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जीएनडीयू और आईसीआईएमपीएसीटीएस कनाडा के बीच खुराक सुरक्षा, जल पांबंधन, बुनियादी ढांचे और जनतक सेहत क्षेत्रों में एमओयू साइन
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अमृतसर। ज्ञान और विविधता स्तर को ऊंचा उठाने और अंतरराष्ट्रीय समझ को उत्साहित करने के लिए भारत और कनाडा की दो संस्थाओं के बीच समझौता हुआ है। गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. जसपाल सिंह संधू और इंडिया-कनाडा सेंटर फॉर इनोवेटिव मल्टीडिस्पलिवनरी पार्टनरशिप टू एक्सलरेट कम्युनिटी ट्रांसफॉरमेशन एंड सस्टेनेबिलिटी कनाडा से डॉ. बरज एस ढाहन ने हस्ताक्षर किए।
जीएनडीयू के वाइस चांसलर डॉ. संधू ने कहा कि आज का दिन भारत और कनाडा के सहयोग के नए दौर की शुरुआत है। यूनिवर्सिटी एक टीम के रूप में गठजोड़ कर भोजन सुरक्षा, जल प्रबंधन, बुनियादी ढांचे और जनतक सेहत क्षेत्रों में भारत-कनाडा के भविष्य को आकार देने में नेतृत्व करेगी। यह पहल शोध और नवीनतम अकादमिक गतिविधियों के लिए विश्व के प्रमुख स्थानों में यूनिवर्सिटी की स्थिति को और मजबूत करेगी। इस समझौते के तहत अलग-अलग शोध अकादमिक गतिविधियों को शामिल किया जाएगा। इनमें फैकलिटी आदान-प्रदान, विद्यार्थी गतिशीलता प्रोग्राम, सहकारी शोध प्रोजेक्टों का विकास और विविधता पूर्वक प्रकाशन द्वारा शोधों का प्रसार शामिल होगा। यह समझौता दो साल के लिए होगा, लेकिन आपसी लिखित सहमति द्वारा इसे बढ़ाया भी जा सकता है।
यूनिवर्सिटी का किया दौरा
डॉ. बरज एस ढाहन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी का दौरा किया। डॉ. ढाहन ने कहा कि दोनों संस्थान मिलकर शोध अकादमिक संबंधी बड़ी शुरुआत करने के लिए काम करेंगे। उन्होंने यूनिवर्सिटी के साथ सहयोग और समझौते के लिए यूनिवर्सिटी इंडस्ट्री लिंकेज सेल के प्रयासों की सराहना की।
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कनाडा के कार्यक्रमों में शामिल होने का मिलेगा मौका
यूनिवर्सिटी लिंकेज प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर डॉ. प्रीत महिंदर सिंह बेदी ने कहा कि यूनिवर्सिटी भारत और कनाडा में विद्यार्थियों के नेतृत्व वाली लीडरशिप प्रोग्राम, वर्कशाप, समर इंस्टीट्यूट और तकनीक प्रदर्शनी प्रोजेक्टों को प्रोत्साहित करने के लिए मिलकर काम करेगी। विद्यार्थियों और फैकल्टी सदस्यों को कनाडा की शैक्षणिक संस्थाओं के कार्यक्रमों में शामिल होने, इंटर्नशिप और उद्यमी ट्रेनिंग के मौके पैदा करने का अवसर मिलेगा। इस अवसर पर अकादमिक मामलों के डीन प्रो. एसएस बहल, रजिस्ट्रार प्रो. करणजीत सिंह काहलों तथा इंटरनेशनल रिलेशन के कोऑर्डिनेटर प्रो. प्रीत महिंदर सिंह बेदी भी मौजूद रहेे।
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जीएनडीयू के वाइस चांसलर डॉ. संधू ने कहा कि आज का दिन भारत और कनाडा के सहयोग के नए दौर की शुरुआत है। यूनिवर्सिटी एक टीम के रूप में गठजोड़ कर भोजन सुरक्षा, जल प्रबंधन, बुनियादी ढांचे और जनतक सेहत क्षेत्रों में भारत-कनाडा के भविष्य को आकार देने में नेतृत्व करेगी। यह पहल शोध और नवीनतम अकादमिक गतिविधियों के लिए विश्व के प्रमुख स्थानों में यूनिवर्सिटी की स्थिति को और मजबूत करेगी। इस समझौते के तहत अलग-अलग शोध अकादमिक गतिविधियों को शामिल किया जाएगा। इनमें फैकलिटी आदान-प्रदान, विद्यार्थी गतिशीलता प्रोग्राम, सहकारी शोध प्रोजेक्टों का विकास और विविधता पूर्वक प्रकाशन द्वारा शोधों का प्रसार शामिल होगा। यह समझौता दो साल के लिए होगा, लेकिन आपसी लिखित सहमति द्वारा इसे बढ़ाया भी जा सकता है।
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यूनिवर्सिटी का किया दौरा
डॉ. बरज एस ढाहन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी का दौरा किया। डॉ. ढाहन ने कहा कि दोनों संस्थान मिलकर शोध अकादमिक संबंधी बड़ी शुरुआत करने के लिए काम करेंगे। उन्होंने यूनिवर्सिटी के साथ सहयोग और समझौते के लिए यूनिवर्सिटी इंडस्ट्री लिंकेज सेल के प्रयासों की सराहना की।
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कनाडा के कार्यक्रमों में शामिल होने का मिलेगा मौका
यूनिवर्सिटी लिंकेज प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर डॉ. प्रीत महिंदर सिंह बेदी ने कहा कि यूनिवर्सिटी भारत और कनाडा में विद्यार्थियों के नेतृत्व वाली लीडरशिप प्रोग्राम, वर्कशाप, समर इंस्टीट्यूट और तकनीक प्रदर्शनी प्रोजेक्टों को प्रोत्साहित करने के लिए मिलकर काम करेगी। विद्यार्थियों और फैकल्टी सदस्यों को कनाडा की शैक्षणिक संस्थाओं के कार्यक्रमों में शामिल होने, इंटर्नशिप और उद्यमी ट्रेनिंग के मौके पैदा करने का अवसर मिलेगा। इस अवसर पर अकादमिक मामलों के डीन प्रो. एसएस बहल, रजिस्ट्रार प्रो. करणजीत सिंह काहलों तथा इंटरनेशनल रिलेशन के कोऑर्डिनेटर प्रो. प्रीत महिंदर सिंह बेदी भी मौजूद रहेे।