अमृतसर: यूक्रेन में फंसे पंजाब के पांच छात्र वतन पहुंचे, कहा- भीषण बमबारी के बीच निकले, रास्ते में सामने आईं कई मुश्किलें
तरनतारन के साजनदीप सिंह काहलों तथा जालंधर के मिलाप सिंह ने बताया कि वे दोनों खारकीव में फंसे थे। रूस की सेना उनकी यूनिवर्सिटी को निशाना बनाकर बमबारी करने लगी थी। दो दिन पहले कर्फ्यू में कुछ ढील मिली तो वे बार्डर के लिए निकल पड़े।
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रूस की ओर से यूक्रेन पर किए हमले के बीच फंसे पंजाब के पांच छात्र गुरुवार की देर सायं भारत लौट आए। इनमें एक अमृतसर जिले की छात्रा, दो छात्राएं मुकेरियां और जालंधर और तरनतारन जिला से एक-एक छात्र शामिल हैं। यह सभी छात्र दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने के बाद फ्लाइट लेकर श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचे, जहां ढोल धमाकों के बीच इनका स्वागत किया गया। एयरपोर्ट पहुंचे परिजनों ने इन पर फूल बरसाए।
अमृतसर के फतेहगढ़ चूड़ियां इलाके की रहने वाली मन्नत शर्मा ने बताया कि यूक्रेन के हालात बहुत खराब हैं। वहां रहते हुए उन्होंने दूसरों की मदद की। बमबारी के दौरान वह एक सब-वे में रुके लोगों के लिए खाना बनाकर ले गई।
बमबारी के बीच उन्होंने बार्डर पर जाने का फैसला लिया और बार्डर पर पहुंचने पर उनसे पूछा गया कि वे लोग क्यों वापस लौट रहे हैं, क्योंकि वे लोग यूक्रेन के मेहमान हैं, यूक्रेनियों से ज्यादा उनकी सुरक्षा का ध्यान रखा जा रहा है।
एयरपोर्ट पहुंची मुकेरियां की गुरलीन कौर और सुगंधा ने बताया कि वे विनीशिया और लविव के रास्ते बार्डर पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि वहां भारत सरकार की ओर से उन्हें या उनके दूसरे साथियों को कोई मदद नहीं की गई, उन्हें खुद ही बार्डर तक आना पड़ा। हालांकि बार्डर पार भारतीय दूतावास के अधिकारी उनकी इंतजार जरूर करते मिले। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को वहां फंसे सभी भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द निकालना चाहिए।
तरनतारन के साजनदीप सिंह काहलों तथा जालंधर के मिलाप सिंह ने बताया कि वे दोनों खारकीव में फंसे थे। रूस की सेना उनकी यूनिवर्सिटी को निशाना बनाकर बमबारी करने लगी थी। दो दिन पहले कर्फ्यू में कुछ ढील मिली तो वे बार्डर के लिए निकल पड़े।
टैक्सी का वहां कोई साधन नहीं मिल पा रहा। 30 से 35 किलोमीटर तक के लिए टैक्सी चालक 100 से 200 डॉलर मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि रूस की सेना वहां के लोगों के साथ-साथ भारतीय छात्रों के साथ भी मारपीट कर रही है। यूक्रेन के हालात रोजाना खराब हो रहे हैं और छात्र बंकरों, रेलवे स्टेशन या अन्य सुरक्षित स्थलों पर छिपकर अपनी जान बचाने के प्रयास कर रहे हैं।
राहत कार्यों में हिस्सा लेने के लिए पीएम व रक्षामंत्री को लिखा पत्र
खेलों से राजनीति में आए आजाद प्रत्याशी संदीप सूर्या ने रूस-यूक्रेन युद्ध दौरान बने गंभीर हालातों के मद्देनजर राहत कार्यों में हिस्सा लेने के लिए देश के पीएम मोदी व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखा है। साथ ही विद्यार्थियों को सकुशल भारत वापस लाने के लिए भारतीय वायुसेना की मदद लेने की बात भी की है। संदीप सूर्या ने कहा कि उन्हें इस युद्ध में राहत कार्यों में भाग लेने की इजाजत दी जाए और अगर हो सके तो राहत कार्यों के लिए गठित टीम में भी उन्हें शामिल किया जाए।
सूर्या ने भारत सरकार को सुझाव देते हुए कहा है कि राहत कार्यों में भारतीय वायुसेना की जल्द से जल्द मदद ली जानी चाहिए। जितने भी विद्यार्थी या भारतीय वहां पर फंसे हैं, उन्हें भारतीय वायुसेना की मदद से यूक्रेन के आसपास के देशों से लाने की व्यवस्था की जानी चाहिए क्योंकि इस संकट की घड़ी में भारतीय वायुसेना से बेहतर कोई विकल्प नहीं है।
यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों की जल्द हो भारत वापसी : डॉ. अमर सिंह
पंजाबी विद्यार्थियों की जल्द वतन वापसी के लिए कांग्रेसी सांसदों के एक समूह ने विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी के साथ मुलाकात कर इन्हें जल्द भारत लाने की अपील की है। विदेश मंत्रालय के दिल्ली स्थित दफ्तर में लोकसभा हलका फतेहगढ़ साहिब से सांसद डॉ. अमर सिंह, लुधियाना के सांसद रवनीत सिंह बिट्टू, खडूर साहिब से जसबीर सिंह डिम्पा, श्री आनंदपुर साहिब से मनीष तिवारी और जालंधर से संतोख सिंह चौधरी पर आधारित समूह ने केंद्रीय विदेश मंत्री को गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द भारतीय विद्यार्थियों की सलामती के लिए बड़े कदम उठाए जाए।