पंजाब विधानसभा चुनाव: अकाली दल की हार पर बोले श्री अकाल तख्त के जत्थेदार, ये सिख पंथ के लिए चिंता का विषय
जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि सिख समाज में बढ़ रहा जात पात व आपसी नफरत भी सिखों के लिए खतरनाक है। पंजाब की राजनीति में गलत शब्दों का उपयोग बंद होना चाहिए।
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श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि पंजाब विधानसभा चुनाव में अकाली दल की हार सिख कौम के लिए बड़ी चुनौती है। यह हार सिखों की हार है। अकाली दल की हार चिंता का विषय है। दुनिया भर के सिख अकाली दल की हार को लेकर चिंतित हैं। अकाली दल का राजनीति से खत्म होना सिखों के लिए और देश के लिए घातक है। अकाली दल ने देश को अजाद करवाने में बड़ा योगदान दिया है। आज जरूरत इस बात की है कि अकाली दल के सभी ग्रुप एकजुट होकर अकाल तख्त साहिब पर आएं। अकाली दल एक राजनीतिक पार्टी नहीं बल्कि एक सोच है। इस सोच को उभारना समय की जरूरत है। हम सभी को मिल कर अकाली दल को मजबूत बनाने के लिए एकजुट होना होगा।
जत्थेदार ने कहा कि सिख समाज में बढ़ रहा जात पात व आपसी नफरत भी सिखों के लिए खतरनाक है। पंजाब की राजनीति में गलत शब्दों का उपयोग बंद होना चाहिए। अकाली दल को अब अपने पुराने स्वरूप में आने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अकाली दल का जन्म 1920 में श्री अकाल तख्त साहिब पर अरदास के बाद हुआ था। अकाली दल के सभी ग्रुप एकजुट हों और अकाल तख्त साहिब की अगुवाई में मजबूत होकर दिशा निर्देशों पर काम करें। भविष्य में अकाली दल अकाल तख्त साहिब से अगुवाई लेकर चले।