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Amritsar News: किसानों ने सीएमडी पावरकॉम से की बैठक, निजीकरण का विरोध
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब ने बिजली के निजीकरण और अन्य मांगों को लेकर पटियाला में सीएमडी पावरकॉम के साथ बैठक की। इसमें जत्थेबंदी की ओर से राज्य अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सबरा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने बैठक में हिस्सा लिया। सीएमडी पावरकॉम अजय सिन्हा, निदेशक वितरण डॉ. इंद्रपाल सिंह, निदेशक वाणिज्यिक हीरा लाल, प्रमुख बॉर्डर जोन देस राज बांगर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बातचीत हुई।
किसान नेता सुखविंदर ने बताया कि पंजाब और केंद्र सरकार की ओर से बिजली कंपनी के निजीकरण की दिशा में उठाए जा रहे कदमों पर बात करते हुए प्रशासन ने कहा कि सरकार ऐसा नहीं करने जा रही है। बिजली कर्मचारियों की नई भर्ती की मांग पर प्रशासन ने कहा कि जल्द ही स्थायी आधार पर भर्ती की जाएगी और आउटसोर्स कर्मचारियों को भी स्थायी किया जाएगा।
बताया कि आने वाले समय में बड़ी समस्या बनने जा रहे चिप युक्त प्रीपेड मीटरों पर लंबी चर्चा के बाद सीएमडी पावरकॉम ने आश्वासन दिया कि प्रबंधन सरकार से इस नीति पर पुनर्विचार करने के लिए कहेगा। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट कर दिया गया है कि किसी भी हालत में इन मीटरों को लगने नहीं दिया जाएगा, क्योंकि एक तरह से यह बिजली के निजीकरण का रास्ता साफ करेगा। और चूंकि ये मीटर चीन में बन रहे हैं और इंटरनेट के माध्यम से संचालित होंगे, इसलिए इन्हें हैक भी किया जा सकता है और एक तरह से ये राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बन सकते हैं, इनसे हजारों मीटर रीडरों की नौकरियां खत्म हो जाएंगी।
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किसान नेताओं ने कहा कि प्रशासन ने सहमति जताई कि निर्देशानुसार ट्रांसफार्मर चोरी के मामले में संस्था की ओर से ही पुलिस रिपोर्ट करवाई जाएगी। इस संबंध में एक बार फिर सर्कुलर भी जारी किया जाएगा। प्रशासन इस बात पर सहमत है कि आने वाले दिनों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाले बिजली दफ्तरों में उपभोक्ताओं के लिए जरूरी जानकारी पंजाबी भाषा में भी लगाई जाएगी। प्रबंधन कृषि मोटरों के लिए लोड बढ़ाने की स्कीम को बढ़ाकर 1200 रुपये प्रति हॉर्स पावर करने पर विचार करेगा। बिजली कनेक्शन को दूसरे व्यक्ति के नाम पर बदलने की प्रक्रिया को सरल और आसान बनाने की मांग पर प्रशासन ने कहा कि इस पर काम किया जा रहा है। अब कनेक्शन पर एक से ज्यादा मालिक रखने की सुविधा है और आने वाले समय में इसमें और सुधार किया जाएगा।
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अमृतसर। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब ने बिजली के निजीकरण और अन्य मांगों को लेकर पटियाला में सीएमडी पावरकॉम के साथ बैठक की। इसमें जत्थेबंदी की ओर से राज्य अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सबरा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने बैठक में हिस्सा लिया। सीएमडी पावरकॉम अजय सिन्हा, निदेशक वितरण डॉ. इंद्रपाल सिंह, निदेशक वाणिज्यिक हीरा लाल, प्रमुख बॉर्डर जोन देस राज बांगर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बातचीत हुई।
किसान नेता सुखविंदर ने बताया कि पंजाब और केंद्र सरकार की ओर से बिजली कंपनी के निजीकरण की दिशा में उठाए जा रहे कदमों पर बात करते हुए प्रशासन ने कहा कि सरकार ऐसा नहीं करने जा रही है। बिजली कर्मचारियों की नई भर्ती की मांग पर प्रशासन ने कहा कि जल्द ही स्थायी आधार पर भर्ती की जाएगी और आउटसोर्स कर्मचारियों को भी स्थायी किया जाएगा।
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बताया कि आने वाले समय में बड़ी समस्या बनने जा रहे चिप युक्त प्रीपेड मीटरों पर लंबी चर्चा के बाद सीएमडी पावरकॉम ने आश्वासन दिया कि प्रबंधन सरकार से इस नीति पर पुनर्विचार करने के लिए कहेगा। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट कर दिया गया है कि किसी भी हालत में इन मीटरों को लगने नहीं दिया जाएगा, क्योंकि एक तरह से यह बिजली के निजीकरण का रास्ता साफ करेगा। और चूंकि ये मीटर चीन में बन रहे हैं और इंटरनेट के माध्यम से संचालित होंगे, इसलिए इन्हें हैक भी किया जा सकता है और एक तरह से ये राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बन सकते हैं, इनसे हजारों मीटर रीडरों की नौकरियां खत्म हो जाएंगी।
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किसान नेताओं ने कहा कि प्रशासन ने सहमति जताई कि निर्देशानुसार ट्रांसफार्मर चोरी के मामले में संस्था की ओर से ही पुलिस रिपोर्ट करवाई जाएगी। इस संबंध में एक बार फिर सर्कुलर भी जारी किया जाएगा। प्रशासन इस बात पर सहमत है कि आने वाले दिनों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाले बिजली दफ्तरों में उपभोक्ताओं के लिए जरूरी जानकारी पंजाबी भाषा में भी लगाई जाएगी। प्रबंधन कृषि मोटरों के लिए लोड बढ़ाने की स्कीम को बढ़ाकर 1200 रुपये प्रति हॉर्स पावर करने पर विचार करेगा। बिजली कनेक्शन को दूसरे व्यक्ति के नाम पर बदलने की प्रक्रिया को सरल और आसान बनाने की मांग पर प्रशासन ने कहा कि इस पर काम किया जा रहा है। अब कनेक्शन पर एक से ज्यादा मालिक रखने की सुविधा है और आने वाले समय में इसमें और सुधार किया जाएगा।