फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Amritsar News ›   Drug smuggling by taking land on contract near border in Punjab

Exclusive: पंजाब में बाॅर्डर के पास ठेके पर जमीन लेकर की जा रही नशा तस्करी, प्रति एकड़ 70 हजार तक रेट

Wed, 27 Nov 2024 07:45 AM IST
निवेदिता वर्मा पंकज शर्मा, संवाद, अमृतसर (पंजाब)
पंकज शर्मा, संवाद, अमृतसर (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 27 Nov 2024 07:45 AM IST
सार

अमृतसर के बाॅर्डर एरिया में गुप्तचर एजेंसियों ने नौ गांवों को नशा तस्करी के लिहाज से संवेदनशील घोषित किया है। इनमें गांव मुहावा, धनोया खुर्द, कक्कड़ नेष्टा, दाउके, राजाताल, धनोया कलां, हवेरियां, नौशहरा ढाला और रत्न खुर्द शामिल हैं। यहां सबसे अधिक ड्रोन बरामद हुए हैं।

विज्ञापन
Drug smuggling by taking land on contract near border in Punjab
अमृतसर में भारत पाक बाॅर्डर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सर्दी का मौसम शुरू होने और धुंध बढ़ने के साथ ही पंजाब में भारत-पाकिस्तान की सीमा पर नशा तस्करी की घटनाएं बढ़ गई हैं। सीमा पार बैठे तस्कर धुंध का लाभ उठा कर ड्रोन से नशीले पदार्थ और हथियार भारतीय क्षेत्र में भेज रहे हैं। गुप्तचर एजेंसियों ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया है कि पाकिस्तानी तस्कर छोटे आकार के ड्रोन भेजने की योजना बना रहे हैं। 

विज्ञापन


वहीं, सुरक्षा एजेंसियों को यह भी इनपुट मिला है कि सीमावर्ती पंजाब के गांवों में कुछ तस्करों ने कंटीली तार के आसपास खेती के लिए ठेके पर जमीन ली है। इसके लिए हर साल प्रति एकड़ 40 से 70 हजार रुपये का भुगतान किया जा रहा है। कई मामलों में बिना लिखित ठेका किए किसानों से साठगांठ कर ली जाती है। यहां से तस्करी का पूरा खेल चलता है।

विज्ञापन

ऐसे चलता है तस्करी का खेल

फोन के माध्यम से पंजाब या विदेश में बैठे तस्कर पाकिस्तान में बैठे तस्करों से संपर्क करते हैं और वे ड्रोन के माध्यम से निर्धारित जगह पर हेरोइन व हथियार डिलीवर करते हैं। इसके बाद सीमावर्ती गांवों में बैठे पैडलर नशे व हथियारों की खेप लेकर इसे पंजाब व देश के अन्य राज्यों तक पहुंचाते हैं। अब सुरक्षा एजेंसियां लीज पर भूमि लेने के मामले की जांच शुरू कर दी है। जनवरी 2024 से अब तक बॉर्डर एरिया में 11 माह में 245 के करीब ड्रोन पकड़े जा चुके हैं।

गुप्तचर विभाग ने इनपुट दिया है कि कुछ तस्करों ने सीमांत क्षेत्र के किसानों के साथ गठजोड़ किया है, ताकि उनके खेतों में गिरने वाली किसी भी खेप को वह आसानी से ठिकाने लगा सकें। यहां ठेके पर जमीन लेने का मकसद खेती करना नहीं, बल्कि इसकी आड़ में नशा तस्करी करना है। हाल में ही में खेती की आड़ में नशा तस्करी करने वाले एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया था।

एंटी ड्रोन सिस्टम को भी दे रहे चकमा 

जनवरी 2024 से अब तक तक बाॅर्डर पर बीएसएफ और पंजाब पुलिस के संयुक्त अभियान में 245 ड्रोन पकड़े जा चुके हैं। पिछले वर्ष भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने 109 ड्रोन कब्जे में लिए थे। धुंध होने के कारण कई बार पाकिस्तान की तरफ से भेजे गए ड्रोन एंटी ड्रोन सिस्टम की रेंज में नहीं आते। नौ गांवों मुहावा, धनोया खुर्द, कक्कड़ नेष्टा, दाउके, राजाताल, धनोया कलां, हवेरियां, नौशहरा ढाला और रत्न खुर्द से अधिक ड्रोन बरामद हुए हैं।

विज्ञापन

बीएसएफ और पंजाब पुलिस ने तेज किया सर्च अभियान

गुप्तचर एजेंसियों के इनपुट के बाद बीएसएफ और पंजाब पुलिस ने सीमावर्ती गांवों में सर्च अभियान तेज कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियों को काफी सफलता भी मिल रही है। पिछले डेढ़ माह में ही सुरक्षा एजेंसियों ने 80 के करीब ड्रोन पकड़ कर भारी मात्रा में नशीले पदार्थ और हथियार कब्जे में लिए हैं। अमृतसर ग्रामीण के एसएसपी चरणजीत सिंह का कहना है कि सीमावर्ती गांवों में सुरक्षा प्रबंध सख्त किए गए हैं। बीएसएफ के साथ मिल कर ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। ठेके पर जमीन लेकर नशा तस्करी करने के मामले की भी जांच की जा रही है। ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed