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हमें सेना-पीएम पर विश्वास: गांव जहांगीर में पाकिस्तानी मिसाइल के टुकड़े गिरने से फैली थी दहशत, अब हालात बदले
Thu, 15 May 2025 09:51 AM IST
निवेदिता वर्मा
पंकज शर्मा, सीमांत गांव जहांगीर से
पंकज शर्मा, सीमांत गांव जहांगीर से
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 15 May 2025 09:51 AM IST
सार
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की तरफ से पंजाब के कई शहरों पर ड्रोन हमले किए गए थे। इसमें से एक मिसाइल गांव जेठूवाल में गिरी थी। इसी के कुछ हिस्से साथ लगते गांव जहांगीर में भी गिरे थे।
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गांव जहांगीर में चर्चा करते बुजुर्ग
- फोटो : संवाद
विस्तार
भारत-पाक सीमा के पास बसा सीमांत गांव जहांगीर हाल ही में चर्चा में तब आया जब इसके पास के गांव जेठूवाल में पाकिस्तानी मिसाइल का बड़ा हिस्सा गिरा। इसका असर केवल जेठूवाल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके कुछ हिस्से और मलबा गांव जहांगीर में भी आ गिरा। इससे गांव में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया था। हालांकि अब हालात बदल चुके हैं।
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गांव के लोगों का कहना है कि उन्हें भारतीय सेना और प्रधानमंत्री मोदी पर पूरा विश्वास है। उनके होते हुए हमें किसी तरह का डर नहीं है, लेकिन पहले दिन गांव में दहशत व डर का माहाैल जरूर था। गांव के लोग अब धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं। हालांकि डर का एहसास अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इलाके में सुरक्षा बलों की सक्रियता ने लोगों को हिम्मत दी है। यह भरोसा ही उनकी ताकत है।
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गांव के लोगों का कहना है कि उन्हें भारतीय सेना और प्रधानमंत्री मोदी पर पूरा विश्वास है। उनके होते हुए हमें किसी तरह का डर नहीं है, लेकिन पहले दिन गांव में दहशत व डर का माहाैल जरूर था। गांव के लोग अब धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं। हालांकि डर का एहसास अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इलाके में सुरक्षा बलों की सक्रियता ने लोगों को हिम्मत दी है। यह भरोसा ही उनकी ताकत है।
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लोग घरों से बाहर निकलने से भी डरते थे
गांव जहांगीर के निवासी रवेल सिंह ने बताया कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष शुरू होने के कुछ दिनों तक गांव में सन्नाटा छाया रहा। लोग अपने घरों से बाहर निकलने में भी डरते थे। जसविंदर सिंह ने बताया कि जब हमें पता चला कि मिसाइल के कुछ छोटे हिस्से हमारे गांव में भी गिरे है, तब सब लोग घबरा गए थे। बच्चों को बाहर नहीं निकलने दिया जाता था। हर समय एक अनजाना सा डर था।बलविंदर सिंह का कहना था कि उस वक्त पुलिस और सेना के जवारों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में लिया। उन्होंने पूरे क्षेत्र को सुरक्षित कर दिया और गांववासियों को भरोसा दिलाया कि सब कुछ सुरक्षित है। सेना की मौजूदगी ने हमें भरोसा दिया कि हम महफूज हैं। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को संभाला।