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एसजीपीसी ने माझा, दोआबा,मालवा व हरियाणा में बनाया सेवा जोन
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कोरोना वायरस के कारण लोगों की मदद के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने अपनी सेवाओं को जोन स्तर पर बांट दिया है। एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने अलग-अलग जोन के लिए एसजीपीसी के अधिकारियों और पदाधिकारियों की नियुक्ति की है। एसजीपीसी मुख्यालय तेजा सिंह समुंद्री हाल में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि जब तक यह संकट है, तब तक एसजीपीसी इन सेवाओं को जारी रखेगी।
लौंगोवाल ने कहा कि लंगर सेवा में निरंतरता बनाए रखने के लिए पंजाब को माझा, दोआबा, मालवा के साथ-साथ हरियाणा में भी जोन स्थापित किए गए हैं। माझा जोन के इंचार्ज वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजिंदर सिंह मेहता के साथ एसजीपीसी के चीफ सेक्रेटरी डॉ. रूप सिंह और लौंगोवाल के निजी सचिव महिंदर सिंह के साथ सचिव सुखदेव सिंह भुराकोना होंगे। दोआबा जोन की जिम्मेदारी एसजीपीसी के महासचिव हरजिंदर सिंह धामी, महिंद्र सिंह आहली और सुखमिंदर सिंह के कंधों पर होगी। मालवा जोन की निगरानी गोबिंद सिंह लौंगोवाल खुद करेंगे। उनके साथ परमजीत सिंह, सुखविंदर सिंह ग्रेवाल और दर्शन सिंह रहेंगे।
कथा वाचक व चीफ सेक्रेटरी ने लंगर में 21-21 हजार का योगदान डाला
गोबिंद सिंह लौंगोवाल द्वारा लंगर में योगदान डालने की अपील के बाद कथावाचक ज्ञानी जसवंत सिंह, एसजीपीसी के चीफ सेक्रेटरी डॉ. रूप सिंह ने 21-21 हजार रुपये की राशि का योगदान दिया। अमृतसर निवासी गुरदीप सिंह ने श्री गुरु राम दास लंगर के लिए 50 हजार रुपये की राशि भेंट की।
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लौंगोवाल ने कहा कि लंगर सेवा में निरंतरता बनाए रखने के लिए पंजाब को माझा, दोआबा, मालवा के साथ-साथ हरियाणा में भी जोन स्थापित किए गए हैं। माझा जोन के इंचार्ज वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजिंदर सिंह मेहता के साथ एसजीपीसी के चीफ सेक्रेटरी डॉ. रूप सिंह और लौंगोवाल के निजी सचिव महिंदर सिंह के साथ सचिव सुखदेव सिंह भुराकोना होंगे। दोआबा जोन की जिम्मेदारी एसजीपीसी के महासचिव हरजिंदर सिंह धामी, महिंद्र सिंह आहली और सुखमिंदर सिंह के कंधों पर होगी। मालवा जोन की निगरानी गोबिंद सिंह लौंगोवाल खुद करेंगे। उनके साथ परमजीत सिंह, सुखविंदर सिंह ग्रेवाल और दर्शन सिंह रहेंगे।
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कथा वाचक व चीफ सेक्रेटरी ने लंगर में 21-21 हजार का योगदान डाला
गोबिंद सिंह लौंगोवाल द्वारा लंगर में योगदान डालने की अपील के बाद कथावाचक ज्ञानी जसवंत सिंह, एसजीपीसी के चीफ सेक्रेटरी डॉ. रूप सिंह ने 21-21 हजार रुपये की राशि का योगदान दिया। अमृतसर निवासी गुरदीप सिंह ने श्री गुरु राम दास लंगर के लिए 50 हजार रुपये की राशि भेंट की।
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