें जवाब देना होगा।
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भाई रंजीत सिंह ने पत्र में लौंगोवाल को लिखा है कि सिख कौम के बेहतर भविष्य व हित के लिए उनका संगत के समक्ष हाजिर होकर ज्वलंत मुद्दों पर जवाब देना जरूरी है। एसजीपीसी अध्यक्ष व संगत के बीच सीधे संवाद के लिए वह सचखंड के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर जरूर पहुंचेंगे, ऐसी उन्हें उम्मीद है।
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भाई रंजीत सिंह ने पत्र में लौंगोवाल पर तंज कसते हुए कहा कि आपके प्रबंधन के दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूपों का घोर अपमान हुआ है। एसजीपीसी के आग्रह पर जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने लापता पवन स्वरूपों के मामले की जांच करर्वाई। जत्थेदार द्वारा करवाई गई जांच में आरोपी पाए गए एसजीपीसी अधिकारियों व कर्मचारियों को राजनीतिक कारणों से बचाने की साजिश रची जा रही है। लौंगोवाल के इस रवैये ने श्री अकाल तख्त साहिब के सम्मान को ठेस पहुंचाई है। इन मुद्दों पर एसजीपीसी के अध्यक्ष होने के नाते संगत को उन्हें जवाब देना होगा।
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